नर्मदापुरम के शासकीय नर्मदा कॉलेज में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर पेंटिंग प्रदर्शनी आयोजित हुई। छात्रों ने पर्यावरण, प्रकृति, कृषि, त्योहार और भारतीय वैज्ञानिकों पर पेंटिंग बनाकर अपने सपनों के भारत की तस्वीर पेश की। राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने छात्रों से 2047 तक आत्मनिर्भर भारत बनाने में योगदान देने की अपील की। इस दौरान स्वच्छता अभियान और पौधरोपण भी किया गया।
‘मेरे सपनों का भारत’ की तस्वीर, स्वच्छता और पौधरोपण का भी संदेश
- Published: 23 Sep 2026, 12:49 PM IST
- Last Updated: 23 Sep 2026, 12:49 PM IST
नर्मदापुरम: मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाओं को रंगों के जरिए कागज पर उतारते हुए देश के भविष्य की तस्वीर पेश की। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय नर्मदा कॉलेज में मंगलवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर पेंटिंग प्रदर्शनी आयोजित की गई।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने पर्यावरण, प्रकृति, कृषि, भारतीय त्योहारों और देश के वैज्ञानिकों से जुड़े अलग-अलग विषयों पर पेंटिंग बनाईं। इन चित्रों के जरिए छात्रों ने अपने सपनों के भारत को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की कला और देश के प्रति उनकी सोच देखने को मिली।
माया नारोलिया ने छात्रों से किया संवाद
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद माया नारोलिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनसे 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देने की अपील की।
नारोलिया ने विद्यार्थियों से कहा कि देश के विकास में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। छात्रों को शिक्षा और प्रतिभा के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए।
स्वच्छता अभियान और पौधरोपण भी हुआ
सेवा संकल्प अभियान के तहत केवल पेंटिंग प्रदर्शनी ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। एनसीसी कैडेट्स और स्वयंसेवकों ने कॉलेज परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया।
इसके साथ ही विद्या वन में पौधरोपण किया गया। विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से देश के भविष्य के बारे में सोचने और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना रहा। ‘मेरे सपनों का भारत’ प्रदर्शनी में छात्रों ने अपने चित्रों के जरिए आत्मनिर्भर भारत के साथ प्रकृति, संस्कृति और कृषि के प्रति अपनी सोच भी सामने रखी।