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Mumbai Railway: 17 साल बाद रफ्तार पकड़ी CSMT-कुर्ला 5वीं-6वीं रेल लाइन परियोजना, 27.43 करोड़ का टेंडर जारी| Navbharat Live

July 11, 2026

Updated On: Jul 11, 2026 | 03:20 PM IST

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सार

CSMT Kurla Rail Line Project: वर्ष 2008-09 में मंजूर सीएसएमटी-कुर्ला 5वीं और 6ठी रेल लाइन का काम अंतिम चरण में। मध्य रेलवे ने विद्याविहार से परेल के बीच ट्रैक के लिए ₹27.43 करोड़ की निविदा जारी की।

After a 17-year delay, Central Railway issues a ₹27.43 cr tender for the remaining track work on CSMT-Kurla 5th-6th lines following Dadar encroachment clearance.

रेल लाइन परियोजना ,(सोर्स: सोशल मीडिया)

विस्तार

Mumbai CSMT Kurla Rail Line Project: मुंबई उपनगरीय रेलवे की क्षमता बढ़ाने के लिए वर्ष 2008-09 में मंजूर सीएसएमटी-कुर्ला पांचवीं-छठी रेल लाइन परियोजना 17 वर्षों की लंबी देरी के बाद आखिरकार निर्णायक चरण में पहुंच गई है। परियोजना में सबसे बड़ी बाधा बने भूमि अधिग्रहण और दादर में 27 अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में तेजी आई है।

इसके बाद मध्य रेलवे ने विद्याविहार से परेल के बीच शेष ट्रैक कार्य के लिए 27.43 करोड़ रुपए की निविदा जारी की है। इससे वर्षों से लंबित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के वास्तविक ट्रैक निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है।

बताया गया है कि इस कार्य को एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2008-09 में मंजूर इस परियोजना की प्रारंभिक अनुमानित लागत मात्र 115 करोड़ रुपए थी। इसके बाद 2014 में परियोजना को गति देते हुए कुर्ला-परेल खंड को मार्च 2020 तथा परेल-सीएसएमटी खंड को मार्च 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य घोषित किया गया

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था, लेकिन भूमि अधिग्रहण, मिल की जमीनों के हस्तांतरण, अतिक्रमण और प्रशासनिक देरी के कारण यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। नतीजतन, 2021 तक पूरी होने वाली परियोजना के लिए वर्ष 2026 में भी शेष ट्रैक कार्य की निविदा जारी करनी पड़ी।

अतिक्रमण हटते ही रास्ता हुआ साफ

परियोजना की सबसे बड़ी बाधा बने दादर पूर्व क्षेत्र के 27 स्थाई अतिक्रमणों को हाल ही में हटाया गया। इस कार्रवाई से रेल लाइन के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध हो गई है। इसके अलावा मिल की जमीनों के हस्तांतरण और अन्य भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं में भी तेजी आई है। इसके चलते अब विद्याविहार से परेल के बीच बचे ट्रैक कार्य के लिए निविदा जारी कर दी गई है।

पूरे किए जाएंगे ट्रैक से जुड़े कार्य

इस चरण में नई रेल लाइन बिछाना, स्लीपर लगाना, बैलेस्ट बिछाना, प्वाइंट्स और क्रॉसिंग का निर्माण, ट्रैक कनेक्टिविटी व अंतिम तकनीकी परीक्षण सहित ट्रैक से जुड़े सभी शेष कार्य पूरे किए जाएंगे। रेलवे ने इस कार्य को 24 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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मुंबईकरों को मिलेगी बड़ी राहत

वर्तमान में सीएसएमटी से कुर्ला के बीच तेज लोकल ट्रेनें और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें एक ही  मुंबई रेल लाइन का उपयोग करती है। इससे लोकल सेवाएं अक्सर प्रभावित होती हैं। पांचवीं-छठी समर्पित रेल लाइन शुरू होने के बाद मेल-एक्सप्रेस और उपनगरीय लोकल ट्रेनों का संचालन अलग-अलग मागों पर किया जा सकेगा। इससे लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाना, समयपालन में सुधार, देरी कम करना और लाखों यात्रियों की यात्रा को अधिक सुगम एवं तेज बनाना संभव होगा।

मुख्य बातें

  • परियोजना मंजूर: 2008-09
  • देरी 17 वर्ष
  • कुल लंबाई: लगभग 17.60 किमी
  • लक्ष्य: मार्च 2021 तक पूरा होना था, लेकिन नहीं हो सका
  • दादर में हटाए गए अतिक्रमण : 27 स्थायी अतिक्रमण
  • वर्तमान चरण : विद्याविहार-परेल के बीच शेष ट्रैक कार्य
  • निविदा राशि: 27.43 करोड़ रुपए
  • कार्य पूरा करने की समय-सीमा: 24 महीने

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