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बिहार में NEET UG और Re-NEET परीक्षा घोटाले का बड़ा खुलासा, दो मुख्य सरगना गिरफ्तार

August 13, 2026

PATNA: बिहार में NEET UG 2026 और Re-NEET UG 2026 परीक्षा में धांधली और फर्जीवाड़े के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डॉ. उज्जवल राज और डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट के रूप में हुई है। दोनों महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (MIMS), पावापुरी के एमबीबीएस फाइनल ईयर के छात्र हैं। EOU के अनुसार, नालंदा के गिरियक (पावापुरी) थाना कांड संख्या 217/26 तथा लखीसराय के कवैया थाना कांड संख्या 244/26, 245/26 और किउल थाना कांड संख्या 64/26 की जांच विशेष अनुसंधान दल (SIT) द्वारा की जा रही है।

बिहार राज्य में NTA के द्वारा आयोजित NEET UG परीक्षा दिनांक-03.05.2026 में धांधली एवं अनियमितता से संबंधित गिरियक (पावापुरी) थाना काण्ड सं0-217/26 दिनांक-03.05.2026 को प्रतिवेदित हुआ। इसी प्रकार बिहार राज्य में NTA के द्वारा आयोजित Re-NEET UG परीक्षा दिनांक-21.06.2026 में धांधली एवं अनियमितता से संबंधित तीन काण्ड लखीसराय जिला में प्रतिवेदित हुये जिसमें कवैया थाना काण्ड सं0-244/26 एवं 245/26 तथा किउल थाना काण्ड सं0-64/26 शामिल है। 

इन काण्डों का प्रथम अनुसंधान संबधित जिला पुलिस, क्रमशः नालंदा पुलिस एवं लखीसराय पुलिस के द्वारा बहुत ही गहनता एवं दक्षता से किया गया। तत्पश्चात उपरोक्त सभी काण्डों की गंभीरता के दृष्टिकोण से उपरोक्त सभी काण्डों के अग्रतर अनुसंधान का प्रभार आर्थिक अपराध इकाई के द्वारा ग्रहण किया गया। वर्तमान में अपर पुलिस महानिदेशक, आर्थिक अपराध इकाई के निर्देशन एवं पुलिस उप-महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई की अध्यक्षता में गठित विशेष अनुसंधान दल के द्वारा इन काण्डों का अनुसंधान किया जा रहा है।

इसी क्रम में दिनांक-11.08.2026 को गिरियक (पावापुरी) थाना काण्ड सं0-217/26 दिनांक-03.05.2026 के मुख्य अभियुक्त डॉ० उज्जवल राज पे०-अशोक कुंवर सा०-दिलावरपुर, थाना-केसरिया, जिला-मोतिहारी की गिरफ्तारी आर्यभट् ज्ञान विश्वविद्यालय में MBBS अनुर्तीण छात्रों की पूरक परीक्षा हेतु संचालित परीक्षा केन्द्र के बाहर से स्थानीय थाना जक्कनपुर (पटना पुलिस) तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग से की गई। अभियुक्त डॉ० उज्जवल राज वर्तमान में महावीर इन्स्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, पावापुरी, नालंदा में MBBS Final Year का विद्यार्थी है एवं अपनी Third Year की पूरक परीक्षा में शामिल होने हेतु इस परीक्षा केन्द्र पर आया था। 

पूर्व में डॉ० उज्जवल राज कोढ़ा (कटिहार) थाना काण्ड सं0-121/24 जो कि कोढ़ा थाना में अवस्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में NEET UG-2024 में लगभग 07 फर्जी स्कॉलर बैठाने के आरोप में प्रतिवेदित हुआ था, उसमें यह अभियुक्त था एवं इस काण्ड में पटना उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत पर विमुक्त है। डॉ० उज्जवल राज की पुछताछ परीक्षा धांधली से संबंधित वर्ष 2024 में पूर्णिया जिला के मधुबनी थाना काण्ड सं0-25/24 में स्कॉलर बैठाने के संदेह के आधार पर CBI के द्वारा भी की गई थी। वर्तमान काण्ड में अभियुक्त डॉ० उज्जवल राज की Scorpio वाहन No-BR01HU2630 जप्ती हुई थी एवं उसमें NEET परीक्षा में फर्जी स्कॉलर को बैठाने के संबंध में एकत्रित 295000 रुपये की राशि भी जप्त हुई थी। इस काण्ड में पूर्व में 03 अभियुक्तों की नालंदा पुलिस के द्वारा की गई थी। पूछताछ के क्रम में गिरफ्तार अभियुक्त के द्वारा कई महत्वपूर्ण खुलासे किये गये है।

दिनाक-12.08.2026 को लखीसराय जिला में NTA के द्वारा आयोजित Re-NEET UG परीक्षा दिनाक 21.06. 2026 में धांधली एवं अनियमितता से संबंधित प्रतिवेदित तीन काण्डों, कवैया थाना काण्ड सं0-244/26 एवं 245/26 तथा किउल थाना काण्ड सं0-64/26, इन तीनों काण्डों के मुख्य सरगना डॉ० रविशंकर उर्फ सम्राट पे०-अरविन्द कुमार सा-मकसुदपुर, थाना-शाहजहांपुर, पटना को भी प्राप्त आसूचना के आधार पर आर्यभट् ज्ञान विश्वविद्यालय में MBBS अनुर्तीण छात्रों की पूरक परीक्षा हेतु संचालित परीक्षा केन्द्र के बाहर से स्थानीय थाना जक्कनपुर (पटना पुलिस) तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग से की गई। 

अभियुक्त डॉ० रविशंकर वर्तमान में महावीर इन्स्टीयूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, पावापुरी, नालंदा में MBBS Final Year का विद्यार्थी है एवं अपनी Third Year की पूरक परीक्षा में शामिल होने हेतु इस परीक्षा केन्द्र पर आया था। पूर्व में डॉ० रविशंकर निहालगंज (ढोलपुर, राजस्थान) थाना काण्ड जो कि रेलवे के Group-D भर्ती परीक्षा में धांधली करने के आरोप में प्रतिवेदित हुआ था, उसमें यह अभियुक्त था एवं इस काण्ड में जमानत पर विमुक्त है। 

डॉ० रविशंकर की अपनी पत्नी मधु प्रिया भी स्वयं Re-NEET परीक्षा में अपने स्थान पर फर्जी Candidate बैठाकर परीक्षा के पास करने के आरोप में अभियुक्त है। वर्तमान में गर्भवती अवस्था के आधार पर उसकी गिफ्तारी पर न्यायालय के द्वारा रोक है। डॉ० रविशंकर, जो कि उपरोक्त तीनों काण्डों के मुख्य सरगना तथा गिरोह का मुखिया है। विदित हो कि डॉ० रविशंकर वर्ष 2012 में 12वीं की परीक्षा पास किये थे, परन्तु 10 वर्ष के बाद 2022 में NEET की परीक्षा में सफल होकर महावीर इन्स्टीयूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, पावापुरी, नालंदा में इनरौल्ड हुआ था। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 के बाद से डॉ० रविशंकर NEET की परीक्षा एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा का सहारा लेकर अभ्यर्थीयों को विभिन्न सेटिंग्स के माध्यम से उन्हें पास करवाने के काम में सक्रिय रहे है। 

डॉ० रविशंकर ने उक्त तीनों काण्डों में आर्यभट ज्ञान विश्वविद्यालय में MBBS की अनुपूरक परीक्षा में शामिल होने के आधार पर सक्षम न्यायालयों से गिरफ्तारी पर रोक का आदेश प्राप्त किया था। परन्तु उसके द्वारा इस राहत का दुरूपयोग, दिनांक-29.07.2026 को बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के द्वारा आयोजित हवलदार अनुदेशक की परीक्षा में बायोमेट्रिक वेण्डरों के सहयोग से धांधली करवाने एवं Re-NEET UG 2024 की परीक्षा में सफल अभ्यर्थीयों को मेडिकल कॉलेजों में कॉन्सिलिंग के क्रम में फर्जी जाति प्रमाण पत्र तथा फर्जी विकलांगता पत्र तथा फर्जी आय प्रमाण पत्रों की अपने सहयोगियों से कुटरचना कर, मेडिकल कॉलेजों में नामांकन करवाने हेतु एवं इसके एवज में मोटी रकम वसुलने हेतु किया जा रहा था।

प्राप्त सूचना के आधार पर जब अभियुक्त रविशंकर की निशानदेही पर उसके सहोदर भाई अश्विनी कुमार के संध्या हाइट अपार्टमेंट थाना-रामकृष्णा नगर में एवं इसके द्वारा किराये पर लिये गये फ्लैट, सुनैना अपार्टमेंट, जकरियापुल थाना रामकृष्ण नगर में छापामारी तथा तलाशी ली गई तो इस क्रम में कई प्रकार के प्रमाणक प्राप्त हुये। छापामारी के क्रम में इन स्थानों में आर्यभट ज्ञान विश्वविद्यालय के द्वारा आयोजित MBSS परीक्षा के कई खाली बुकलेट, AEDO परीक्षा, NEET परीक्षा, BPSSC, CBSC आयोग की परीक्षा, इत्यादि से संबंधित कई परीक्षार्थीयों से संबंधित एडमीड कार्ड, कई अभ्यर्थीयों का स्कूल का अंकपत्र, मूल प्रमाण पत्र एवं टी०सी०, SBI Bank का 10 ब्लैंक चेक्स, BOB का 04 ब्लैंक चेक, UNION Bank का 04 ब्लैंक चेक, PNB Bank का 03 ब्लैंक चेक, HDFC Bank का 04 ब्लैंक चेक, इन सभी ब्लैंक चेकों पर चेकधारक का हस्ताक्षर एवं बड़ी राशियां अंकित है एवं SBI Bank का पासबुक जो मधु प्रिया के नाम का है, ICICI Bank का डॉ० रविशंकर के नाम का चेकबुक, भारतीय निर्वाचन आयोग का पहचान पत्र, NIOS का डॉ० रविशंकर के नाम का पहचान पत्र एवं लगभग दो लाख रुपया कैश, डिजिटल प्रदर्श, रजिस्टर्ड डीड एवं सनराइज इनोवेशन ऑनलाइन एक्जाम सेन्टर, पटना से संबंधित एग्रीमेंट पेपर तथा गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध में कई प्रमाणक प्राप्त हुये।

विदित हो कि अगामी NEET की परीक्षा CBT Mode पर होने की सूचना है। अभियुक्त के द्वारा बताया गया कि इसी आधार पर उसमें गड़गबड़ी करने की पूर्व तैयारी की दिशा में इसके सनराइज इनोवेशन ऑनलाइन एक्जाम सेन्टर, पटना में निवेश कर एकरारनामा बनाया गया है। इसके अतिरिक्त इसके गिरोह के द्वारा फर्जी रूप से तैयार करवाये जा रहे आय प्रमाण पत्र, विकलांगता प्रमाण पत्र तथा जाति प्रमाण पत्रों को भी भारी मात्रा में जप्त किया गया है। लखीसराय जिला में गिरोह के द्वारा Re-NEET परीक्षा में स्कॉलरों के आवागमन हेतु, रविशंकर के भाई अश्विनी कुमार के नाम से निबंधित टाटा हैरियर गाड़ी को भी जप्त किया गया है। इस पूरे क्रम में डॉ० रविशंकर के अपने बड़े सहोदर भाई, अश्विनी कुमार जो कि सैमसंग कंपनी में सेल्स एक्जेटिव है, उसकी संलिप्तता एवं उसके द्वारा गिरोह को लगातार संरक्षण देने के साक्ष्य प्राप्त हुये जिसके आधार पर उसको भी गिरफ्तार किया गया है। 

इस गिरोह को लगातार संरक्षण देने के साक्ष्य प्राप्त हुये जिसके आधार पर उसको भी गिरफ्तार किया गया है। इस छापामारी के आधार पर आर्थिक अपराध थाना काण्ड सं0-18/26 दिनांक-12.08.2026 को दर्ज किया गया है जिसमें डॉ० रविशंकर एवं उसके भाई अश्विनी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। प्राप्त नये साक्ष्यों के आधार पर लखीसराय के सक्षम न्यायालयों में याचिका दायर कर गिरफ्तार पर रोक के आदेश को निरस्त करवाने का कानूनी प्रयास किया जाएगा।

उपरोक्त अभियुक्तों क्रमशः डॉ० उज्जवल राज एवं डॉ० रविशंकर के द्वारा विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में नामांकन भरने के क्रम में ही मूल अभ्यर्थी एवं स्कॉलर की सेटिंग की जाती थी तथा UIDAI के कुछ प्राधिकृत आधार एजेंटो तथा कॉमन सर्विस सेंटर के संचालकों के सहयोग से मूल अभ्यर्थी के बायोमेट्रिक के स्थान पर फर्जी कैडिंडेट का बयोमेट्रिक अपडेट करवाया जाता था तथा इनकी फोटो मिक्सिंग करवाई जाती थी ताकि बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया को बायपास किया जा सके। तत्पश्चात 12-30 लाख रुपये प्रत्येक कैडिंडेट के हिसाब से स्कॉलर बैठाने की रकम वसूल की जाती थी। 

इस पूरे अपराध शैली में लखीसराय, हाजीपुर, नवादा, नालंदा इत्यादि जिला के संलिप्त बायोमेट्रिक वेण्डरस की संलिप्तता प्रकाश में आयी है एवं उनकी पहचान की गई है। इसी प्रकार NEET कॉन्सिलिंग में अभ्यर्थीयों को नामाकंन करने हेतु फर्जी आय प्रमाण पत्र, विकलांगता प्रमाण पत्र तथा जाति प्रमाण पत्र बनवाकर नामांकन करने में सलिप्त व्यक्तियों की पहचान की गई है। डॉ० रविशंकर की अपनी पत्नी जो कि OBC Category में है उसका फर्जी SC Category फर्जी जाति प्रमाण पत्र संपतचक प्रखंड कार्यालय, पटना से बनाया गया था। मधु प्रिया AEDO परीक्षा में भी परीक्षार्थी थी तथा सेटिंग करवाई थी।

इसके अतिरिक्त इस गिरोह के द्वारा आर्यभट ज्ञान विश्वविद्यालय के द्वारा आयोजित MBSS परीक्षाओं में सेटिंग के प्रमाणक भी प्राप्त हुये है। इस गिरोह के कई अन्य सदस्य की पहचान की गई है जिसमें बिहार राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों, तथा डेन्टल कॉलेजों के छात्र, विभिन्न जिला के बायोमेट्रिक मैन पावर सप्लायर तथा वेण्डर तथा फर्जी आधार एवं अन्य प्रमाणक बनाने में शामिल व्यक्ति प्रमुख है। इनका सत्यापन कर अग्रतर अनुसंधान की कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त जिन-जिन व्यक्तियों का एडमिट कार्ड, विकलांगता प्रमाण पत्र, जाति तथा आय प्रमाण पत्र, ब्लैक चेक इत्यादि जप्त हुये हैं, उन सभी को पूछताछ हेतु सत्यापन उपरान्त नोटिस भेजकर आर्थिक अपराध इकाई में बुलाया जा रहा है। उपरोक्त सभी काण्ड आर्थिक अपराध इकाई के द्वारा अनुसंधानित है।