business-finance

NSE के IPO में शेयर बेचेंगी 5 सरकारी इंश्योरेंस कंपनियां, मिलेगा बंपरमुनाफा!

September 7, 2026

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का मच अवेटेड आईपीओ देश की पांच बड़ी सरकारी बीमा कंपनियों के लिए कुबेर का खजाना साबित होने वाला है. कई साल पहले सिर्फ 6.8 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली इन कंपनियों को अब हजारों करोड़ का बंपर मुनाफा मिलने जा रहा है. ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक 1800 रुपये प्रति शेयर की संभावित कीमत पर ये सरकारी इंश्योरेंस कंपनियां करीब 7200 करोड़ रुपये जुटा सकती हैं. ये भारी मुनाफा इन कंपनियों के वित्तीय स्वास्थ्य को पूरी तरह बदल कर रख देगा.

इन 5 सरकारी कंपनियों की चमकेगी किस्मत

जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, न्यू इंडिया एश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया के साथ ओरिएंटल इंश्योरेंस NSE की शुरुआती निवेशकों में शामिल रही हैं. जब 1994 में एक्सचेंज खुला था, तब इन्होंने मामूली निवेश किया था. अब इस प्रस्तावित आईपीओ के जरिए ये पांचों कंपनियां अपने 40 मिलियन (4 करोड़) शेयर बेचने जा रही हैं. बिक्री के बाद इन कंपनियों की कुल हिस्सेदारी 6.7 प्रतिशत से घटकर 5.1 प्रतिशत रह जाएगी. चूंकि ये पूरा आईपीओ ऑफर फॉर सेल (OFS) है, इसलिए पैसे सीधे शेयर बेचने वाले निवेशकों की जेब में जाएंगे, न कि एक्सचेंज के पास.

सबसे बड़े हिस्सेदार LIC का फैसला

मार्केट में इस समय भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के पास NSE की सबसे बड़ी 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी है. LIC के पास कुल 265.28 मिलियन शेयर हैं. हालांकि LIC इस आईपीओ में अपनी कोई हिस्सेदारी नहीं बेच रही है. कंपनी ने एक्सचेंज के गवर्निंग बोर्ड में अपना एक डायरेक्टर नॉमिनेट करने का अधिकार भी हासिल कर लिया है. प्राइवेट प्लेयर्स की बात करें तो HDFC लाइफ तथा SBI लाइफ भी अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं. लेकिन ICICI लोम्बार्ड अपने 2.35 मिलियन शेयर बेचकर करीब 383 करोड़ रुपये का मुनाफा बुक कर सकती है.

कंपनियों के सॉल्वेंसी रेशियो में होगा सुधार

ये आईपीओ उन सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है जिनका सॉल्वेंसी रेशियो निगेटिव में चल रहा है. मार्च 2025 तक ओरिएंटल इंश्योरेंस का सॉल्वेंसी रेशियो माइनस 1.03, नेशनल इंश्योरेंस का माइनस 0.67 तथा यूनाइटेड इंडिया का माइनस 0.65 दर्ज किया गया. शेयर बिक्री से मिलने वाली पूंजी से इन कंपनियों का सॉल्वेंसी रेशियो करीब 100 बेसिस पॉइंट तक सुधर सकता है.

बची हुई हिस्सेदारी से भविष्य का मुनाफा

शेयर बेचने के बाद भी इन सरकारी कंपनियों के पास NSE के लाखों शेयर बचे रहेंगे. नेशनल इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया के साथ ओरिएंटल इंश्योरेंस के पास 17 मिलियन शेयर बेचने के बाद भी करीब 73 मिलियन शेयर बचेंगे. अगर शेयर की कीमत 1800 रुपये मानी जाए, तो इनके बचे हुए शेयरों की वैल्यू करीब 13,100 करोड़ रुपये होगी. लिस्टिंग के बाद मार्क-टू-मार्केट गेन से ये रकम इन कंपनियों को आगे भी मजबूत आर्थिक सहारा देगी. हालांकि, शेयर से मिलने वाली फाइनल रकम पूरी तरह से ऑफर प्राइस पर निर्भर करेगी जो अभी तय होना बाकी है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

विभव शुक्ला

विभव शुक्ला

विभव शुक्ला वर्तमान में TV9 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता में उन्हें छह वर्षों का अनुभव है. विभव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी. इसके बाद वह Inshorts और गुजरात फर्स्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े रहे हैं.

Read More

google button