Kajari Teej for Unmarried Girls: तीज का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है. ये पर्व मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है. धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या और व्रत किया था. यही वजह है कि तीज के व्रत को सुहाग, सुखी दांपत्य जीवन और मनचाहे जीवनसाथी की कामना से जोड़कर देखा जाता है.
साल में अलग-अलग तीज आती हैं, जिनमें हरियाली तीज, हरतालिका तीज और कजरी तीज प्रमुख हैं. आमतौर पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य, सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना से तीज का व्रत रखती हैं. हालांकि, अविवाहित लड़कियों के लिए भी इस व्रत को लेकर धार्मिक मान्यताएं और कुछ अलग नियम बताए गए हैं.
क्या कुंवारी लड़की कजरी तीज का व्रत रख सकती है?
हां, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुंवारी लड़कियां भी कजरी तीज का व्रत रख सकती हैं. अविवाहित कन्याएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा मनचाहा, योग्य और सुयोग्य जीवनसाथी पाने की कामना से करती हैं. मान्यता है कि कुंवारी लड़कियां सुंदर, शीलवान और योग्य वर की प्राप्ति के लिए ये व्रत रख सकती हैं.
कजरी तीज 2026
कजरी तीज 2026 में 31 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी. यह पर्व हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. कजरी तीज का व्रत मुख्य रूप से माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित है.
- तृतीया तिथि शुरू: 30 अगस्त 2026 को सुबह 9:36 बजे
- तृतीया तिथि समाप्त: 31 अगस्त 2026 को सुबह 8:50 बजे
कजरी तीज शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:51 बजे से 5:37 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:14 बजे से 1:04 बजे तक
- संध्या काल मुहूर्त: शाम 6:54 बजे से रात 8:03 बजे तक
कुंवारी लड़कियों के लिए तीज का व्रत
अविवाहित लड़कियां अपनी इच्छा और सामर्थ्य के अनुसार कजरी तीज का व्रत रख सकती हैं. सुहागिन महिलाओं की तरह कुंवारी कन्याओं के लिए निर्जला यानी बिना पानी के व्रत रखना अनिवार्य नहीं माना जाता है. वो अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार फलाहार कर सकती हैं या अपने घर की परंपरा के मुताबिक व्रत रख सकती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अविवाहित कन्याएं मनचाहे और योग्य जीवनसाथी की कामना से हरतालिका या हरियाली तीज का व्रत भी रख सकती हैं.
अविवाहितों के लिए कजरी तीज के नियम
सरगी:- व्रत शुरू करने से पहले सूर्योदय से पहले सरगी खाने की परंपरा कई जगहों पर है. हालांकि, कुंवारी लड़कियां अपनी क्षमता और घर की परंपरा के अनुसार इसका पालन कर सकती हैं.
व्रत का संकल्प:- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती के सामने मनचाहे और योग्य जीवनसाथी की कामना करते हुए व्रत का संकल्प लें.
शिव-पार्वती की पूजा:- माता पार्वती को फूल, फल और सुहाग की सामग्री अर्पित करें. भगवान शिव को जल और बेलपत्र चढ़ाएं.
नीमड़ी माता की पूजा:- शाम के समय भगवान शिव-पार्वती के साथ नीम की टहनी यानी नीमड़ी माता की पूजा करने की परंपरा भी कई जगहों पर है.
व्रत का तरीका:- कुंवारी लड़कियों के लिए निर्जला व्रत रखना अनिवार्य नहीं माना जाता. वो अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार फलाहार कर सकती हैं या परिवार में चली आ रही परंपरा के अनुसार व्रत रख सकती हैं.
कथा और मंत्र:- दिनभर शिव-पार्वती की आराधना करें, कजरी तीज की कथा सुनें और ‘ॐ गौरी शंकराय नमः’ मंत्र का जाप करें.
चंद्रमा को अर्घ्य:- रात में चंद्रमा के दर्शन कर उन्हें अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करने की परंपरा है.
सत्तू का महत्व:- कजरी तीज को कई जगहों पर सातूड़ी तीज भी कहा जाता है. इसलिए चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद सत्तू खाकर व्रत खोलने की परंपरा भी प्रचलित है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

सना चौधरी
सना यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली हैं. सना ने हाईटेक इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट ऑप्टिमाईजेशन और वीडियो एडिटिंग भी सीखा है. जिसके बाद सना ने अलग-अलग जगहों पर डिजिटल कॉन्टेंट राइटर और वीडियो एडिटर के तौर पर काम किया. इससे पहले सना Zee मीडिया में बतौर वीडियो और कंटेंट एडिटर काम कर चुकी हैं. उन्होंने जी न्यूज में सोशल मीडिया पेज मैनेज किया है. Zee के बाद सना ने टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट TV9hindi.com में बतौर ट्रेनी ज्वाइन किया. सना को न्यूज़ एंकरिंग का भी शौक है.
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