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जश्न-ए-इंकलाब में नियम तोड़ने पर घिरी पंजाब सरकार: PAC का आरोप-PAU में सिंगल यूज प्लास्टिक इस्तेमाल; NGT ने बनाई जॉइंट कमेटी - Ludhiana News

October 16, 2026

पंजाब सरकार पर लुधियाना स्थित पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) में आयोजित 'जश्न-ए-इंकलाब' समारोह में प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल करने का आरोप लगा और अब इस मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है।

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पब्लिक एक्शन कमेटी (PAC) की याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के अधिकारियों की एक जॉइंट कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं।

NGT ने कमेटी को तीन महीने के भीतर निष्पक्ष जांच पूरी कर दोषी पाए जाने वालों पर एनवायर्नमेंटल कंपनसेशन सहित दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पीएसी के सदस्य जानकारी देते हुए।

पीएसी के सदस्य जानकारी देते हुए।

एनजीटी के आदेश में क्या कहा है जानिए...

  • जॉइंट कमेटी का गठन: ट्रिब्यूनल ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सदस्य सचिव के प्रतिनिधि और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के सदस्य सचिव के प्रतिनिधि की एक जॉइंट कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं।
  • नोडल एजेंसी की जिम्मेदारी: NGT ने तय किया है कि PPCB के सदस्य सचिव का प्रतिनिधि इस जॉइंट कमेटी के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। वो ही कमेटी की रिपोर्ट को कंपाइल करके एनजीटी को देगा।
  • जमीनी स्तर पर जांच: याचिकाकर्ता पब्लिक एक्शन कमेटी अपनी शिकायत और उससे जुड़े सभी सबूत CPCB और PPCB के सदस्य सचिवों को सौंपेंगे। इसके बाद समिति इन आरोपों की धरातल पर जांच करेगी कि क्या कार्यक्रम में सिंगल-यूज प्लास्टिक के नियमों का उल्लंघन हुआ था।
  • कड़ी व दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश: यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो समिति को उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ उचित सुधारात्मक और दंडात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है, जिसमें पर्यावरणीय मुआवजा वसूलना भी शामिल है।
  • 3 महीने की समयावधि: ट्रिब्यूनल ने इस पूरी प्रक्रिया और कार्रवाई को याचिकाकर्ता से शिकायत मिलने की तारीख से तीन महीने के भीतर पूरा करने का आदेश दिया है। कमेटी की कार्रवाई की रिपोर्ट ईमेल के माध्यम से NGT के रजिस्ट्रार जनरल को भेजी जाएगी। यदि आवश्यक समझा गया, तो मामले को आगे विचार के लिए बेंच के सामने फिर से सूचीबद्ध किया जा सकता है।
समारोह के दौरान यूज किया गया प्लास्टिक का सामान।

समारोह के दौरान यूज किया गया प्लास्टिक का सामान।

PAU समारोह में प्लास्टिक इस्तेमाल

पब्लिक एक्शन कमेटी ने एनजीटी में दायर याचिका में कहा कि पंजाब सरकार ने 28 सितंबर 2026 को लुधियाना के PAU परिसर में बड़े स्तर पर 'जश्न-ए-इंकलाब' कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस राज्य स्तरीय सरकारी समारोह में प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों का खुलकर इस्तेमाल किया गया।

12 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान PAC के प्रतिनिधि इंजीनियर कपिल अरोड़ा ने कोर्ट के समक्ष जियो-कोऑर्डिनेट्स और तारीखों वाली डिजिटल तस्वीरें सबूत के तौर पर पेश कीं। सुनवाई के बाद अब एनजीटी ने सीपीसीबी और पीपीसीबी की जॉइंट कमेटी बनाकर जांच करने के आदेश दिए हैं।

आम लोगों पर कार्रवाई तो सरकार पर क्यों नहीं?

PAC की याचिका में कहा गया कि समारोह के दौरान प्लास्टिक के गिलास, प्लेटें, कैरी बैग, स्ट्रॉ और प्लास्टिक के चम्मच जैसी पूरी तरह प्रतिबंधित वस्तुओं की आपूर्ति और उपयोग किया गया। पीएसी के कपिल अरोड़ा का कहना है कि जब आम नागरिकों, छोटे दुकानदारों और कारोबारियों पर पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाया जाता है, तो सरकारी आयोजनों में कानून की अनदेखी क्यों की गई?

कमेटी का कहना है कि पर्यावरण सुरक्षा के नियम और कानून शासन-प्रशासन समेत देश के हर नागरिक पर समान रूप से लागू होने चाहिए। NGT के इस आदेश के बाद अब अधिकारियों की जवाबदेही तय होना तय माना जा रहा है।