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इलाहाबाद विश्वविद्यालय को केंद्र सरकार की PhD योजना का तोहफा, छात्र को मिलेंगे 61 हजार रु प्रति माह

September 8, 2026

Sep 08, 2026 10:46 am ISTलाइव हिन्दुस्तान, कार्यालय संवाददाता, प्रयागराज

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने शोध और नवाचार के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (माइटी) ने विश्वेश्वरैया पीएचडी योजना-चरण दो के तहत विश्वविद्यालय को लगातार दूसरे वर्ष पीएचडी सीट प्रदान की है।

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पीएचडी

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने शोध और नवाचार के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (माइटी) ने विश्वेश्वरैया पीएचडी योजना-चरण दो के तहत विश्वविद्यालय को लगातार दूसरे वर्ष पीएचडी सीट प्रदान की है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्चस्तरीय शोध को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय को 42.05 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इससे सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट ट्रांसपोर्टेशन और साइबर सिक्योरिटी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में शोध को गति मिलेगी। इविवि के जेके इंस्टीट्यूट के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नीलेश आनंद को योजना का नोडल अधिकारी बनाया गया था। कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कहा कि विश्वविद्यालय अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में शोध के माध्यम से ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य में प्रभावी योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

पिछले वर्ष तीन का प्रवेश

पिछले वर्ष योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन विभाग में तीन शोधार्थियों ने प्रवेश लिया था। आदित्य रंजन प्रो. आशीष खरे के निर्देशन में एआई आधारित सड़क परिवहन सुरक्षा पर, वीरेंद्र कुमार डॉ. नीलेश आनंद के निर्देशन में सेमीकंडक्टर डिजिटल ट्विन, अल्ट्रा-लो-पावर सेंसर और एआई आधारित सेंसर डिजाइन पर तथा सूबेदार सिंह डॉ. सुधाकर सिंह के निर्देशन में एआई और मशीन लर्निंग आधारित स्मार्ट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम पर शोध कर रहे हैं।

शोधार्थियों को मिलेगी आकर्षक फेलोशिप

योजना के तहत चयनित शोधार्थी को पहले दो वर्षों तक एचआरए सहित 53,650 रुपये प्रतिमाह और अगले तीन वर्षों तक 60,900 रुपये प्रतिमाह पीएचडी फेलोशिप मिलेगी। इसके अलावा संस्थान को 1.25 लाख रुपये इंस्टीट्यूशनल ओवरहेड और शोध संबंधी खर्चों के लिए 1.20 लाख रुपये प्रतिवर्ष की सहायता मिलेगी। योजना के तहत शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शोध का अवसर भी मिलेगा। चयनित शोधार्थी विदेश की प्रयोगशाला में अधिकतम छह माह तक शोध कर सकेंगे। इस दौरान 1.50 लाख रुपये प्रतिमाह फेलोशिप के साथ वीजा और यात्रा संबंधी सहायता का प्रावधान है। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भागीदारी के लिए भी प्रत्येक शोधार्थी को 1.50 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पीएचडी दाखिले के लिए आवेदन शुरू, 959 सीटें, UGC NET अनिवार्य

शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय पीएचडी की 959 सीटों पर प्रवेश देगा। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अंतिम तिथि 25 सितंबर है। 470 सीटें विश्वविद्यालय परिसर जबकि 489 संघटक महाविद्यालयों में हैं। कुल 49 विषयों में से चार में शून्य सीटें हैं। यानी 45 विषयों में प्रवेश दिया जाएगा। रसायन विज्ञान में सर्वाधिक 84 सीटें हैं। कामर्स एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में 75, भौतिकी में 74, विधि में 56, हिंदी में 50, शिक्षा, अंग्रेजी और दर्शनशास्त्र में 45-45 सीटें हैं। प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व में 43, गणित 34, कंप्यूटर साइंस 28, अर्थशास्त्र 27, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में 23 जबकि जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में चार सीटें हैं। संघटक महाविद्यालयों की 489 सीटों में से सर्वाधिक 203 इलाहाबाद डिग्री कॉलेज में है। इनमें भी सर्वाधिक 38 सीटें विधि में हैं। सीएमपी में 89, एसएस खन्ना 46 और जगत तारन में 36 सीटें हैं।

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay

पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।

15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि

भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।

विजन

तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।

विशेषज्ञता

तमाम तरह की सरकारी भर्तियां, परीक्षाएं व उनके परिणाम
स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, कोर्स, एडमिशन से जुड़े विषय
बोर्ड रिजल्ट लाइव कवरेज और शिक्षा एवं रोजगार जगत संबंधी ब्रेकिंग
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यूपीएससी, जेईई मेन व नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के टॉपरों के इंटरव्यू
छात्रों के ज्ञान के लिए रिसर्च बेस्ड और एक्सप्लेनर स्टोरी

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