Morning Alarm: आप भी सुबह का पहला काम अलार्म बंद कर फिर से सो जाते है, तो यही आदत आपकी सुबह की फ्रेशनेस बिगाड़ सकती है। बार-बार नींद टूटने के बाद सुस्ती और थकान महसूस हो सकती है।
सुबह उठने के लिए लगाते हैं 4-5 अलार्म? (AI generated)
- Published: 23 Aug 2026, 10:27 AM IST
- Last Updated: 23 Aug 2026, 10:27 AM IST
Morning Alarm Snooze Button: अलार्म बजने के बाद 'बस 5 मिनट और' सोचकर दोबारा सो जाना काफी आम आदत है। कई लोग तो समय पर उठने के लिए 3-4 अलार्म तक लगा देते हैं। समस्या यह है कि हर बार अलार्म से नींद टूटने पर शरीर को दोबारा सोने और जागने के बीच झूलना पड़ता है।
इस वजह से उठने के बाद कुछ समय तक दिमाग सुस्त महसूस कर सकता है। इसे स्लीप इनर्शिया कहा जाता है, जिसमें नींद खुलने के बाद भी शरीर और दिमाग पूरी तरह एक्टिव होने में समय लेते हैं।
सुबह फ्रेश उठना है तो ये आदत बदलें
अगर रोज अलार्म बंद करके फिर सोने की आदत है, तो फोन को तकिए के पास रखने के बजाय थोड़ी दूरी पर रखें। इससे अलार्म बंद करने के लिए आपको बिस्तर से उठना पड़ेगा।
इसके अलावा रोज लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें। सबसे जरूरी बात है कि रात में शरीर को पर्याप्त नींद मिले, ताकि सुबह उठने के लिए बार-बार अलार्म की जरूरत न पड़े।
सुबह की सुस्ती कम करने के आसान तरीके
सुबह उठने के बाद कमरे में रोशनी आने दें या कुछ देर प्राकृतिक रोशनी में रहें। पानी पिएं और हल्की गतिविधि या स्ट्रेचिंग करें। नियमित स्लीप शेड्यूल रखने से भी सुबह उठने की आदत बेहतर हो सकती है।
हालांकि, कभी-कभार स्नूज करने का मतलब यह नहीं कि इससे हर व्यक्ति को नुकसान ही होगा। इसका असर आपकी नींद की अवधि, स्लीप शेड्यूल और शरीर की आदतों पर निर्भर कर सकता है।
रोज सुबह उठना बन गया है मुश्किल?
अगर आप पर्याप्त घंटे सोने के बाद भी रोज सुबह उठ नहीं पाते, दिनभर नींद आती रहती है या लगातार थकान महसूस होती है, तो इसे सिर्फ अलार्म की आदत समझकर नजरअंदाज न करें।
(Disclaimer): यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य और नींद से जुड़ी जागरूकता के लिए है। अगर पर्याप्त नींद के बावजूद लगातार अत्यधिक थकान, नींद या सुबह उठने में परेशानी रहती है, तो डॉक्टर या Sleep Specialist से सलाह लें।
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