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Personal Loan Interest Rate: 5 लाख के लोन पर कितनी बनेगी EMI? सितंबर में इन बैंकों की ब्याज दरें जानें

September 18, 2026

Personal Loan Interest Rate: 5 लाख के लोन पर कितनी बनेगी EMI? सितंबर में इन बैंकों की ब्याज दरें जानें

अचानक आने वाली आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्सनल लोन लेना आज आम बात हो गई है। इस तरह के लोन में आमतौर पर किसी संपत्ति को गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती और पात्रता पूरी होने पर प्रक्रिया भी अपेक्षाकृत आसान हो सकती है। हालांकि, पर्सनल लोन लेने से पहले सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि बैंक कितनी रकम दे रहा है। ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और दूसरे शुल्कों की जानकारी लेना भी बेहद जरूरी है।
सितंबर 2026 में अलग-अलग बैंकों की पर्सनल लोन ब्याज दरों में अंतर देखने को मिल रहा है। उपलब्ध दरों के मुताबिक कुछ बैंकों में ब्याज दर 8.75 फीसदी सालाना से शुरू हो रही है, जबकि कई बड़े निजी बैंकों में शुरुआती दर करीब 9.99 फीसदी है।
5 लाख रुपये के लोन पर कितनी बनेगी EMI?
मान लीजिए आप 5 लाख रुपये का पर्सनल लोन पांच साल यानी 60 महीने की अवधि के लिए लेते हैं। अगर ब्याज दर 8.75 फीसदी सालाना है, तो घटती ब्याज दर के आधार पर आपकी मासिक EMI करीब 10,319 रुपये हो सकती है।
वहीं, अगर यही लोन 9.99 फीसदी की ब्याज दर पर मिलता है, तो पांच साल के लिए EMI करीब 10,621 रुपये प्रति माह होगी।
यानी ब्याज दर में अंतर छोटा दिखाई दे सकता है, लेकिन पूरी लोन अवधि में आपकी कुल ब्याज लागत पर इसका असर पड़ता है।


सितंबर 2026 में इन बैंकों की पर्सनल लोन दरें
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक विभिन्न बैंकों की शुरुआती या ब्याज दरों की रेंज इस तरह है:
बैंक    पर्सनल लोन ब्याज दर
बैंक ऑफ महाराष्ट्र    8.75% से 13.55%
HSBC बैंक    9.75% से शुरू
एक्सिस बैंक    9.99% से शुरू
HDFC बैंक    9.99% से शुरू
ICICI बैंक    9.99% से शुरू
IDFC FIRST बैंक    9.99% से शुरू
कोटक महिंद्रा बैंक    9.99% से शुरू
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया    10% से शुरू
बैंक ऑफ बड़ौदा    10.15% से 18%
इंडसइंड बैंक    10.35% से शुरू
ध्यान रखें कि बैंक की विज्ञापित शुरुआती ब्याज दर हर ग्राहक को मिलना जरूरी नहीं है। वास्तविक ब्याज दर ग्राहक की प्रोफाइल, क्रेडिट हिस्ट्री, आय, रोजगार, लोन अवधि और बैंक के नियमों के आधार पर अलग हो सकती है।
सिर्फ ब्याज दर देखकर पर्सनल लोन न लें
पर्सनल लोन की वास्तविक लागत केवल ब्याज दर से तय नहीं होती। बैंक लोन प्रोसेस करते समय प्रोसेसिंग फीस के अलावा कुछ अन्य शुल्क भी ले सकते हैं। इसके अलावा लोन को समय से पहले बंद करने या आंशिक भुगतान करने पर भी कुछ मामलों में शुल्क लागू हो सकता है।
प्रोसेसिंग फीस बैंक और लोन प्रोडक्ट के अनुसार अलग-अलग हो सकती है और यह लोन राशि के 1%, 2%, 3.5% या अन्य निर्धारित दर पर हो सकती है।
इसलिए लोन लेने से पहले केवल सबसे कम ब्याज दर को देखकर फैसला करने के बजाय कुल भुगतान, EMI, प्रोसेसिंग फीस, GST और अन्य लागू शुल्कों की जानकारी जरूर लें।
अपनी EMI क्षमता का भी रखें ध्यान
पर्सनल लोन लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि हर महीने बनने वाली EMI आपकी आय और मौजूदा खर्चों के हिसाब से आराम से चुकाई जा सकती है या नहीं। कम EMI के लिए बहुत लंबी अवधि चुनने पर मासिक बोझ कम हो सकता है, लेकिन पूरी अवधि में ब्याज का भुगतान बढ़ सकता है।
इसलिए बैंक की ब्याज दर के साथ-साथ लोन की अवधि और कुल लागत की तुलना करने के बाद ही पर्सनल लोन लेने का फैसला करना बेहतर है।

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