world-news

Meerut: पुलिस जीप से खींचकर 2 लोगों की पिटाई! क्या कांवड़ियों ने पुलिसवालों पर हमला किया? वीडियो का पूरा सच

August 4, 2026

Time Published: Tuesday, August 4, 2026, 8:36 [IST]

Meerut Kanwar Yatra Viral Video: सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश मेरठ का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग पुलिस की जीप से दो युवकों को बाहर खींचते दिखाई देते हैं। इसके बाद दोनों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट होती है।

एक युवक जान बचाने के लिए खेत की तरफ भागता है, लेकिन भीड़ उसका पीछा करती है और वहां भी पिटाई करती नजर आती है। वीडियो सामने आने के बाद कई तरह के दावे किए जाने लगे। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हुई कि क्या पीटे गए लोग सादी वर्दी में पुलिसकर्मी थे। अब इस पूरे मामले पर मेरठ पुलिस ने अपना पक्ष रखा है।

Meerut Kanwar Yatra Viral Video

वीडियो में आखिर दिख क्या रहा है?

वायरल वीडियो मेरठ के दौराला थाना इलाके में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 का बताया जा रहा है। वीडियो में पुलिस की एक जीप सड़क किनारे खड़ी दिखाई देती है। कुछ ही सेकंड में भीड़ जीप के अंदर मौजूद दो लोगों को बाहर खींच लेती है।

बाहर निकलते ही दोनों पर लाठी-डंडों से हमला शुरू हो जाता है। मौके पर मौजूद एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी बीच-बचाव की कोशिश करता है, लेकिन भीड़ काफी आक्रामक दिखती है। मारपीट के दौरान दोनों युवकों के कपड़े फट जाते हैं। वीडियो में एक युवक खुद को बचाने के लिए खेतों की तरफ भागता है। उसके पीछे कई लोग दौड़ पड़ते हैं और खेत में भी उसकी पिटाई करते दिखाई देते हैं।

वीडियो में पिटाई झेल रहे लोग फोन पर किसी से मदद मांगते हुए कहते सुनाई देते हैं, "साहब जल्दी आ जाइए, नहीं तो हम बच नहीं पाएंगे।" इस पर भीड़ की तरफ से जवाब आता है, "जिसे बुलाना है बुला ले, आज बचने वाला नहीं है।"

सोशल मीडिया पर क्या-क्या दावे किए गए?

वीडियो वायरल होते ही अलग-अलग तरह की बातें सामने आने लगीं। कुछ लोगों ने दावा किया कि जिन दो लोगों को पीटा गया, वे सादी वर्दी में पुलिसकर्मी थे। कुछ पोस्ट में यह भी कहा गया कि भीड़ पुलिस वाहन को आग लगाने की बात कर रही थी। हालांकि इन दावों की किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की। मेरठ पुलिस ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही कई बातें सही नहीं हैं।

पुलिस ने क्या बताया?

मेरठ के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए बताया कि यह घटना 2 और 3 अगस्त की रात की है। उन्होंने बताया कि एक कांवड़िया मोटरसाइकिल से गंगाजल लेने जा रहा था, जबकि दूसरा हरिद्वार से जल लेकर वापस लौट रहा था। इसी दौरान दोनों की आपस में टक्कर हो गई। टक्कर के बाद पहले कहासुनी हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। सूचना मिलते ही दौराला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग किया।

एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने बताया कि पुलिस दोनों पक्षों को थाने लेकर गई। वहां उनका मेडिकल कराया गया। इसके बाद बातचीत कराकर मामला शांत कराया गया और दोनों पक्षों को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

उन्होंने कहा, "शुरुआती जांच में मामला दो कांवड़ियों के बीच हुए विवाद का मिला है। सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की जो बातें कही जा रही हैं, वे सही नहीं हैं।"

पुलिस के मुताबिक, किसी भी पक्ष ने इस मामले में लिखित शिकायत या तहरीर नहीं दी। यही वजह रही कि इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था और मामला वहीं खत्म हो गया।

पुलिस का कहना है कि घटना के बाद इलाके में पूरी तरह शांति है। कांवड़ यात्रा को देखते हुए पहले से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। संवेदनशील जगहों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी तरह की नई घटना न हो।

वायरल वीडियो और हकीकत में कितना फर्क?

मेरठ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर तुरंत किसी नतीजे पर न पहुंचें। पुलिस का कहना है कि किसी भी वीडियो या पोस्ट को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें। अफवाह फैलाने वाली पोस्ट कानून-व्यवस्था पर असर डाल सकती हैं।

पहली नजर में वीडियो बेहद डराने वाला दिखाई देता है। लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच इसे दो कांवड़ियों के बीच हुए विवाद का मामला बता रही है। वहीं सोशल मीडिया पर किए जा रहे उस दावे को भी पुलिस ने खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि पीटे गए लोग सादी वर्दी में पुलिसकर्मी थे। फिलहाल पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों ने कोई शिकायत नहीं दी और इलाके में हालात पूरी तरह सामान्य हैं।