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NEET UG 2026 Counseling: MBBS एडमिशन काउंसलिंग के समय ना करें ये गलतियां, बैन तक लग सकता है

July 31, 2026

NEET UG 2026 Counseling: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) यूजी 2026 रिजल्ट जारी हो गया है. इसके आधार पर MBBS-BDS एडमिशन के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द ही शुरू होनी है. माना जा रहा है कि मेडिकल काउंसलिंग काउंसिल (MCC) अगस्त के पहले सप्ताह में काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर सकती है. इससे पूर्व ही MCC ने काउंसलिंग से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किया है, जिसे कैंडिडेट्स को काउंसलिंग के लिए तैयार रहने का संकेत माना जा रहा है. कुल जमा MBBS-BDS में एडमिशन की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स को काउंसलिंग के लिए अब तैयारी शुरू कर देनी चाहिए. साथ ही ये जान लेना चाहिए कि काउंसलिंग के समय कौन सी गलती उन पर भारी पड़ सकती हैं. कई गलतियों में कैंडिडेट्स को एडमिशन से बैन करने तक का प्रावधान है.

आइए पूरा मामला विस्तार से समझते हैं. जानते हैं कि कैंडिडेट्स को काउंसलिंग शुरू होने से पहले कौन सी तैयारियां कर लेनी चाहिए. जानते हैं कि काउंसलिंग के समय ऐसी कौन सी गलती हैं, जिन्हें करने से नुकसान हो सकता है.

दस्तावेज अभी से रखें तैयार, 10 फोटोकॉपी के सेट बनाएं

NEET UG 2026 रिजल्ट के आधार पर MBBS-BDS एडमिशन के लिए काउंसलिंग जल्द शुरू होने वाली है. जरूरी है कि काउंसलिंग शुरू होने से पहले ही कैंडिडेट्स मांगे जाने वाले दस्तावेज तैयार कर लें. कैंडिडेट्स को चाहिए कि वह पिछले साल की काउंसलिंग में मांगे गए दस्तावेजों के आधार पर इस साल के दस्तावेजों की सूची बना लें और उन्हें अभी से जुटाना शुरू कर लें. दस्तावेज को जुटाने के बाद उनकी 10 फोटोकॉपी के सेट बना लें. इसके साथ ही उन्हें ऑरिजनल स्कैन करके रख लें. क्योंकि काउंसलिंग से एडमिशन तक कई बार दस्तावेजों मांगे जाएंगे. तो वहीं मूल दस्तावेज एडमिशन के समय काॅलेज में जमा किए जाते हैं.

काउंसलिंग के समय ये गलतियां करने से बचें

  • काउंसलिंग शुरू करने के बादचॉइस फिलिंग पर विशेष ध्यान दें. जो आप चुनेंगे, उसी में एडमिशन मिलेगा.
  • काउंसलिंग और एडमिशन के दौरान कोई भी फर्जी और गलत दस्तावेज का प्रयोग ना करें. ऐसा करने पर एडमिशन बैन तक किया जा सकता है.
  • काउंसलिंग शेड्यूल की तारीखों का पालन करें. कोई भी काम अंतिम समय के लिए ना टालें. वेबसाइट क्रैश जैसी स्थिति में दोबारा मौका नहीं मिलता है.
  • सीट नापसंद आने पर सीट अपग्रेड का विकल्प चुने. बाद में एडमिशन ना लेना भारी पड़ सकता है.
  • काउंसलिंग के समय सीट अपग्रेडेशन के दौरान विशेष ध्यान दें. विकल्प बदलने पर एडमिशन में नुकसान हो सकता है.
  • काउंसलिंग में अगर सीट का आंवटन होता है कॉलेज में एडमिशन मिल जाता है, उसके बाद रिपोर्ट ना करने पर बैन किया जा सकता है.
  • एडमिशन के तहत कॉलेज ज्वाइन करने के बाद सीट छोड़ने वाले कैंडिडेट्स की फीस जब्त की जा सकती है.

मनोज भट्ट

मनोज भट्ट

पत्रकारिता में एक दशक से अध‍िक समय से सक्रिय. नवोदय टाइम्स, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान में लंबे समय तक फील्ड रिपोर्टिंग. कई मुद्दों व खबरों को लीड किया, जो चर्चा में रही. अभी तक पंचायत, कृषि, प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा, राजनीति, पर्यावरण, स्वास्थ्य, चुनाव, बिजनेस से जुड़े विषयों पर काम किया है और इनमें लेखन की दिलचस्पी है.

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