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Explainer: कई फिल्में, एक ही दुनिया और आपस में जुड़े किरदार, समझिए क्या होता है ये ‘Cinematic Universe’ का मतलब?

August 23, 2026

What is the Cinematic Universe: आज फिल्मों की दुनिया सिर्फ एक फिल्म की स्टोरी तक सीमित नहीं है. अब दुनियाभर के मेकर्स ऐसी फिल्में बना रहे हैं, जिनमें अलग-अलग किरदारों की अपनी एक अलग कहानी होती है. हालांकि, ये सभी एक ही दुनिया का हिस्सा होते हैं. यही तरीका ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ कहलाता है. हॉलीवुड के मार्वल और सीडी स्टूडियो ने इसे दुनियाभर में पॉपुलर बनाया, लेकिन अब इंडियन सिनेमा में भी ऐसी कई भी बन रही हैं. आपने नोटिस किया होगा कि किसी फिल्म का किरदार अचानक दूसरी फिल्म में नजर आता है , तो कभी दो अलग फिल्मों के हीरो एक साथ दुश्मन से लड़ते नजर आते हैं. यही कनेक्शन लोगों में दिलचस्पी बढ़ाता है. लेकिन‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ को सिर्फ फिल्मों का आपस में जुड़ना समझना सही नहीं होगा. इसके पीछे स्टोरी, किरदार, टाइमलाइन और बिजनेस की लंबी प्लानिंग भी होती है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं. 

आखिर ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ मतलब क्या होता है?

आसान भाषा में समझें तो ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ फिल्मों की ऐसी दुनिया है, जहां कई अलग-अलग किरादरों की कहानी चलती हैं. लेकिन वे एक ही फिक्शनल दुनिया में घटती हैं. हर फिल्म का अपना मैन किरदार और अपनी लड़ाई हो सकती है, लेकिन दूसरी फिल्मों के किरदार, लड़ाईयां या जगहें भी उसमें दिखाई दे सकती हैं. मसलन, एक फिल्म में पुलिस अधिकारी की स्टोरी दिखाई गई और दूसरी फिल्म में किसी दूसरे पुलिस अधिकारी कहानी दिखाई जा सकती है. दोनों का स्ट्रगल और कहानी अलग हो सकती है. लेकिन अगर वे एक ही शहर, टाइमलाइन और स्टोरी की दुनिया में मौजूद हैं और आगे चलकर दोनों साथ दिखाई देते हैं, तो इसे  ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ का हिस्सा माना जा सकता है. हॉलीवुड कई फिल्मों में Crossover होता है. यानी अलग फिल्मों के किरदार एक फिल्म में एक साथ आ जाते हैं. Marvel में Iron Man, Thor और Captain America जैसे किरदारों का साथ आना इसका सबसे बड़ा है.

सीक्वल, फ्रेंचाइजी और सिनेमैटिक यूनिवर्स में क्या अंतर है?

इन तीनों शब्दों को अक्सर एक ही समझ लिया जाता है, जबकि इनके बीच फर्क बिल्कुल साफ  है.

कैटेगरी-   आसान मतलब -   उदाहरण

Sequel-पहली फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाना    बाहुबली और बाहुबली 2

Franchise-    एक नाम या सीरीज के तहत कई फिल्में बनना-    धूम, गोलमाल

Cinematic Universe-    अलग-अलग फिल्मों के किरदार और स्टोरी एक ही दुनिया में जुड़ना-    Marvel, YRF Spy Universe

मसलन, अगर किसी फिल्म के पहले पार्ट में वही हीरो दूसरे पार्ट में अपनी स्टोरी आगे बढ़ाता है, तो वह सीक्वल है. वहीं किसी एक नाम से कई फिल्में बनती रहें, लेकिन हर फिल्म की स्टोरी अलग हो, तो वह  फ्रेंचाइजी हो सकती है. सिनेमैटिक यूनिवर्स में बात इससे आगे चली जाती है क्योंकि अलग-अलग फिल्मों के किरदार और स्टोरी आपस में जुड़ती हैं.

‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ की शुरुआत कब और कैसे हुई?

‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ फिल्म बनाने का आइडिया एकदम नया नहीं है. हॉलीवुड में 1930 और 1940 के दौर में  Universal Pictures ने Dracula, Frankenstein और The Wolf Man जैसे हॉरर किरदारों को अलग-अलग फिल्मों में दिखाया  जा चुका है. बाद में इन किरदारों को एक ही फिल्म में भी साथ लाया गया. हालांकि आज के दौर में  ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ को लेवल पॉपुलर बनाने का सबसे बड़ा क्रेडिट मार्वल स्टूडियो को जाता है. 2008 में रिलीज हुई आयरन मैन से  ‘मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स’  यानी MCU की नींव पड़ी थी.  फिल्म के आखिर में दिखाई गई छोटी-सी Post-Credit Scene में Nick Fury ने Avengers Initiative की बात कही थी. उस समय शायद लोगों को अंदाजा नहीं था कि यह छोटा-सा सीन आने वाले सालों में फिल्मों की पूरी दुनिया को बदल देगा. इसके बाद अलग-अलग सुपरहीरो की फिल्में रिलीज होती गईं और धीरे-धीरे उनकी स्टोरी आपस में  जुड़ती चल गईं. आखिर में ये किरदार एक बड़ी फिल्मों में एक साथ नजर आने लगे.

भारत में भी तेजी से बढ़ा ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’

भारत में भी मेकर्स  ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ की फिल्में बना रहे हैं. बॉलीवुड में रोहित शेट्टी कॉप यूनिवर्स, YRF Spy Universe और Maddock Horror-Comedy Universe जैसे नाम बहुत पॉपुलर हैं. रोहित शेट्टी के Cop Universe की शुरुआत 2011 में अजय देवगन की फिल्म सिंघम से हुई थी, इसके बाद में सिंघम रिटर्नस आई. फिर रणवीर सिंह की सिंबा ने पुलिस ऑफिसर का नया किरदार पेश किया गया. सिंबा के आखिर में अक्षय कुमार के सूर्यवंशी किरदार की झलक दिखाई गई. जिसके बाद सूर्यवंशी में Singham, Simmba और Sooryavanshi एक साथ नजर आए थे. यानी लोगों को तीन अलग फिल्मों के तीन पुलिस ऑफिसर को एक फिल्म में देखने का मौका मिल जाता है. 

YRF Spy Universe का ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’

Yash Raj Films ने जासूसी फिल्मों को जोड़कर एक ब स्पाई यूनिवर्स तैयार किया. इसकी शुरुआत एक था टाइगर से हुई थी. इसके बाद टाइगर जिंदा है, वार और पठान जैसी फिल्मों ने इस यूनिवर्स को आगे बढ़ाया.  पठान में सलमान खान के टाइगर का कैमियो ऑडियंस के बीच काफी चर्चा में रहा था. इससे साफ हुआ कि पठान और टाइगर की दुनिया एक ही है. ऋतिक रोशन काॉ कबीर भी इसी दुनिया का हिस्सा है.  यहां सबसे खास बात यह है कि लोगों को सिर्फ एक ही स्टार की फिल्म नहीं देख रहे होते, बल्कि उन्हें यह जानने की एक्साइटमेंट भी रहती है कि अगली फिल्म में कौन-सा Spy दिखाई देगा.

मैडॉक हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स 

दिनेश विजान की मैडॉक फिल्मस ने हॉरर-कॉमेडी फिल्मों को जोड़कर एक अलग तरह का यूनिवर्स तैयार किया. इसकी शुरुआत साल 2018 में स्त्री फिल्म से हुई थी.  इसके बाद रूही, भेड़िया, मुंज्या और स्त्री 2 जैसी फिल्मों ने इस यूनिवर्स को बड़ा किया. भेड़िया में स्त्री की दुनिया से जुड़े किरदारों ने दर्शकों को इस बात का इशार दिया कि दोनों कहानियां एक ही यूनिवर्स की हैं. इसके अलावा साउथ फिल्मों में‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’देखने को मिलता है. तमिल सिनेमा में डायरेक्टर लोकेश कनगराज ने Lokesh Cinematic Universe यानी LCU बनाया. इसकी शुरुआत कैथी से हुई.इसके बाद विक्रम फिल्म में दोनों की दुनिया के बीच के कनेक्शन को दिखाया गया. फिर लियो और सूर्या के चर्चित रोलेक्स किरदार ने इस यूनिवर्स को आगे बढ़ाया. 

क्या हर जुड़ी हुई फिल्म ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ होती है?

नहीं. सिर्फ किसी फिल्म में दूसरी फिल्म के किरदार का कैमियो होने से उसे ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ नहीं माना जा सकता है. इसके लिए फिल्मों के बीच एक दुनिया, स्टोरी या टाइमलाइन का साफ होना जरूरी है. अगर किसी एक्टर ने दूसरी फिल्म में सिर्फ कैमियों कर दिया तो उसे सीधे ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ से नहीं जोड़ा जा सकता है. असल ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ में कनेक्शन आगे की स्टोरी के लिए बहुत जरूरी होता है.

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