
हनुमान जीImage Credit source: pexels
Hanuman ji Photo Significance: हिंदू धर्म में भगवान हनुमान को संकटमोचन कहा जाता है. मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से बजरंगबली को याद करता है, उसके जीवन से भय और नकारात्मकता दूर होती है. मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा और उनके अलग-अलग स्वरूपों का ध्यान करने का विशेष महत्व बताया गया है. हनुमान जी के कई रूपों का वर्णन धार्मिक ग्रंथों और लोक मान्यताओं में मिलता है. कहीं वे भगवान राम की सेवा करते हुए दिखाई देते हैं तो कहीं पर्वत उठाए हुए, ध्यान मुद्रा में या पंचमुखी स्वरूप में नजर आते हैं. मान्यता है कि इन अलग-अलग स्वरूपों का संबंध जीवन की अलग-अलग परिस्थितियों से जोड़ा जाता है.
संकट और डर से परेशान हैं तो कौन सी तस्वीर लगाएं?
अगर घर में बार-बार किसी तरह का भय बना रहता है या परिवार के सदस्यों को नकारात्मकता और असुरक्षा महसूस होती है, तो हनुमान जी की ऐसी तस्वीर लगाने की मान्यता है जिसमें वे वीर मुद्रा में दिखाई दे रहे हों. ऐसी तस्वीर को साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है.
स्वास्थ्य और मुश्किल समय के लिए संजीवनी पर्वत वाली तस्वीर
हनुमान जी के उन स्वरूपों में संजीवनी पर्वत उठाए हुए तस्वीर काफी प्रसिद्ध है. धार्मिक कथा के अनुसार, जब लक्ष्मण मूर्छित हो गए थे, तब हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने के लिए पूरा पर्वत ही उठा लाए थे. इसी कथा के कारण संजीवनी पर्वत वाली तस्वीर को कठिन परिस्थितियों में उम्मीद, साहस और संकट से बाहर निकलने की भावना से जोड़ा जाता है. घर में ऐसी तस्वीर रखने वाले लोग इसे मुश्किल समय में धैर्य बनाए रखने के प्रतीक के रूप में देखते हैं.
हर तरफ से संकट हो तो पंचमुखी हनुमान
पंचमुखी हनुमान जी का स्वरूप धार्मिक दृष्टि से बेहद शक्तिशाली माना जाता है. इस स्वरूप में भगवान हनुमान के पांच मुख बताए गए हैं. मान्यता है कि पंचमुखी हनुमान की आराधना भय, नकारात्मकता और बाधाओं से रक्षा के लिए की जाती है.अगर परिवार में लगातार परेशानियां चल रही हों या व्यक्ति खुद को मानसिक रूप से असुरक्षित महसूस करता हो, तो पंचमुखी हनुमान की पूजा की जाती है. कई घरों में पंचमुखी हनुमान की तस्वीर या प्रतिमा को विशेष स्थान पर स्थापित कर रोजाना पूजा करने की परंपरा भी है.
मन अशांत है तो ध्यान मुद्रा वाले हनुमान
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और बेचैनी आम समस्या बन गई है. ऐसे में हनुमान जी की ध्यान मुद्रा वाली तस्वीर मन को एकाग्र करने और शांति का भाव पैदा करने के लिए शुभ मानी जाती है.ध्यान मुद्रा में बैठे हनुमान जी की तस्वीर भगवान के शांत और भक्तिमय स्वरूप को दर्शाती है. मान्यता है कि पूजा स्थल पर ऐसी तस्वीर रखने और कुछ समय शांत होकर उसका ध्यान करने से मन को स्थिरता मिलती है. यह तस्वीर खास तौर पर उन लोगों को पसंद आती है जो पूजा के साथ ध्यान और आध्यात्मिक साधना करना चाहते हैं.
घर में नकारात्मकता महसूस हो तो क्या करें?
हनुमान जी को नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करने वाला देवता माना जाता है. यही वजह है कि कई लोग घर के मुख्य द्वार या पूजा स्थल पर हनुमान जी की तस्वीर लगाते हैं. विशेष रूप से ऐसी तस्वीर को शुभ माना जाता है जिसमें हनुमान जी का स्वरूप शांत या वीर भाव में हो.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

वरुण चौहान
इलेक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया में करीब एक दशक से ज्यादा का अनुभव. 2008 में एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन (AAFT) नोएडा से पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद कुछ अलग और नया करने की सोच के साथ मीडिया में अपने सफर की शुरुआत की. शुरुआत से ही मेरी रुचि उन विषयों को आम लोगों तक पहुंचाने में रही है, जो भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं से जुड़े हैं. अपने करियर के दौरान Channel One News, Sahara Samay, A2Z News, News Express, National Voice और पंजाब केसरी डिजिटल जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. इन संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, फील्ड रिपोर्टिंग,और डिजिटल कंटेंट को सीखने का अनुभव मिला. फिलहाल देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में धर्म और आस्था से जुड़ी खबरों, धार्मिक आयोजनों, ज्योतिष, वास्तु, पौराणिक कथाओं, मंदिरों की परंपराओं और व्रत-त्योहारों से जुड़े विषयों को सरल, सहज और तथ्यपूर्ण भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहा हूं. महाकुंभ 2025 की कवरेज मेरे करियर के महत्वपूर्ण अनुभवों में शामिल है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, अखाड़ों की परंपराओं, संत समाज की गतिविधियों और कुंभ से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर विस्तार से लिखने का अवसर मिला. इसके अलावा चारधाम यात्रा, सावन, नवरात्रि, दीपावली, होली, छठ पूजा, अमरनाथ यात्रा, रमज़ान और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों पर भी लगातार लेखन किया है. भारतीय संस्कृति, धर्म-दर्शन, ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, पुराणों और लोक आस्थाओं के अध्ययन में विशेष रुचि रखता हूं. मेरा प्रयास हमेशा यही रहता है कि धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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