गुर्दे की पथरी का एक बार निकल जाना ही काफी नहीं है, क्योंकि सही आदतें न अपनाने पर यह समस्या दोबारा लौट सकती है। रोजमर्रा के खान-पान में सुधार, पर्याप्त पानी और सही मेडिकल जांच के जरिए इस परेशानी से आसानी से बचा जा सकता है।
Kidney Stone Prevention Tips : किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी का दर्द बेहद तकलीफदेह होता है। कई बार दवा या इलाज से पथरी बाहर निकल तो जाती है, लेकिन कुछ समय बाद दोबारा बनने लगती है।
अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो सिर्फ इलाज कराना काफी नहीं है। शरीर में मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने और दोबारा पथरी से बचने के लिए दैनिक दिनचर्या में कुछ बुनियादी सुधार करने की जरूरत होती है।
शरीर में पथरी बनने की मुख्य वजहें
जब यूरिन में पानी की मात्रा कम हो जाती है और कैल्शियम, ऑक्सालेट या यूरिक एसिड जैसे तत्व बढ़ जाते हैं, तो ये आपस में मिलकर छोटे-छोटे क्रिस्टल बना लेते हैं। यही क्रिस्टल धीरे-धीरे पथरी का रूप ले लेते हैं।
पानी कम पीना: कम पानी पीने से यूरिन गाढ़ा हो जाता है, जिससे मिनरल्स आसानी से जमा होने लगते हैं।
डाइट में ज्यादा नमक: सोडियम की अधिक मात्रा यूरिन में कैल्शियम बढ़ाती है, जिससे स्टोन का खतरा बढ़ता है।
अधिक नॉनवेज का सेवन: रेड मीट और एनिमल प्रोटीन ज्यादा लेने से शरीर में यूरिक एसिड और एसिडिटी बढ़ती है।
वजन बढ़ना: असंतुलित खान-पान और शारीरिक रूप से एक्टिव न रहना भी इसकी एक बड़ी वजह है।
जेनेटिक और मेडिकल कारण: कई बार यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) या थायरॉयड से जुड़ी दिक्कतें भी पथरी का कारण बनती हैं।
दोबारा पथरी से बचने के लिए अपनाएं ये आदतें
1. दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं
पानी की कमी दूर करना सबसे पहला नियम है। पर्याप्त पानी पीने से यूरिन पतला रहता है और उसमें मिनरल्स जमा नहीं हो पाते। गर्मियों में या वर्कआउट के समय पानी और तरल पदार्थों की मात्रा थोड़ी और बढ़ा दें।
2. नमक और पैकेज्ड फूड सीमित करें
चिप्स, नमकीन, रेडी-टू-ईट मील्स और प्रोसेस्ड फूड में सोडियम बहुत ज्यादा होता है। खाने में ऊपर से कच्चा नमक डालने से बचें और बाजार के पैकेज्ड स्नैक्स कम से कम खाएं।
3. कैल्शियम को एकदम बंद न करें
अक्सर लोग मान लेते हैं कि स्टोन होने पर दूध, दही या कैल्शियम छोड़ देना चाहिए। यह सही नहीं है। भोजन में मौजूद प्राकृतिक कैल्शियम आंतों में ऑक्सालेट को बांधकर बाहर निकालने में मदद करता है। कोई भी बड़ा बदलाव डॉक्टर की सलाह से ही करें।
4. एनिमल प्रोटीन की मात्रा संतुलित रखें
अगर आपको यूरिक एसिड स्टोन की शिकायत रहती है, तो रेड मीट और ऑर्गन मीट का सेवन सीमित करें। प्रोटीन के स्वस्थ और सुपाच्य स्रोतों को प्राथमिकता दें।
5. अपनी पथरी का प्रकार जानें
हर किडनी स्टोन एक जैसा नहीं होता। कैल्शियम ऑक्सालेट, यूरिक एसिड या स्ट्रूवाइट—आपकी पथरी किस प्रकार की थी, यह जानना जरूरी है।
इसके लिए डॉक्टर 24 घंटे का यूरिन टेस्ट या स्टोन एनालिसिस कराने की सलाह दे सकते हैं, जिससे सटीक डाइट तय हो सके।
नींबू पानी या सिट्रस ड्रिंक्स यूरिन में सिट्रेट बढ़ाकर कुछ हद तक मदद जरूर करते हैं, लेकिन इन्हें किसी गंभीर स्टोन को ‘पूरी तरह गलाने’ का पक्का उपाय मानकर सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें।
सही मेडिकल सलाह और संतुलित लाइफस्टाइल ही इस समस्या का सबसे सुरक्षित हल है।