लखनऊ में स्वाइन फ्लू H1N1 से इंदिरानगर निवासी एक महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। शहर में जनवरी से अब तक 13 संक्रमित मिल चुके हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए सिविल और बलरामपुर अस्पताल में विशेष आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
लखनऊ में स्वाइन फ्लू से महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट।
- Published: 28 Aug 2026, 11:33 AM IST
- Last Updated: 28 Aug 2026, 11:33 AM IST
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा-ए H1N1 से 50 वर्षीय एक महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। डॉक्टरों के अनुसार, स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य मौसमी सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण जैसे ही होते हैं, लेकिन सांस लेने में तकलीफ या ऑक्सीजन स्तर कम होना गंभीर स्थिति का संकेत है, जिसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इंदिरानगर की महिला की इलाज के दौरान मौत, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू
इंदिरानगर निवासी 50 वर्षीय महिला को गंभीर हालत में बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम सक्रिय हो गई है। टीम इस बात की जानकारी जुटा रही है कि महिला हाल ही में किन-किन स्थानों पर गई थी और किन लोगों के संपर्क में आई थी। मृतका के परिजनों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं और उन्हें जरूरी दवाएं देकर स्वास्थ्य निगरानी में रखा गया है।
सिविल और बलरामपुर अस्पताल में बने स्पेशल वार्ड
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों के समुचित इलाज के लिए अस्पतालों में पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। हजरतगंज स्थित सिविल अस्पताल में 12 बेड और बलरामपुर अस्पताल में 6 बेड का अलग आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। इन वार्डों में गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, जरूरी दवाएं और जांच की पुख्ता व्यवस्था की गई है।
एक महीने में 3 मरीज मिले, जनवरी से अब तक 13 मामले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने के भीतर लखनऊ में स्वाइन फ्लू के तीन नए मामलों की पुष्टि हुई है। वहीं जनवरी से लेकर अब तक जिले में कुल 13 लोग H1N1 वायरस से संक्रमित पाए जा चुके हैं। ज्यादातर मरीज सामान्य सर्दी-खांसी और बुखार की शिकायत लेकर सरकारी अस्पतालों में पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों की सलाह पर जांच कराने पर स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई।
मौसम बदलने पर बढ़ता है H1N1 का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में बदलाव के दौरान H1N1 वायरस तेजी से सक्रिय होता है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस की बूंदों के जरिए हवा में फैलता है। इसके अलावा वायरस से दूषित किसी सतह डोर हैंडल, रेलिंग आदि को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण फैल सकता है।
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण
स्वाइन फ्लू H1N1 से पीड़ित व्यक्ति में तेज बुखार के साथ ठंड लगना, लगातार खांसी होना और गले में खराश जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। इसके साथ ही मरीज की नाक बहने या बंद होने की शिकायत रहती है और पूरे शरीर व मांसपेशियों में तेज दर्द का अनुभव होता है। संक्रमण बढ़ने पर अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है, जबकि गंभीर स्थिति में मरीज को सांस लेने में भारी परेशानी या सांस फूलने की समस्या हो सकती है।
बचाव के लिए जरूरी सावधानियां एवं उपाय
स्वाइन फ्लू के संक्रमण से बचने के लिए खांसते या छींकते समय हमेशा अपने मुंह और नाक को रुमाल अथवा टिश्यू से ढकना चाहिए और हाथों को समय-समय पर साबुन-पानी से धोना या सैनिटाइजर का उपयोग करना आवश्यक है। सर्दी-जुकाम या बुखार के लक्षण दिखाई देने पर सार्वजनिक व भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करना चाहिए और किसी भी संक्रमित व्यक्ति से उचित शारीरिक दूरी बनाए रखनी चाहिए। इसके अलावा, इस्तेमाल किए गए टिश्यू को सुरक्षित तरीके से नष्ट करें और यदि सांस लेने में कोई तकलीफ हो या तबीयत बिगड़े, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से परामर्श लें।