world-news

MP: 36 घंटे में 400 किमी का सफर, 150 कांवड़िए बमनाला से त्र्यंबकेश्वर के लिए 'डाक कांवड़' लेकर रवाना

August 9, 2026

सावन माह में भगवान शिव की भक्ति का अनूठा उत्साह शनिवार सुबह बमनाला में देखने को मिला। बमनाला से त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए डाक कांवड़ यात्रा रवाना हुई। करीब 150 से अधिक कांवड़िए इस यात्रा में शामिल हुए हैं। करीब 400 किलोमीटर का सफर कांवड़िए महज 36 घंटे में पूरा करने का लक्ष्य लेकर निकले हैं। यात्रा में करीब 30 बाइक सहित 40 वाहन भी शामिल हैं। सुबह यात्रा शुरू होते ही पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा। भगवा ध्वज और कांवड़ के साथ युवाओं का जत्था शिवभक्ति में दौड़ते हुए त्र्यंबकेश्वर की ओर रवाना हुआ। यात्रा को लेकर युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। रास्ते में कांवड़ियों के स्वागत की भी तैयारियां की गई हैं।



पिछले 14 वर्षों से निकाली जा रही यात्रा


बमनाला से त्र्यंबकेश्वर तक डाक कांवड़ यात्रा पिछले करीब 14 वर्षों से निकाली जा रही है। हरियाणा और बिहार की डाक कांवड़ यात्रा की तर्ज पर शुरू हुई यह यात्रा अब क्षेत्र की धार्मिक परंपरा का हिस्सा बन चुकी है। यात्रा में शामिल कांवड़िए निर्धारित समय में त्र्यंबकेश्वर पहुंचकर ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक करेंगे। डाक कांवड़ की खासियत यह है कि इसमें कांवड़िए निर्धारित समय में लंबी दूरी तय करते हैं। यात्रा के दौरान युवा अनुशासन के साथ आगे बढ़ेंगे। अलग-अलग वाहनों के साथ कांवड़ियों की व्यवस्था की गई है, ताकि पूरे रास्ते यात्रा सुचारू रूप से चलती रहे।

विज्ञापन



जगह-जगह कांवड़ियों का स्वागत किया गया


बमनाला से रवाना होने के बाद कांवड़ियों का जत्था खरगोन शहर की ओर भी पहुंचेगा। शहर में श्रद्धालुओं द्वारा कांवड़ियों का स्वागत किया गया। हरनामदासजी महाराज के अनुसार, डाक कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालु इससे पहले तीन ज्योतिर्लिंगों की यात्रा कर चुके हैं। इस बार त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और जलाभिषेक का संकल्प लेकर कांवड़िए निकले हैं। युवाओं का कहना है कि लंबा सफर और समय की चुनौती के बावजूद भगवान शिव की भक्ति ही उन्हें लगातार आगे बढ़ने की शक्ति देगी।

विज्ञापन



ये भी पढ़ें-  गजब है एमपी: तोते के लिए 10 हजार का इनाम, घर का लाड़ला 'गोपी' कल से गायब; परेशान घरवालों ने छपवाया पोस्टर



फैक्ट फाइल

  • 400 किमी का बमनाला से त्र्यंबकेश्वर तक सफर
  • 36 घंटे में यात्रा पूरी करने का लक्ष्य
  • 150 से अधिक कांवड़िए शामिल
  • 40 छोटे-बड़े वाहन यात्रा में शामिल
  • 14 साल से लगातार निकल रही डाक कांवड़