मथुरा में तैनात 31 वर्षीय सब-इंस्पेक्टर दरोगा पंकज कुमार यादव ने गुरुवार दोपहर अपनी सर्विस पिस्टल से माथे में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उनका शव गोकुल बैराज के समीप यमुना नदी के किनारे वर्दी में मिला। मृतक दरोगा मथुरा में एसपी ट्रैफिक के पेशकार के पद पर तैनात थे और उनकी पत्नी भी मथुरा पुलिस में सिपाही हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मथुरा में दरोगा पंकज कुमार ने माथे पर गोली मारकर जान दी (file photo)
- Published: 03 Sep 2026, 08:41 PM IST
- Last Updated: 03 Sep 2026, 08:41 PM IST
मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में गुरुवार दोपहर एक दारोगा ने सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उनका शव गोकुल बैराज के निकट यमुना नदी के किनारे वर्दी में संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। शव के ठीक पास उनकी सर्विस पिस्टल और दो मोबाइल फोन पड़े मिले। मृतक की पहचान 31 वर्षीय सब-इंस्पेक्टर पंकज कुमार यादव के रूप में हुई है, जो वर्तमान में मथुरा के एसपी ट्रैफिक के पेशकार पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।
गुरुवार को ही जारी कराई थी सर्विस पिस्टल, ड्यूटी से लौटकर उठाया कदम
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पंकज कुमार यादव वर्ष 2019 बैच के सब-इंस्पेक्टर थे और उन्होंने 30 जून 2019 को पुलिस सेवा ज्वाइन की थी। जांच में सामने आया है कि उन्होंने गुरुवार सुबह ही शस्त्रागार से अपनी सरकारी सर्विस पिस्टल जारी कराई थी। दोपहर के समय वह ड्यूटी से घर लौटे और कुछ देर बाद वर्दी में ही बाहर निकल गए। दोपहर करीब 3:45 बजे राहगीरों ने गोकुल बैराज के पास यमुना किनारे एक पुलिसकर्मी का लहूलुहान शव देखकर नियंत्रण कक्ष को सूचना दी।
माथे के आर-पार हुई गोली, मौके से नहीं मिला सुसाइड नोट
घटनास्थल पर दारोगा का शव जमीन पर बैठने की मुद्रा में मिला। गोली उनके माथे के ठीक बीचों-बीच लगी थी और सिर के आर-पार हो गई थी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और फील्ड यूनिट ने मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
घर में हुआ था विवाद, तलाश में जुटी थीं सिपाही पत्नी
पंकज कुमार यादव मूल रूप से एटा जिले के पिलुआ थाना अंतर्गत ग्राम भोजपुर के निवासी थे। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और उनके पिता राजवीर सिंह सेवानिवृत्त संग्रह अमीन हैं। वर्तमान में पंकज मथुरा के दामोदरपुरा स्थित दाऊजीधाम कॉलोनी में प्लॉट लेकर अपना मकान बनवा रहे थे और यहीं परिवार के साथ रह रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी दीप्ति जो मथुरा सदर थाने में बतौर महिला सिपाही तैनात हैं 3 वर्ष की मासूम बेटी जीवा और माता-पिता हैं।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गुरुवार सुबह किसी घरेलू बात को लेकर परिवार में कहासुनी हुई थी, जिसके बाद पंकज की मां नाराज होकर घर से निकल गई थीं। पत्नी दीप्ति सास को ढूंढने का प्रयास कर रही थीं, इसी बीच पंकज ने यमुना किनारे जाकर यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
कॉल डिटेल और फॉरेंसिक रिपोर्ट से होगी आगे की जांच
सहकर्मियों के अनुसार, दरोगा पंकज यादव का व्यवहार काफी शांत और सामान्य था और हाल के दिनों में उनके बर्ताव में किसी प्रकार का तनाव या बदलाव नहीं देखा गया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक की जेब से बरामद दोनों मोबाइलों की कॉल डिटेल सीडीआर और व्हाट्सएप चैट खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने अंतिम समय में किससे बात की थी। पुलिस पारिवारिक सदस्यों से पूछताछ कर सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच कर रही है।