
पश्चिम मध्य रेलवे महाप्रबंधक ऑफिस
Indore-Budhni Rail Line: मुंबई-जबलपुर रूट से अगर आप इटारसी होते हुए इंदौर जा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत अच्छी है. इंदौर-बुधनी रेल लाइन के बनने के बाद इटारसी से इंदौर की दूरी करीब 120 किलोमीटर कम हो जाएगी. पश्चिम मध्य रेलवे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने में जुटा है. इंदौर से बुधनी तक लगभग 7,400 करोड़ बनने वाली इस नई रेल लाइन की लंबाई करीब 198 किलोमीटर होगी.
इसके पूरा होने के बाद इटारसी से इंदौर की मौजूदा दूरी करीब 120 किलोमीटर कम हो जाएगी. उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में बुधनी से सलकनपुर तक करीब 24 किलोमीटर लंबे सेक्शन को कंप्लीट कर दिया जाएगा. वहीं पूरे प्रोजेक्ट को वर्ष 2030 तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां काम पूरा होने के बाद इंदौर और इटारसी के बीच रेल कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलेगा और यात्रियों का समय और दूरी दोनों बचेंगे.
पश्चिम मध्य रेलवे जोन के सीपीआरओ ने क्या बताया?
पश्चिम मध्य रेलवे जोन के सीपीआरओ मधुर वर्मा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट के नाम से बनाया जा रहा है. इस नए रेल खंड में कुल 18 स्टेशनों का प्रस्ताव है. इसमें मुख्य रूप से सलकनपुर, राघोगढ़ और मांगलिया गांव स्टेशन शामिल हैं. करीब 198 किलोमीटर लंबे इस स्ट्रेच में अधिकांश हिस्सा सिविल एरिया में है, जबकि करीब 12 किलोमीटर का हिस्सा फॉरेस्ट एरिया से होकर गुजरेगा.
रेलवे के मुताबिक, प्रोजेक्ट का काम अच्छी गति से चल रहा है. उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में बुधनी से सलकनपुर तक करीब 24 किलोमीटर लंबे सेक्शन को कमीशन कर दिया जाएगा. वहीं, पूरे प्रोजेक्ट को वर्ष 2030 तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 176 ब्रिज बनाए जा रहे हैं. इनमें 140 आरयूबी और 5 आरओबी शामिल हैं. इसके अलावा दो टनल भी बनाई जा रही हैं, जिनकी कुल लंबाई करीब 9.8 किलोमीटर होगी.
इस तरह से की गई है प्रोजेक्ट की प्लानिंग
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, प्रोजेक्ट की प्लानिंग इस तरह की गई है कि निर्माण कार्य के दौरान सिविल प्रशासन और रोड हाईवे का परिचालन भी सुचारू रूप से चलता रहे और नए रेल ट्रैक का निर्माण भी प्रभावित न हो. फॉरेस्ट एरिया में काम को लेकर भी रेलवे विशेष सावधानी बरत रहा है. सीपीआरओ मधुर वर्मा ने बताया कि वन क्षेत्रों के आसपास होने वाला काम फॉरेस्ट विभाग के मार्गदर्शन, सुपरविजन और अनुमति के साथ ही किया जाता है.
इस दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, ताकि वर्तमान और भविष्य में उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो. करीब 198 किलोमीटर लंबे इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 7,400 करोड़ रुपये है. इसके पूरा होने के बाद इंदौर और इटारसी के बीच रेल कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलेगा और यात्रियों का समय और दूरी दोनों बचेंगे.
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शिव चौबे
शिव चौबे को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक दशक का अनुभव है. शिव ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से संस्कृत विषय में शिक्षा प्राप्त की, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक अखबार से की. इसके बाद वर्ष 2019 में वे ETV भारत से बतौर संवाददाता जुड़े, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और शिक्षा से जुड़ी उनकी कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी. वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की और व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर किया. उनकी रिपोर्ट्स के बाद जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़े. वर्ष 2021 में शिव चौबे ने TV9 भारतवर्ष में जिला रिपोर्टर के रूप में नई भूमिका की शुरुआत की. इसके बाद वर्ष 2023 में वे PTI (Press Trust of India) से जुड़े. यहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण खोजी रिपोर्टें कीं, जिनमें सिवनी जिले का चर्चित सर्पदंश घोटाला, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय से जुड़ा गोबर घोटाला तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई घोटाले शामिल है. इसके अलावा उन्होंने CAA के दौरान लगे कर्फ्यू, बरगी क्रूज हादसे और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की जमीनी रिपोर्टिंग कर अपनी अलग पहचान बनाई. निष्पक्ष, जनसरोकारों से जुड़ी और खोजी पत्रकारिता के लिए शिव चौबे को विशेष रूप से जाना जाता है.
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