राजस्थान में पंचायत चुनाव और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) की अक्टूबर-नवंबर 2026 में प्रस्तावित परीक्षाओं की तारीखों में टकराव हो सकता है। इसको देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने वैकल्पिक परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था करने के निर्
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जिन स्कूलों को NIOS परीक्षा केंद्र बनाया गया है और राज्य निर्वाचन आयोग ने उन्हें मतदान केंद्र भी निर्धारित किया है, वहां के परीक्षार्थियों के लिए नजदीकी स्कूलों में वैकल्पिक केंद्र बनाए जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर के निदेशक ललित कुमार ने इस बारे में सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों और समग्र शिक्षा के पदेन परियोजना समन्वयकों को निर्देश जारी किए हैं। वहीं, रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा- पंचायत चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और परीक्षाएं भी उनके शैक्षणिक भविष्य से जुड़ी हैं। ऐसे में दोनों के बीच समन्वय स्थापित कर वैकल्पिक परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था करना सराहनीय कदम है।
परीक्षाओं के सुचारू संचालन पर जोर
निर्देशों के अनुसार, अक्टूबर-नवंबर 2026 में NIOS के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक पाठ्यक्रमों की सार्वजनिक सैद्धांतिक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। पंचायत चुनाव के दौरान अगर निर्धारित परीक्षा केंद्र वाले स्कूलों का उपयोग मतदान केंद्र के रूप में किया जाता है, तो स्टूडेंट्स के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए पास ही के स्कूल में परीक्षा केंद्र की व्यवस्था की जाएगी।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाएं बिना किसी परेशानी के शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से पूरी कराई जाएं। साथ ही परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने और इस काम को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
आदेश की प्रतिलिपि संभागीय संयुक्त निदेशकों, जिला शिक्षा अधिकारियों, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों, पीईईओ, यूसीईईओ और संबंधित संस्थाप्रधानों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। NIOS के क्षेत्रीय निदेशक, जयपुर को भी इसकी जानकारी दी गई है, ताकि परीक्षा केंद्रों में संभावित बदलाव की प्रक्रिया समय रहते पूरी की जा सके।
सलावद बोले- स्टूडेंट्स के लिए सराहनीय कदम
शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के इस निर्णय को स्टूडेंट्स के हित में सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, वहीं विद्यार्थियों की परीक्षाएं भी उनके शैक्षणिक भविष्य से जुड़ी हैं। ऐसे में दोनों के बीच समन्वय स्थापित कर वैकल्पिक परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था करना सराहनीय कदम है।
सलावद ने कहा कि परीक्षा केंद्रों में संभावित बदलाव की सूचना परीक्षार्थियों को समय रहते दी जानी चाहिए, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने और परीक्षार्थियों को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की।
उन्होंने विश्वास जताया कि विभागीय समन्वय से पंचायत चुनावों के साथ-साथ NIOS परीक्षाओं का संचालन भी सुचारू रूप से हो सकेगा।