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Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर जरूर करें इन 8 नाग देवताओं का स्मरण, जानें धार्मिक महत्व - Haribhoomi

August 14, 2026

नाग पंचमी पर भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में 8 प्रमुख नागों का विशेष महत्व बताया गया है। जानिए इनके नाम और पौराणिक महत्व।

Nag Panchami 2026

Nag Panchami 2026

  • Published: 14 Aug 2026, 09:48 AM IST
  • Last Updated: 14 Aug 2026, 09:48 AM IST

नाग पंचमी हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक मानी जाती है। इस दिन नाग देवता की पूजा के साथ भगवान शिव का अभिषेक करने की परंपरा है। श्रद्धालु नाग देवता को जल, दूध, फूल और अनाज अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नाग देवताओं का स्मरण और पूजन करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

पौराणिक परंपराओं में आठ प्रमुख नागों का विशेष उल्लेख मिलता है। इनमें शेषनाग, वासुकी, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलिक, कर्कोटक और शंखपाल शामिल हैं। आइए जानते हैं इन नागों से जुड़ी मान्यताएं।

1. शेषनाग यानी आदिशेष
शेषनाग को अनंत या आदिशेष भी कहा जाता है। धार्मिक कथाओं में उन्हें नागों का राजा माना गया है। मान्यता है कि भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शैय्या पर विराजमान रहते हैं। इसी वजह से शेषनाग का हिंदू धार्मिक परंपरा में विशेष स्थान है।

2. वासुकी नाग
वासुकी को भगवान शिव का परम भक्त माना जाता है। धार्मिक चित्रण में भगवान शिव के गले में वासुकी नाग को देखा जाता है। समुद्र मंथन की पौराणिक कथा में भी वासुकी का महत्वपूर्ण उल्लेख मिलता है, जहां उन्हें मंदराचल पर्वत के चारों ओर रस्सी के रूप में इस्तेमाल किया गया था।

3. पद्म नाग
पद्म नाग को धार्मिक मान्यताओं में शांति और समृद्धि से जोड़ा जाता है। नाग परंपरा में पद्म नाग का विशेष महत्व बताया गया है और नाग पंचमी के अवसर पर इनका भी स्मरण किया जाता है।

4. महापद्म नाग
महापद्म नाग का उल्लेख भी प्रमुख नागों की परंपरा में मिलता है। पौराणिक मान्यताओं में इन्हें नाग वंश के महत्वपूर्ण नागों में गिना गया है। नाग पंचमी पर पद्म और महापद्म दोनों का स्मरण करने की परंपरा कई धार्मिक संदर्भों में बताई जाती है।

5. तक्षक नाग
महाभारत में तक्षक नाग का विशेष उल्लेख मिलता है। राजा परीक्षित और तक्षक से जुड़ी कथा भारतीय पौराणिक परंपरा में काफी प्रसिद्ध है। तक्षक को आठ प्रमुख नागों में शामिल किया जाता है।

6. कुलिक नाग
कुलिक नाग का भी प्रमुख नागों की सूची में उल्लेख मिलता है। धार्मिक मान्यताओं में उनका संबंध नाग वंश और ब्रह्मा से जुड़ी कथाओं से बताया जाता है। नाग पंचमी पर आठ नागों के स्मरण में कुलिक नाग का नाम भी लिया जाता है।

7. कर्कोटक नाग
कर्कोटक का नाम भी प्रमुख नागों में आता है। पौराणिक कथाओं में कर्कोटक नाग से जुड़ी कई कहानियां मिलती हैं। इन्हें बुद्धिमत्ता और रहस्यमय शक्तियों से जोड़कर देखा जाता है।

8. शंखपाल नाग
शंखपाल को आठ प्रमुख नागों में शामिल किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इन्हें शुभता और समृद्धि से जोड़ा गया है। नाग पंचमी पर शंखपाल नाग का स्मरण भी नाग देवता की पूजा का हिस्सा माना जाता है।

नाग पंचमी पर क्यों किया जाता है नाग देवता का पूजन?
नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा के पीछे प्रकृति और धार्मिक आस्था दोनों से जुड़ी परंपराएं हैं। भारतीय संस्कृति में सर्पों को विशेष धार्मिक महत्व दिया गया है। भगवान शिव के साथ नाग का संबंध होने के कारण शिव आराधना में भी नाग देवता का विशेष स्थान माना जाता है।

काल सर्प दोष को लेकर भी नाग पंचमी से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दिन नाग देवता का पूजन और भगवान शिव का अभिषेक करने से काल सर्प दोष के प्रभाव कम हो सकते हैं। हालांकि, यह धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यता है, इसका वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

नाग पंचमी पर इन 8 नागों का करें स्मरण
धार्मिक परंपरा के अनुसार नाग पंचमी पर अनंत (शेषनाग), वासुकी, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलिक, कर्कोटक और शंखपाल का स्मरण किया जाता है। श्रद्धा के साथ नाग देवता की पूजा और भगवान शिव का जलाभिषेक करने की परंपरा इस पर्व को खास बनाती है।