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MP Assembly: विधानसभा में कांग्रेस का हंगामा, काली पट्टी बांधकर पहुंचे विधायक; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठाई मांग - Haribhoomi

July 22, 2026

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे। उन्होंने राहुल गांधी के साथ हुए कथित व्यवहार, छात्रों पर कार्रवाई, नीट पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

MP Assembly

एमपी विधानसभा में कांग्रेस का हंगामा

  • Published: 22 Jul 2026, 04:14 PM IST
  • Last Updated: 22 Jul 2026, 04:14 PM IST

भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश की। दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुए पुलिस के कथित व्यवहार और छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे। विपक्ष ने सदन के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई।

हाथों पर बांध रखी थी काली पट्टी
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक विधानसभा पहुंचे। सभी विधायकों ने अपने हाथों पर काली पट्टी बांध रखी थी। कांग्रेस का कहना है कि यह विरोध छात्रों के साथ हुए कथित अत्याचार और राहुल गांधी के साथ हुए व्यवहार के खिलाफ है।

आज विधानसभा में युवाओं पर हुए लाठीचार्ज और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष माननीय राहुल गांधी जी के साथ हुई बर्बरता के विरोध में प्रदर्शन कर सरकार से जवाब मांगा।

NEET पेपर लीक, भर्ती घोटाले और छात्रों पर हुए अत्याचार पर भाजपा सरकार चुप है। ऊपर से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय छात्रों के आंदोलन… pic.twitter.com/xAqleAh4z5

— Umang Singhar (@UmangSinghar) July 22, 2026


विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि दिल्ली में अपने भविष्य की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सदन में इस विषय पर चर्चा की मांग की, लेकिन सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया।

नजरअंदाज कर रही है सरकार
सिंघार ने कहा कि नीट पेपर लीक, भर्ती घोटाले, बेरोजगारी और छात्रों पर कथित अत्याचार जैसे मुद्दे युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन गंभीर विषयों पर जवाब देने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी कांग्रेस विधायक दल के प्रदर्शन की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनका मजाक उड़ाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने छात्र आंदोलन को अस्थिरता फैलाने वाला बताया और प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए "कॉकरोच" शब्द का इस्तेमाल किया। कांग्रेस ने इसे युवाओं का अपमान बताया।

कहा सरकार इन मुद्दों पर जवाब नहीं दे सकती
कांग्रेस ने मांग की कि नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय की जाए। विपक्ष ने कहा कि यदि सरकार इन मुद्दों पर जवाब नहीं दे सकती तो नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस लगातार अलग-अलग तरीकों से विरोध दर्ज करा रही है। पहले दिन कांग्रेस विधायक किसानों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के मुखौटे पहनकर विधानसभा पहुंचे थे। दूसरे दिन विधायकों ने कफन ओढ़कर प्रदर्शन किया, जबकि तीसरे दिन काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया।