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अन्ना हजारे की तबीयत बिगड़ी, मुंबई के ICU में भर्ती, अब कैसी है हालत जानिए पूरा हेल्थ अपडेट

September 1, 2026

Time Published: Tuesday, September 1, 2026, 10:52 [IST]

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के बॉम्बे अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है। वह महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि के पास एक स्थानीय अस्पताल में इलाज करा रहे थे। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए मुंबई लाया गया। डॉक्टर गौतम भंसाली की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

अचानक क्यों बिगड़ी अन्ना हजारे की हालत?

रिपोर्ट्स के मुताबिक अन्ना हजारे को गंभीर वायरल संक्रमण और शरीर में पानी की कमी की शिकायत हुई थी। उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के बॉम्बे अस्पताल लाया गया। डॉक्टर फिलहाल उनकी कई जांच कर रहे हैं। इन रिपोर्ट्स के आधार पर आगे का इलाज तय किया जाएगा। उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है।

Anna Hazare Hospitalised

कुछ रिपोर्ट्स में किडनी से जुड़ी दिक्कतों की भी जांच किए जाने की बात कही गई है। हालांकि डॉक्टरों की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। इसलिए उनकी हालत को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

हालत बिगड़ने पर मुंबई में अस्पताल में भर्ती हुए अन्ना हजारे

अन्ना हजारे की तबीयत पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं थी। पहले उनका इलाज रालेगण सिद्धि के पास कराया जा रहा था। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें मुंबई ले जाने का फैसला किया। इसके बाद उन्हें बॉम्बे अस्पताल के ICU में दाखिल किया गया। फिलहाल डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।

अन्ना हजारे देश में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का बड़ा चेहरा रहे हैं। 2011 के इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन के दौरान वह पूरे देश में चर्चा में आए थे। हालांकि महाराष्ट्र में सामाजिक काम और ग्रामीण विकास को लेकर उनकी पहचान इससे काफी पहले बन चुकी थी।

कुछ दिन पहले छात्रों के समर्थन में उतरे थे अन्ना

स्वास्थ्य खराब होने से पहले अन्ना हजारे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर भी सक्रिय थे। उन्होंने परीक्षा में कथित पेपर लीक, भर्ती में देरी और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों पर सरकार से बातचीत की अपील की थी।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनने और बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा था कि युवाओं की शिकायतों को सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला मानना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक ये मुद्दे समाज में बढ़ रही बेचैनी और युवाओं की उम्मीदों से जुड़े हैं।

छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी अन्ना हजारे ने चिंता जताई थी। उन्होंने हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के खिलाफ बात की। साथ ही सरकार और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच संवाद की जरूरत बताई।

अन्ना हजारे ने अपने लंबे आंदोलनकारी जीवन का हवाला देते हुए कहा था, "मैंने जिंदगी में 22 बार भूख हड़ताल की, लेकिन मेरे किसी आंदोलन में हिंसा नहीं हुई। किसी भी विवाद का रास्ता बातचीत और लोकतांत्रिक तरीके से ही निकलना चाहिए।"

फिलहाल अन्ना हजारे डॉक्टरों की निगरानी में ICU में हैं। अस्पताल की तरफ से उनकी आगे की स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल अपडेट का इंतजार है। इसलिए अभी सबसे अहम बात यही है कि डॉक्टरों की जांच पूरी होने के बाद उनकी सेहत को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आए।