Madhya Pradesh Rain: मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है और इसका असर अब कई जिलों में साफ दिखाई दे रहा है. राजधानी भोपाल समेत विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है. कहीं सड़कें और रेलवे अंडरपास पानी में डूब गए हैं तो कहीं नदियां और नाले उफान पर हैं. कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से टूट गया है. हालात को देखते हुए भोपाल और आगर-मालवा में 11 अगस्त को बच्चों के लिए सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है.
पिछले 24 घंटे में भोपाल में सबसे ज्यादा करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई. नर्मदापुरम में 5 इंच, रायसेन में 4.9 इंच, राजगढ़ और शाजापुर में 4.5 इंच, जबकि सीहोर में करीब 4 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई. लगातार बारिश से राजधानी के कई इलाकों में पानी भर गया है. रेलवे ट्रैक, मंदिर, थाना और घर तक जलमग्न हो गए हैं. वहीं जबलपुर कुंडम के छिताखुदरी-बिलटुकरी जलाशय पश्चिम बंगाल का रहने वाले एक युवक तेज वहाव में बह गया, जिसका पिछले 30 घंटे से रेस्क्यू चल रहा है.
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राजधानी भोपाल के सेमरा इलाके में बारिश के बाद हालात बेहद खराब हो गए. यहां करीब 200 घरों के आसपास 5 से 6 फीट तक पानी भर गया. कई लोग अपने घरों में ही फंस गए. निचले इलाकों में पानी तेजी से बढ़ने के कारण प्रशासन और राहत टीमों को सक्रिय किया गया है. भोपाल में लगातार बारिश के कारण डैम और जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ रहा है. शहर के कई इलाकों में जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
विदिशा में बेतवा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा
विदिशा में बेतवा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. चरणतीर्थ इलाके में छोटे पुल से करीब 3 फीट ऊपर पानी बह रहा है. नदी का पानी लगातार बढ़ने से चरणतीर्थ मंदिर जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया है. इसके साथ ही ग्राम पथरिया में जलभराव के बीच 4 लोगों और 7 गौवंश के फंसे होने की सूचना मिली. इसके बाद होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
वहीं करारिया थाना क्षेत्र के बामनखेड़ा में बाढ़ के पानी में 16 लोग फंस गए थे. सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को रवाना किया गया. टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. विदिशा की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी ने बताया कि बाढ़ के पानी में लोगों के फंसे होने की सूचना मिली थी. इसके बाद तत्काल रेस्क्यू टीम को भेजा गया और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
घोड़ा पछाड़ नदी का जलस्तर बढ़ा
रायसेन जिले में भी भारी बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं. यहां घोड़ा पछाड़ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. नदी का पानी पुल से करीब 8 फीट ऊपर बह रहा है. पानी के तेज बहाव के कारण पुल क्षतिग्रस्त हो गया और कई गांवों का संपर्क टूट गया. प्रशासन ने लोगों से नदी और पुल के आसपास जाने से बचने की अपील की है.
शाजापुर जिले में कालीसिंध नदी उफान पर है. नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है. निचले इलाकों में प्रशासन की नजर बनी हुई है. ब्यावरा में भी बारिश ने परेशानी बढ़ा दी. रेलवे अंडरपास में पानी भर जाने के कारण करीब 25 गांवों का संपर्क टूट गया. लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कुंडालिया बांध के 8 गेट खोले गए
आगर-मालवा जिले में लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर सोयत क्षेत्र के निचले इलाकों में देखने को मिला. तेज बारिश के बाद कई मकानों में पानी घुस गया. पानी से घिरे मकानों में लोगों के फंसे होने की सूचना के बाद पुलिस-प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला. रेस्क्यू बोट की मदद से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. 150 से ज्यादा प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान और राहत कैंप तक पहुंचाया गया.
एसडीओपी सुसनेर देवनारायण यादव के मुताबिक, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे और हालात की मॉनिटरिंग करते रहे. वहीं ग्राम देहरिया सोयत में शासकीय स्कूल के आसपास भी भारी जलभराव देखा गया. कुंडालिया बांध में जलस्तर बढ़ने के बाद देर शाम तक 8 गेट खोलकर पानी की निकासी की गई. राहत की बात रही कि शाम तक कई इलाकों में पानी का स्तर कम होने लगा.
जलाशय में बह गया पश्चिम बंगाल का युवक
वहीं मंडला और डिंडोरी में पिछले 15 घंटे से हो रही बारिश के बीच जबलपुर जिले के निवास-कुंडम मार्ग पर स्थित छिताखुदरी-बिलटुकरी जलाशय में बड़ा हादसा हो गया. 9 अगस्त की दोपहर जलाशय में नहाने उतरा 35 वर्षीय मजदूर तेज पानी के बहाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते पानी में बह गया. हादसे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक कुछ ही सेकंड में तेज बहाव के बीच ओझल होता दिखाई दे रहा है.
कुंडम थाना प्रभारी सतीश अन्धमान के मुताबिक, युवक की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी शेख अब्दुल के रूप में हुई है. वह अपने साथियों के साथ एक कंपनी में काम करने आया था. घूमने के दौरान वह जलाशय में नहाने उतरा और अचानक तेज हुए पानी के बहाव में बह गया. सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची. पिछले करीब 30 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है, लेकिन अभी तक युवक का कोई सुराग नहीं मिला है. अंधेरा होने के कारण अब अगली सुबह फिर से रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाएगा.
डिंडौरी में 6 इंज बारिश दर्ज की गई
डिंडौरी और मंडला में भी रविवार को मूसलाधार बारिश हुई. डिंडौरी में करीब 15 घंटे में लगभग 6 इंच बारिश दर्ज की गई. भारी बारिश के बाद नर्मदा नदी समेत कई छोटी नदियां और नाले उफान पर आ गए. नर्मदा का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा, जिससे जबलपुर-डिंडौरी मुख्य सड़क मार्ग बाधित हुआ. वहीं गड़ासराय के पास चक्रा नदी का पुल भी पानी में डूब गया. इससे अमरकंटक आने-जाने वाला रास्ता कुछ समय के लिए बंद हो गया. हालांकि दिन ढलने के साथ बारिश थमने और जलस्तर कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली.
बारिश से फसलों को मिला पानी
बारिश के इस स्ट्रॉन्ग सिस्टम से जहां आम लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं, वहीं किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है. लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रही फसलों को पानी मिला है. हालांकि कई इलाकों में जरूरत से ज्यादा बारिश और जलभराव ने नई परेशानी खड़ी कर दी है. मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में सिस्टम के असर से कई इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी, नाले, पुल और जलाशयों के आसपास जाने से बचें. पानी शांत दिखाई देने पर भी उसका बहाव अचानक तेज हो सकता है.

शिव चौबे
शिव चौबे को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक दशक का अनुभव है. शिव ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से संस्कृत विषय में शिक्षा प्राप्त की, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक अखबार से की. इसके बाद वर्ष 2019 में वे ETV भारत से बतौर संवाददाता जुड़े, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और शिक्षा से जुड़ी उनकी कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी. वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की और व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर किया. उनकी रिपोर्ट्स के बाद जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़े. वर्ष 2021 में शिव चौबे ने TV9 भारतवर्ष में जिला रिपोर्टर के रूप में नई भूमिका की शुरुआत की. इसके बाद वर्ष 2023 में वे PTI (Press Trust of India) से जुड़े. यहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण खोजी रिपोर्टें कीं, जिनमें सिवनी जिले का चर्चित सर्पदंश घोटाला, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय से जुड़ा गोबर घोटाला तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई घोटाले शामिल है. इसके अलावा उन्होंने CAA के दौरान लगे कर्फ्यू, बरगी क्रूज हादसे और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की जमीनी रिपोर्टिंग कर अपनी अलग पहचान बनाई. निष्पक्ष, जनसरोकारों से जुड़ी और खोजी पत्रकारिता के लिए शिव चौबे को विशेष रूप से जाना जाता है.
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