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Ola इलेक्ट्रिक को 336 करोड़ रुपये का नुकसान, सुस्त पड़ा है शेयर, ₹45 से कम भाव

August 7, 2026

Aug 07, 2026 09:07 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • ओला इलेक्ट्रिक को जून तिमाही के दौरान 336 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह नुकसान 428 करोड़ रुपये था
शुक्रवार को ओला इलेक्ट्रिक के शेयर सुस्त नजर आए

1 दिन में 10% उछला ओला का स्टॉक

Ola electric share: ओला इलेक्ट्रिक ने 30 जून को खत्म हुई पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही के दौरान कंपनी को 336 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह नुकसान 428 करोड़ रुपये था। वहीं, ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 45% घटकर 455 करोड़ रुपये रह गया, जो पहले 828 करोड़ रुपये था। इस बीच, शुक्रवार को ओला इलेक्ट्रिक के शेयर सुस्त नजर आए। इस शेयर की कीमत अभी बीएसई पर 41.07 रुपये है। शेयर पर अब सोमवार को निवेशकों की नजर रहेगी।

रीस्ट्रक्चरिंग के बाद परफॉर्मेंस में सुधार

बता दें कि पिछले साल रीस्ट्रक्चरिंग के बाद इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली इस कंपनी की परफॉर्मेंस में तेजी से सुधार हुआ है। मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 265 करोड़ रुपये था, जो अब 72% बढ़कर 455 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं, नेट लॉस 500 करोड़ रुपये से कम हुआ है। गाड़ियों की डिलीवरी लगभग दोगुनी होकर 39,192 यूनिट हो गई, रजिस्ट्रेशन में तिमाही-दर-तिमाही 97% की बढ़ोतरी हुई।

वहीं, कंपनी का मार्केट शेयर पिछली तिमाही के 5.1% से बढ़कर 8.4% हो गया। ग्रॉस मार्जिन की बात करें तो 30.5% रहा। एडजस्टेड ऑपरेटिंग एबिट पिछली तिमाही के नेगेटिव 326 करोड़ रुपये से सुधरकर नेगेटिव 195 करोड़ रुपये हो गया, जबकि ऑपरेटिंग EBITDA नेगेटिव 281 ​​करोड़ रुपये से सुधरकर नेगेटिव 165 करोड़ रुपये हो गया।

क्या कहा कंपनी के प्रवक्ता ने?

ओला इलेक्ट्रिक के प्रवक्ता ने कहा, "FY27 की पहली तिमाही उन बदलावों को दिखाती है जो FY26 में रीसेट के दौरान किए गए थे और अब ठोस बिजनेस नतीजों में बदल रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि सेल्स, रजिस्ट्रेशन, फुलफिलमेंट, सर्विस और बैटरी R&D में AI-बेस्ड प्रोसेस ने कंपनी को कम लागत पर अपना दायरा बढ़ाने में मदद की है। तिमाही के दौरान ओला ने 780 करोड़ रुपये का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट पूरा किया। इसे 56% ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत हो गई।

कंपनी ने कहा कि वह अपने डीलर-बेस्ड डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल का विस्तार जारी रखेगी। तिमाही के दौरान, ऑपरेटिंग खर्च पिछली तिमाही के 428 करोड़ रुपये से घटकर 333 करोड़ रुपये हो गया। ओला ने कहा कि वह अपने तिमाही ऑपरेटिंग खर्च को लगभग 300 करोड़ रुपये के स्थिर स्तर पर लाने की राह पर है और उम्मीद है कि डिलीवरी बढ़ने के साथ ऑपरेटिंग लेवरेज में सुधार होगा।ब

हाल ही में ओला इलेक्ट्रिक ने देशभर में अपने सेल और सर्विस नेटवर्क को डीलर पार्टनर्स के लिए खोलने की घोषणा की। यह कदम कंपनी की बाजार रणनीति में बड़ा बदलाव है। बता दें कि कंपनी ने पांच साल पहले अपना पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश किया था।