बांका के रजौन प्रखंड क्षेत्र में भागलपुर-हंसडीहा मुख्य सड़क मार्ग एनएच-133ई फोरलेन के निर्माण के लिए भूमि सीमांकन और मापी का कार्य दूसरे दिन भी जारी रहा। रजौन बाजार में यह प्रक्रिया शुरू होते ही बड़ी संख्या में लोग जुट गए।
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इस दौरान संभावित भूमि अधिग्रहण और नए एलाइनमेंट को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। जगदीशपुर की ओर से मापी करती हुई टीम रजौन बाजार पहुंची, जहां सड़क के दोनों ओर सरकारी और निजी भूमि का सीमांकन किया गया। नया एलाइनमेंट एक तरफा और बदलाव को देखकर बाजार वासी नाराज हो गए।लोगों का कहना है कि नया एलाइनमेंट में भी पश्चिम साइड ही कर दिया गया है।
मापी का कार्य इंजीनियर श्रीकांत कुमार और जूनियर इंजीनियर इंदल पासवान के नेतृत्व में किया गया।
फीते की मदद से हुई जमीन मापी
इस टीम में सरकारी अमीन सुरेंद्र राउत, पूर्णेन्दु और निजी अमीन कैलाश प्रसाद सिंह सहित अन्य कर्मी शामिल थे। उन्होंने फीते की मदद से सड़क के दोनों ओर की जमीन मापी। इस दौरान सड़क किनारे स्थित मकानों, दुकानों और अन्य निर्माणों का भी विस्तृत विवरण दर्ज किया गया।
राजस्व विभाग की टीम ने अभिलेखों के आधार पर निजी जमीनों का सीमांकन किया। मौके पर कई भू-स्वामी और स्थानीय लोग मौजूद रहकर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करते रहे।
फोरलेन परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी
मापी कर रही टीम ने बताया कि फोरलेन परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी चल रही है। वर्तमान में सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण और निर्माण का आकलन किया जा रहा है। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि सड़क के दोनों ओर कितनी चौड़ाई तक भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसे फिलहाल गोपनीय बताया गया और कहा गया कि विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी। टीम ने यह भी बताया कि चिन्हित भवनों की रिपोर्ट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन विभाग को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर प्रभावित भवनों के मुआवजे का आकलन किया जाएगा।
यह उल्लेखनीय है कि रजौन बाजार में एनएच-133ई फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का मामला पहले भी विवादों में रहा है। एकतरफा भूमि अधिग्रहण की आशंका को लेकर स्थानीय लोगों ने पूर्व में विरोध-प्रदर्शन किया था, जिसके कारण परियोजना की प्रक्रिया और टेंडर भी प्रभावित हुए थे।
भू-अर्जन पदाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि पैकेज-वन के अंतर्गत रजौन एवं बाराहाट प्रखंड के कुल 31 राजस्व ग्रामों में से 22 ग्रामों की मापी पूरी हो चुकी है। शेष नौ राजस्व ग्रामों की सरकारी भूमि हस्तांतरण के लिए संबंधित अंचल अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। भूमि उपलब्ध होते ही आगे की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य को गति दी जाएगी।