MP Protest Against School Closure: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्कूल बचाओ संघर्ष समिति सरकारी स्कूल बंद करने के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। स्टूडेंट्स, टीचर्स और पेरेंट्स भी स्कूल बंद करने और मर्जर रोकने और सुविधाएं बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन में Gen-Z और Gen-Alfa स्टूडेंट्स भी शामिल हुए। बंसल न्यूज ने उनसे खास बातचीत की।
'94 हजार स्कूलों को बचाकर रहेंगे'
CJP प्रोटेस्ट से मिला मोटिवेशन
Gen-Z स्टूडेंट ने कहा कि जब से दिल्ली का प्रोटेस्ट चालू हुआ तो Gen-Z और Gen-Alpha ने स्कूलों में बच्चों ने अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
'हाथ में बीमारी हो जाए तो हाथ काट थोड़ी देंगे'
Gen-Alpha स्टूडेंट ने स्कूलों के मर्जर के विरोध में कहा कि मान लीजिए आपके हाथ में कोई बीमारी हो गई है तो आप हाथ काट थोड़ी देंगे, आप हाथ का इलाज कराएंगे। हमारा ये कहना है कि सरकारी स्कूलों को रिपेयर कराना चाहिए, ऐसा नहीं कि उन्हें बंद कर देना चाहिए। 10-12 स्कूलों की जगह एक स्कूल खोला जा रहा है। सांदीपनि स्कूल खोलना है तो 10-12 खोलो। एक स्कूल के बदले एक खोलो। आप 94 हजार सरकारी स्कूलों को बंद करोगे और 4-5 हजार स्कूल खोल दोगे। उसमें तो बहुत सारे बच्चे पढ़ ही नहीं पाएंगे।
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मध्यप्रदेश सरकार से मांग
Gen-Alpha स्टूडेंट ने कहा कि 94 हजार स्कूल बंद करके 10 हजार स्कूल खोलना तो बहुत गलत बात है। जब 15 किलोमीटर के दायरे में एक स्कूल होगा तो बच्चियां कैसे स्कूल जाएंगी ? जिस तरह से प्रोटेस्ट चल रहा है उसे हम और आगे बढ़ाएंगे। हम एक दिन सरकार पर दबाव डालकर 94 हजार सरकारी स्कूल बचाकर रहेंगे। 10-20 हजार स्कूल और खुलें और 94 हजार सरकारी स्कूलों की खराब हालत सुधारी जाएं, यही हमारी सरकार से मांग है।
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MP में हो रहा स्कूलों का मर्जर
मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों का सीएम राइज और सांदीपनि स्कूलों में मर्जर किया जा रहा है। स्कूल बचाओ संघर्ष समिति इसी के खिलाफ भोपाल के नीलम पार्क में आंदोलन कर रही है। समिति का कहना है कि सरकार अलग-अलग योजनाओं और नामों के जरिये सरकारी स्कूलों को बंद या मर्ज कर रही है। 2016 में मध्यप्रदेश में करीब 1.21 लाख सरकारी स्कूल थे, जो अब घटकर करीब 94 हजार रह गए हैं।
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'सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं हों'
संघर्ष समिति का कहना है कि स्कूलों का स्तर बेहतर बनाना है तो सरकार जरूर बनाए, लेकिन सभी सरकारी स्कूलों को बेहतर किया जाए। कुछ स्कूलों को चुनकर सीएम राइज या मॉडल में बदलने और बाकी स्कूलों को बंद करने या कमजोर छोड़ने का विरोध किया जाएगा। सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए और स्कूल बंद न किए जाएं।