
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव.
देश के 3 राज्यों की 3 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के परिणाम बेहद अप्रत्याशित रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 3 में से 2 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा. बिहार की बांकीपुर सीट से बीजेपी को 1995 के बाद हार मिली है, वहीं आसान मानी जा रही एमपी की दतिया सीट से भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है. बीजेपी अब दतिया उपचुनाव में मिली हार के बाद की वजह तलाशने में जुट गई है.
भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में आज मंगलवार को हाई लेवल समीक्षा बैठक होगी. बैठक में चुनाव से जुड़े करीब 20 नेताओं को बुलाया गया है, जिन्होंने चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी.
दतिया के चुनाव परिणाम ने चौंकाया
दतिया उपचुनाव के नतीजों ने बीजेपी नेतृत्व को चौंका दिया है. पार्टी को जहां शहर में अब तक की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा, तो ग्रामीण इलाकों में बीजेपी कांग्रेस से 5,215 वोट आगे रही. इसके बावजूद यह सीट कांग्रेस के खाते में चली गई. चुनाव परिणाम के बाद बीजेपी अब बूथ प्रबंधन, चुनावी रणनीति, स्थानीय संगठन की सक्रियता और प्रचार अभियान की कमियों की विस्तार से समीक्षा करने जा रही है.
सूत्रों के मुताबिक बैठक में उन नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका भी जांच के दायरे में रहेगी, जिन पर चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से हटकर काम करने के आरोप लगे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑडियो और अनुशासनहीनता की शिकायतों पर भी चर्चा हो सकती है. बैठक में तैयार समीक्षा रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी और जरूरत पड़ने पर उस पर कार्रवाई भी संभव है.
जनता का फैसला सर्वोपरिः CM मोहन
परिणाम को लेकर मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि जनता का फैसला सर्वोपरि है और बीजेपी उसका सम्मान करती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी सीट बचाने में सफल रही, लेकिन बीजेपी ने पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में अपने वोट बढ़ाए हैं. वहीं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि हार के हर पहलू की निष्पक्ष समीक्षा होगी और जहां भी संगठनात्मक कमजोरी सामने आएगी, वहां सुधार के साथ जिम्मेदारी भी तय की जाएगी.
वहीं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी परिणाम के बाद कहा कि बीजेपी बांकीपुर और दतिया सीट पर नतीजों का गहन आत्ममंथन करेगी. उन्होंने आगे कहा, “हम इन दोनों क्षेत्रों के चुनाव परिणामों का पूरी गंभीरता के साथ गहन आत्ममंथन करेंगे. साथ ही नए उत्साह और संकल्प के साथ जनता के बीच जाकर उनके विश्वास को मजबूत करने के लिए लगातार काम करते रहेंगे.

शुभम गुप्ता
शुभम गुप्ता को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक दशक से अधिक का अनुभव है. शुभम ने आरजीपीवी यूनिवर्सिटी से IT में इंजीनियरिंग की. इसके बाद ITMI से ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म सर्टिफिकेशन प्राप्त किया. उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली में “आज तक” से बतौर संवाददाता की, जहां आदर्श ग्राम योजना, नोटबंदी और मुद्रा योजना जैसी कई अहम रिपोर्ट्स ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी. दिल्ली में लगभग पांच साल काम करने के बाद शुभम ने अपने गृहप्रदेश मध्यप्रदेश का रुख किया और न्यूज़ नेशन से जुड़े. यहां उनकी कई खबरों ने व्यापक असर डाला, जैसे कृषि विस्तार अधिकारी परीक्षा घोटाले को उजागर करने के बाद सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी. साल 2020 में मध्यप्रदेश की राजनीति के ऐतिहासिक घटनाक्रम, कमलनाथ सरकार के पतन, को उन्होंने बेहद बारीकी से कवर किया. कोरोना काल में उन्होंने जान जोखिम में डालकर व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर किया, जिसके बाद सरकार को कई महत्वपूर्ण फैसले लेने पड़े. साल 2023 में शुभम गुप्ता नई भूमिका में TV9 भारतवर्ष के एमपी-सीजी ब्यूरो प्रमुख बने. यहां भी उन्होंने कई बड़े घोटाले उजागर किए, जैसे- बर्तन घोटाला, सर्पदंश घोटाला, धान घोटाला और डामर घोटाला. उनकी रिपोर्टिंग के बाद मुफ्त शव वाहन योजना को तत्काल प्रभाव से शुरू करना पड़ा. मुख्यमंत्री ने महज़ 9 घंटे में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
Read More