Akola News: आषाढ़ी एकादशी पर अकोला में गूंजा विठ्ठल नाम, गजर विठूचा कार्यक्रम में उमड़े श्रद्धालु
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सार
Gajar Vithucha Program: आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर अकोला के शुभमंगल कार्यालय में गजर विठूचा कार्यक्रम आयोजित किया गया। विठ्ठल नामस्मरण से श्रद्धालु भक्तिमय वातावरण में डूबे रहे।

गजर विठूचा कार्यक्रम- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
विस्तार
Akola Vitthal Bhakti: आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर पंढरपुर नहीं पहुंच पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्थानीय गोरक्षण रोड स्थित शुभमंगल कार्यालय में गजर विठूचा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पिछले पांच वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर विठ्ठल नामस्मरण का लाभ लिया। कार्यक्रम में प्रवचन देते हुए हभप संतोष महाराज पिसे ने कहा कि विठ्ठल नाम का नित्य जप ही मनुष्य के जीवन का सच्चा आधार है।
उन्होंने कहा कि विठ्ठल नाम जप का नित्यक्रम ही पतितों के उद्धार का मार्ग है। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान विठ्ठल के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। हभप सुमित देशमुख महाराज एवं हभप संतोष महाराज पिसे के हाथों से शशीकांत भरतिया, ब्रिजमोहन भरतिया, दीपक भरतिया तथा विठ्ठल नाम जप परिवार के सदस्यों ने भगवान पांडुरंग का विधिवत पूजन किया।
गोरक्षण रोड पर गूंजा विठ्ठल नाम
इस अवसर पर महापौर शारदा खेडकर, रणजीत खेडकर, मनपा आयुक्त सुनील लहाने एवं अश्विनी लहाने, दीपक भरतिया, नीता भरतिया, शशिकांत भरतिया, ब्रिजमोहन भरतिया, गजानन भगत, स्मिता भगत, सुनील मापारी, उज्ज्वला मापारी, अनिल बिडवे एवं माधुरी बिडवे तथा हिम्मत शिरेकर एवं पद्मा शिरेकर के हाथों हभप संतोष महाराज पिसे तथा वारकरी संप्रदाय के सदस्यों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना कल्याणी पवित्रकार ने प्रस्तुत की।
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उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों से समविचारी विठ्ठल भक्तों के अथक प्रयास तथा भरतिया परिवार द्वारा शुभमंगल कार्यालय उपलब्ध कराने के सहयोग से यह आयोजन निरंतर सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन धनंजय मिश्रा एवं गणेश बोरकर ने किया।
पांच वर्षों से जारी है गजर विठूचा आयोजन
कार्यक्रम में कमल अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल, सुरेश खंडेलवाल, हरिचंद्र पिसे, राजू पिसे, संजय पिसे, बबन राठोड, गोपाल जाधव, भगत, नितिन देशमुख, रूपेश मावलकर, सुभाष बेले, मंगला बेले, संतोष सरोदे, श्रीराम येवतकर, जय ठोसर, शेखर शेलके, श्रावण फाले, टुली जीवतरामानी, दिलीप काबरा, विनय खेर्डे, रवि विसपुते, जिजा जानोरकर, भक्तराज, ज्योति गावंडे, मनोज ठाकरे, शेषराव शिंदे तथा रूपेश भोलनकर सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलापुरुष एवं बाल श्रद्धालु उपस्थित रहे।
