Aug 01, 2026 05:05 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, पुणे
NSA Ajit Doval: NSA अजीत डोभाल ने देश के युवाओं को संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आज हम जिस भारत में रह रहे हैं, वह हमेशा से ऐसा नहीं था। हमारी आजादी के लिए हमारी पुरानी पीढ़ियों ने अपनी जान की आहुति दी है।

NSA अजीत डोभाल
NSA Ajit Doval: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने महाराष्ट्र की धरती से देश के युवाओं को अहम संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि देश इतिहास के एक असाधारण दौर से गुजर रहा है। ऐसे में युवाओं को पूरी तरह से समर्पित होकर राष्ट्र निर्माण का काम करना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने निजी और संकीर्ण हितों को अलग रखते हुए देश के लिए काम करेंगे। युवाओं को स्वतंत्रता का मूल मंत्र देते हुए डोभाल ने कहा कि आज हम जिस आजादी को महसूस करते हैं, वह हमें ऐसे ही नहीं मिली। इसके लिए कई पीढ़ियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।
पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने इस समय को देश के लिए 'एक अवसर की खिड़की' करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें इस अवसर को जाने नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा, "आज के युवाओं को पूरी तरह से देश के लिए समर्पित होना चाहिए। उन्हें यह संकल्प लेना चाहिए कि वह हमेशा राष्ट्रीय हित के लिए काम करेंगे। अपने निजी और संकीर्ण हितों को अलग रखेंगे। अगर ऐसे हित सामने आते भी हैं। तो उन्हें नजर अंदाज कर देंगे।"
देश निर्माण ही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए- NSA डोभाल
NSA डोभाल ने कहा कि निजी हित अभी इंतजार कर सकते हैं। लेकिन देश का निर्माण ही हमारी प्राथमिकता होना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमारे लिए राष्ट्र निर्माण ही सबसे ऊपर होना चाहिए। हमारे देश के सामने एक असाधारण अवसर है। यह समय है। हम इसे खोने का जोखिम नहीं उठा सकते। मुझे विश्वास है कि हम इस मिशन में सफल होंगे और इतिहास का नया अध्याय बनाएंगे।"
स्वतंत्रता का गलत मतलब समझ रहे युवा- अजीत डोभाल
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने इस बात पर भी जोर दिया कि युवा पीढ़ी स्वतंत्रता का गलत मतलब समझ रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज हम जिस आजादी को महसूस कर रहे हैं। उसे हमारी पुरानी पीढ़ियों ने अपनी जान की आहुति देकर हासिल किया था। उन्होंने कहा, "हमारी युवा पीढ़ी। उन्हें लग सकता है कि भारत हमेशा से ही ऐसा था, जैसा कि वह आज देख रहे हैं। उन्हें यह महसूस हो सकता है कि स्वतंत्रता केवल वह करने की आजादी है, जो हम चाहें। लेकिन ऐसा नहीं है। स्वतंत्रता ऐसी नहीं है। हमारी आजादी उन लोगों द्वारा हासिल की गई है, जिन्होंने इसके लिए जान दी है।
तिलक आज यहां होते, तो कौनसा नारा देते; डोभाल ने बताया
NSA डोभाल ने स्वतंत्रता आंदोलन में लोकमान्य तिलक के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने उस दौर की युवा पीढ़ी के मन में जोश भर दिया था। उन्होंने कहा कि आज अगर तिलक इस समय के भारत में होते तो वह कौन सा नारा देते। उन्होंने कहा, "अगर वे (तिलक) आज यहां होते। तो हमें कौन सा नारा देते। शायद वह कहते कि 'भारत को मजबूत और विकसित बनाना मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है। और मैं इसे पूरा करूंगा। मुझे इस राष्ट्र को शक्तिशाली बनाना है। इसके लिए मुझे कुछ भी करना मैं अपनी अंतिम सांस तक करता रहूंगा।"
गौरतलब है कि डोभाल स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य तिलक के उस नारे जा जिक्र कर रहे थे, जिसमें उन्होंने स्वाधीनता को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था, "स्वाधीनता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूंगा।"
जो देश के हित में नहीं, वह हमारे हित में नहीं- अजीत डोभाल
NSA डोभाल ने कहा कि युवाओं के मन में एक भावना होनी चाहिए। कि हमें अपने देश को ताकतवर बनाना है। इसके आगे बाकी सभी इच्छाएं छोटी हैं। उन्होंने कहा, "निश्चित तौर पर युवाओं के सामने जरूरी और अन्य लक्ष्य मौजूद हैं। वह अपने आप में गलत भी नहीं हैं। लेकिन हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि अगर यह लक्ष्य राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हैं, तो हमें ऐसा रास्ता चुनना चाहिए जो देश को नुकसान न पहुंचाए। इस मामले में चाहें हमारा निजी लाभ हो या फिर गांव, शहर या राज्य का हित। अगर वह राष्ट्रीय हित नहीं है, तो वह मेरे हित में भी नहीं है।"
