मध्य प्रदेश सरकार शहरी स्थानीय निकायों में अनियमितताओं पर नकेल कस रही है, जिसमें 135 सीएमओ सहित 392 अधिकारियों को अनुशासित किया जा रहा है। नगर पालिकाओं में जवाबदेही बढ़ाने और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार के लिए, वसूली से लेकर प्रतिबंध तक की कार्रवाई की जा रही है।
By Oneindia Staff
Published: Sunday, October 25, 2026, 16:31 [IST]
भोपाल: मध्य प्रदेश में नगरीय निकायों में लापरवाही और अनियमितताओं के मामलों को लेकर सरकार ने कार्रवाई की है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे के मुताबिक, अलग-अलग स्तर के 392 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा गलत दरों पर सामान उपलब्ध कराने के मामलों में 80 से अधिक ठेकेदारों और सप्लायर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
संजय दुबे ने कहा कि नगरीय निकायों में अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई का उद्देश्य प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना और आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
ACS संजय दुबे ने बताया कि नगरीय निकायों में अनियमितताओं के मामलों में अब तक सात अधिकारियों-कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। संबंधित मामलों में करीब 3 से 4 करोड़ रुपये की वसूली भी की गई है।
उन्होंने बताया कि गलत दरों पर सामान उपलब्ध कराने वाले 80 से अधिक ठेकेदारों और सप्लायर्स के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। विभाग की ओर से अनियमितताओं के मामलों में जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कदम उठाए जा रहे हैं।
135 CMO स्तर के अधिकारियों पर भी कार्रवाई
संजय दुबे के अनुसार, अब तक विभिन्न स्तरों के 392 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मामलों की गंभीरता के अनुसार अलग-अलग तरह की कार्रवाई की गई है। कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों से वसूली की गई, कुछ की वेतन वृद्धि रोकी गई, जबकि कुछ को पदावनत किया गया और कुछ को सेवा से बर्खास्त किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का आधार संबंधित मामलों में सामने आई अनियमितता और लापरवाही की गंभीरता है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
ACS संजय दुबे ने कहा कि अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई पहले से जारी थी और आगे भी निरंतर जारी रहेगी। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नगरीय निकायों में सरकारी कामकाज नियमों के अनुसार हो और सार्वजनिक धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि लापरवाही और अनियमितताओं के मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी तथा संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सुशासन और जनकल्याण पर सरकार का जोर
मध्य प्रदेश सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। सरकार का उद्देश्य है कि विभिन्न योजनाओं और नीतियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान हो।
नगरीय निकायों में अनियमितताओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को इसी दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने तथा सरकारी व्यवस्था में अनुशासन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
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