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बेंगलुरु की सड़कों पर गाली वाला LED बोर्ड: कार में ऐसी लाइट लगाने पर लगेगा भारी जुर्माना

September 4, 2026

Published: Friday, September 4, 2026, 17:15 [IST]

बेंगलुरु में सड़कों पर दौड़ती एक रेनॉ क्विड (Renault Kwid) कार का वीडियो 4 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस कार के पिछले हिस्से पर एक LED डिस्प्ले बोर्ड लगा था, जिस पर पीछे चल रही गाड़ियों को गाली-गलौज भरा मैसेज साफ दिखाई दे रहा था। शहर के ट्रैफिक के दौरान रिकॉर्ड किए गए इस क्लिप को यूजर ने बेंगलुरु पुलिस को टैग करते हुए पोस्ट किया। इसके बाद से ही कार में ऐसी लाइट लगाने की कानूनी स्थिति, जुर्माने और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

भारत के सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स (CMVR) में इस बात के साफ नियम हैं कि किसी कार में कौन-सी लाइट्स लगाई जा सकती हैं। इसके अलावा, अदालतों ने भी बाजार से खरीदकर लगाई जाने वाली (आफ्टरमार्केट) मल्टी-कलर LED लाइट्स पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड AIS 008 के तहत अप्रूव्ड लाइट्स के साथ छेड़छाड़ करना नियमों के खिलाफ है। पीछे की गाड़ियों का ध्यान भटकाने वाला स्क्रॉलिंग LED टेक्स्ट बोर्ड किसी भी पैमाने पर लीगल नहीं है और यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है।

Bengaluru Car LED Message Board Fine: Is It Legal to Install Scrolling Lights on Your Vehicle?

कार के पीछे LED टेक्स्ट लगाना लीगल है या नहीं? जानिए कितना लगेगा जुर्माना

कार में बिना अनुमति के ऐसे बदलाव करने पर पुलिस मालिक पर धारा 182A(4) के तहत केस दर्ज कर सकती है, जिसमें हर बदलाव के हिसाब से 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगता है। अगर इस लाइट को सड़क सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है, तो धारा 190(2) के तहत 10,000 रुपये तक का चालान और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द (डिसक्वालिफाई) हो सकता है। कर्नाटक सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक धारा 182A(4) नॉन-कंपाउंडेबल है, यानी ऑन-द-स्पॉट जुर्माना भरकर मामला खत्म नहीं होगा—कोर्ट का समन आएगा और लाइट हटाने का कड़ा आदेश दिया जाएगा।

बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस को ऑनलाइन शिकायत (e-report) कैसे करें?

अगर आपको सड़क पर कोई ऐसा वाहन दिखाई देता है, तो उसकी नंबर प्लेट और लोकेशन के साथ एक साफ वीडियो बना लें। इसके बाद इसे BTP के 'ASTraM' ऐप के जरिए रिपोर्ट करें, जिसने मार्च 2025 में PublicEye ऐप की जगह ली थी। मामले को हाइलाइट करने के लिए आप X (ट्विटर) पर @blrcitytraffic को टैग करके भी पोस्ट कर सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, जनता से मिलने वाली ट्रैफिक उल्लंघन की शिकायतों के लिए ASTraM ही आधिकारिक चैनल है।

कार में कौन-सी लाइट्स लीगल हैं और किन पर कटता है चालान?

अक्सर कार मालिकों में इस बात को लेकर भ्रम रहता है कि नियम पुस्तिका के हिसाब से क्या सही है और किस एसेसरीज पर चालान कट सकता है। इसका सीधा नियम है कि हमेशा CMVR की लिस्ट में शामिल और कंपनी से मिली या सर्टिफाइड लाइट्स का ही इस्तेमाल करें। गाड़ी के पीछे लगने वाली ऐसी कोई भी लाइट जो ब्लिंक करती हो, स्क्रॉल होती हो या रंग बदलती हो, उसे ध्यान भटकाने वाला माना जाता है और इस पर पुलिस तुरंत चालान काट सकती है।

इन लाइट्स की है इजाजत (OE/नियमानुसार) इन पर है सख्त मनाही (आम उदाहरण)
कंपनी के ओरिजिनल स्पेसिफिकेशन वाली टेल, ब्रेक और इंडिकेटर लाइट्स कार के पीछे चलने वाले स्क्रॉलिंग LED मैसेज बोर्ड
CMVR नियमों के मुताबिक रिवर्सिंग लाइट और हैज़ार्ड वॉर्निंग लैंप अलग से लगाई गई ब्लिंक या फ्लैश करने वाली स्ट्रॉब ब्रेक/इंडिकेटर लाइट्स
नंबर प्लेट के लिए सफेद रोशनी (White illumination) रंग या चमक बदलने वाले टिंटेड या स्मोक्ड लैंप
अप्रूव्ड मॉडल्स में कंपनी से मिली डे-टाइम रनिंग लाइट्स (DRLs) कार के नीचे लगने वाली मल्टी-कलर अंडरबॉडी लाइट या बीकन-स्टाइल फ्लैशर

शुक्रवार तक यह वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार शेयर होता रहा और लोग पुलिस को टैग करके एक्शन की मांग करते रहे। अगर गाड़ी ट्रेस हो जाती है, तो कार मालिक पर भारी चालान और कार में पुरानी ओरिजिनल लाइट्स लगाने का आदेश दिया जा सकता है। इस पूरे मामले का सीधा संदेश यही है कि अपनी गाड़ी में नियमों के मुताबिक ही लाइट्स रखें, और मैसेज लिखने का काम सोशल मीडिया पर करें, चलती कार की डिग्गी या हैच पर नहीं।