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अमृतसर में ड्रोन से हथियार किसने गिराए, क्या मकसद; NIA को मिला पाकिस्तान-ऑस्ट्रेलिया कनेक्शन

August 23, 2026

Aug 23, 2026 03:45 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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पंजाब पुलिस की जांच में भी दावा किया गया कि ऑस्ट्रेलिया स्थित व्यक्ति पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ा हो सकता है। खोसला ने पूछताछ के दौरान इससे पहले भी हथियारों की कुछ खेपें उठाकर आगे पहुंचाने की बात बताई थी।

Who dropped weapons via drone in Amritsar what was motive NIA Pakistan Australia connection

NIA की टीम ड्रोन से हथियार गिराए जाने की जांच कर रही है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) जून में पंजाब के अमृतसर में ड्रोन के जरिए हथियार गिराए जाने के मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों को इस मामले में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया से जुड़े नेटवर्क के सुराग मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, हथियारों की यह खेप पंजाब में आपराधिक या विध्वंसक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की जानी थी। मामला तब सामने आया जब सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पंजाब पुलिस ने 19 जून को अमृतसर के अजनाला-रामदास क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 22 वर्षीय रोहन खोसला को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक AK-47 और 25 विदेशी पिस्तौल समेत 26 हथियार बरामद किए गए।

हथियारों की यह खेप 16 और 17 जून की दरम्यानी रात भारत-पाकिस्तान सीमा के पास ड्रोन के जरिए गिराई गई थी। सुरक्षा एजेंसियों को पहले से सूचना मिली थी कि सीमा के पास ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप को कोई व्यक्ति लेने आएगा। इसी सूचना के आधार पर निगरानी बढ़ाई गई और रोहन खोसला को पकड़ा गया। बरामद हथियारों में 14 नौ एमएम और 11 .30 बोर की पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा 368 जिंदा कारतूस, 48 मैगजीन और अमेरिका निर्मित बुलेटप्रूफ जैकेट भी मिली। पुलिस ने उस कार को भी जब्त किया, जिसका इस्तेमाल हथियारों को ले जाने के लिए किया जा रहा था।

NIA ने खोसला के बारे में क्या बताया

जांच में ऑस्ट्रेलिया कनेक्शन सामने आने के बाद NIA इस पहलू को भी खंगाल रही है। शुरुआती जांच के अनुसार, खोसला कथित तौर पर ऑस्ट्रेलिया में रह रहे एक सहयोगी के निर्देश पर काम कर रहा था। उस व्यक्ति ने सोशल मीडिया के जरिए हथियारों को उठाने की जगह की जानकारी साझा की थी। इससे पहले पंजाब पुलिस की जांच में भी दावा किया गया था कि ऑस्ट्रेलिया स्थित व्यक्ति पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ा हो सकता है। खोसला ने पूछताछ के दौरान इससे पहले भी हथियारों की कुछ खेपें उठाकर आगे पहुंचाने की बात बताई थी। हालांकि, इन आरोपों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

अब NIA इस मामले में हथियारों के स्रोत, पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए उनकी आपूर्ति, ऑस्ट्रेलिया स्थित ऑपरेटर्स और भारत में मौजूद स्थानीय संपर्कों के बीच संबंधों की जांच कर रही है। एजेंसियों को आशंका है कि सीमा पार से हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचाने वाले नेटवर्क में गिरोहों व अलगाववादी तत्वों के कुछ लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांच का मकसद इस पूरे नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों का पता लगाना है। साथ ही, हथियारों की अंतिम खेप किसे दी जानी थी, यह जानना भी जरूरी है।