पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की सेहत को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जेल में बंद इमरान खान को इलाज और मेडिकल जांच के लिए इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया। अदालत ने अधिकारियों को यह प्रक्रिया 48 घंटे के भीतर पूरी करने को कहा है।
इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उनकी पार्टी और परिवार लंबे समय से उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताते रहे हैं और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग करते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश इन्हीं मांगों के बीच आया है।
48 घंटे के भीतर अस्पताल भेजने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इमरान खान को अदियाला जेल से शिफ्ट कर शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाए। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें अगली सुनवाई तक अस्पताल में रखने का निर्देश दिया गया है और अदालत ने उनकी मेडिकल स्थिति की विस्तृत जांच के लिए विशेषज्ञों का मेडिकल बोर्ड बनाने को भी कहा है।
मेडिकल बोर्ड में अलग-अलग विशेषज्ञों के साथ इमरान खान के निजी चिकित्सक को भी शामिल किया जाना है। इसका उद्देश्य उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति का व्यापक आकलन करना और उपचार की आगे की दिशा तय करना है।
परिवार से मुलाकात का भी अधिकार
अदालत ने इमरान खान की परिवार से मुलाकात और संपर्क से जुड़े निर्देश भी दिए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, अस्पताल में इलाज के दौरान परिवार के सदस्यों से साप्ताहिक मुलाकात की अनुमति देने का निर्देश दिया गया है। उनके बेटों से फोन पर बातचीत की व्यवस्था को लेकर भी अदालत ने निर्देश दिए हैं।
इमरान खान की बहनों की ओर से भी लंबे समय से उनसे मुलाकात और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी हासिल करने की मांग की जाती रही है। अदालत के आदेश में परिवार की पहुंच को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश सामने आए हैं।
स्वास्थ्य को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार सवाल उठते रहे हैं। उनके परिवार और वकीलों ने विशेष रूप से उनकी दाहिनी आंख की रोशनी को लेकर चिंता जताई थी। दूसरी ओर, जेल प्रशासन की ओर से हाल में उनकी आंखों की स्थिति में सुधार का दावा किया गया था। दोनों पक्षों के दावों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने विस्तृत मेडिकल जांच का रास्ता चुना है।
अदालत के सामने पेश की गई मेडिकल जानकारी में रक्तचाप, तनाव, बेचैनी, तेज धड़कन और सिरदर्द जैसी शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, हालिया जांच के दौरान उनका ब्लड प्रेशर 140/100 mmHg दर्ज किया गया था।
PTI ने फैसले का किया स्वागत
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इमरान खान की पार्टी PTI ने स्वागत किया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि अस्पताल में इलाज का फैसला पहले ही लिया जाना चाहिए था। पार्टी की ओर से इमरान खान की सेहत को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जा रही थी।
इमरान खान की गिरफ्तारी और उसके बाद की कानूनी कार्रवाई पाकिस्तान की राजनीति में लगातार बड़ा मुद्दा बनी हुई है। वह 2023 से जेल में हैं और उनके खिलाफ कई कानूनी मामले चल चुके हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी कई मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं, जबकि पाकिस्तान के अधिकारियों और अदालतों में मामलों की अपनी कानूनी प्रक्रिया रही है।
16 सितंबर तक अस्पताल में रहने का आदेश
रिपोर्टों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत इमरान खान को अस्पताल में उपचार के लिए रखा जाना है और फिलहाल यह व्यवस्था 16 सितंबर तक जारी रहने की बात सामने आई है। इस दौरान मेडिकल बोर्ड उनकी स्थिति की निगरानी करेगा और उपचार से जुड़ी रिपोर्ट अदालत के सामने रखी जा सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम को इमरान खान के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उनकी कानूनी स्थिति और जेल से जुड़े मामले इस आदेश से समाप्त नहीं होते। फिलहाल अदालत का मुख्य फोकस उनकी चिकित्सा देखभाल, मेडिकल जांच और परिवार से संपर्क सुनिश्चित करने पर है।
नोट: यह खबर 18 अगस्त 2026 को सामने आई रिपोर्टों पर आधारित है। इमरान खान की मेडिकल स्थिति और अस्पताल में भर्ती से जुड़ी जानकारी आगे की चिकित्सकीय रिपोर्ट और अदालत के निर्देशों के साथ बदल सकती है।
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