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Laptop Neck Pain: काम के चक्कर में घंटों झुकी रहती है गर्दन? रीढ़ पर पड़ सकता है इसका असर - Haribhoomi

August 21, 2026

Laptop Neck Pain: अगर आपका समय लैपटॉप के सामने बैठकर गुजरता है, घंटों तक स्क्रीन की तरफ नीचे झुककर देखने की आदत धीरे-धीरे गर्दन, कंधों और पीठ में दर्द की वजह बन सकती है।

Laptop Neck Pain

घंटों झुकी रहती है गर्दन? रीढ़ पर पड़ सकता है असर

  • Published: 21 Aug 2026, 10:02 AM IST
  • Last Updated: 21 Aug 2026, 10:31 AM IST

Laptop Neck Pain: वर्क फ्रॉम होम हो या ऑफिस का काम, आजकल लंबे समय तक लैपटॉप पर काम करना आम हो गया है। कई लोग काम के दौरान अपनी स्क्रीन को सही ऊंचाई पर रखने के बजाय नीचे रखकर इस्तेमाल करते हैं। इससे गर्दन लगातार आगे और नीचे की तरफ झुकी रहती है। शुरुआत में यह सिर्फ हल्की अकड़न या थकान जैसा महसूस हो सकता है, लेकिन रोजाना लंबे समय तक ऐसी मुद्रा में बैठने से शरीर के पोश्चर पर असर पड़ सकता है।

लगातार नीचे देखने से क्या होता है?
जब गर्दन लंबे समय तक आगे की ओर झुकी रहती है, तो सिर का भार संभालने के लिए गर्दन और पीठ की मांसपेशियों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे मांसपेशियों में खिंचाव और जकड़न महसूस हो सकती है। ऐसे में कई लोगों को गर्दन में दर्द, कंधों में भारीपन या पीठ में असहजता जैसी परेशानी महसूस हो सकती है।

सिर्फ गर्दन ही नहीं, रीढ़ पर भी पड़ सकता है असर
लैपटॉप पर काम करते समय खराब पोश्चर का असर केवल गर्दन तक सीमित नहीं रहता। अगर व्यक्ति लगातार झुककर बैठता है, तो कंधे और पीठ भी उसी मुद्रा में रहने लगते हैं। लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठे रहने से कमर में अकड़न और पीठ में दर्द की शिकायत भी हो सकती है। खासकर उन लोगों में यह समस्या ज्यादा परेशान कर सकती है, जिनका काम दिनभर कंप्यूटर या लैपटॉप पर निर्भर है।

सिर्फ गर्दन ही नहीं, रीढ़ पर भी पड़ सकता है असर
सिर्फ गर्दन ही नहीं, रीढ़ पर भी पड़ सकता है असर

काम करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • स्क्रीन को आंखों के करीब सही ऊंचाई पर रखें
  • लैपटॉप को बहुत नीचे रखकर काम करने से बचें।
  • स्क्रीन ऊंचाई पर हो, जिससे आपको बार-बार गर्दन झुकानी न पड़े।
  • हर थोड़ी देर में ब्रेक लें।

बैठने की मुद्रा सुधारें
कुर्सी पर बैठते समय पीठ को उचित सपोर्ट दें और कंधों को ज्यादा आगे की तरफ झुकाकर न रखें। पैरों को आरामदायक स्थिति में रखें। गर्दन और कंधों को आराम दें। काम के बीच हल्की स्ट्रेचिंग और गर्दन-कंधों की सामान्य मूवमेंट से लंबे समय तक बैठे रहने से होने वाली जकड़न कम करने में मदद मिल सकती है।

कब इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
अगर गर्दन या पीठ का दर्द लगातार बना रहता है, बार-बार लौटता है या इसके साथ हाथ-पैर में सुन्नपन, कमजोरी या तेज दर्द जैसी समस्या महसूस होती है, तो इसे सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर या योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

लैपटॉप पर काम करना आज की जरूरत है, लेकिन काम करने का तरीका शरीर पर कितना दबाव डाल रहा है, इस पर ध्यान देना भी जरूरी है। स्क्रीन की ऊंचाई, सही बैठने की मुद्रा और नियमित छोटे ब्रेक जैसी आदतें लंबे समय तक काम करते हुए शरीर पर पड़ने वाले अनावश्यक दबाव को कम करने में मदद कर सकती हैं।

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