एमपीएससी द्वारा आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में बड़े पेपर लीक घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। इस घोटाले का खुलासा एक प्रेमी-प्रेमिका के विवाद और ब्रेकअप के बाद हुआ।
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इस घोटाले में एमपीएससी के तीन अधिकारियों समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है
इस घोटाले का खुलासा एक प्रेमी-प्रेमिका के विवाद और ब्रेकअप के बाद हुआ\
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) द्वारा आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर (औषधि निरीक्षक) भर्ती परीक्षा में बड़े पेपर लीक घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने एमपीएससी के तीन अधिकारियों समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घोटाले का खुलासा एक प्रेमी-प्रेमिका के विवाद और ब्रेकअप के बाद हुआ।
मामले के अनुसार, परीक्षार्थी ऋतुजा पाटिल के पिता अमृत पाटिल ने कोचिंग संचालक प्रवीण पाटिल से प्रश्नपत्र खरीदा। ऋतुजा ने फिर यह पेपर अपने प्रेमी गौरव पाटिल के साथ साझा किया। परीक्षा में ऋतुजा का चयन हो गया, लेकिन गौरव फेल हो गया।
दोनों के बीच विवाद और ब्रेकअप के बाद गौरव ने एमपीएससी को ईमेल के जरिए पेपर लीक की शिकायत भेज दी। शिकायत वापस लेने की कोशिश के बावजूद जांच शुरू हो गई और पूरा सिंडिकेट सामने आ गया।
गिरफ्तार आरोपी
- गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में शामिल हैं:
- अभिजीत लेंडवे (एमपीएससी अवर सचिव)
- गोपाल मराठे (एमपीएससी सहायक कक्ष अधिकारी)
- विश्वेश्वर नकाते (एमपीएससी सहायक कक्ष अधिकारी)
- प्रवीण पाटिल (कथित मुख्य सूत्रधार और कोचिंग संचालक)
- अमृत पाटिल (परीक्षार्थी ऋतुजा के पिता)
- एक अन्य आरोपी, जो सिंडिकेट का हिस्सा था
परीक्षा में अनियमितता की शिकायतें
परीक्षा के आयोजन को लेकर आयोग को 22 से 26 जुलाई के बीच कुछ अभ्यर्थियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से ई-मेल के जरिये शिकायतें मिलीं। शिकायतों में दावा किया गया था कि कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या प्रश्न मिल गए थे। प्रश्नों से संबंधित यह सामग्री बाद में इंटरनेट मीडिया और अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यमों पर उपलब्ध पाई गई।
अब क्या होगा?
एमपीएससी ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया रद कर दी है, परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। पहले आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा। कोई अतिरिक्त फीस भी नहीं देनी होगी, नई परीक्षा की तारीख बाद में घोषित की जाएगी।