world-news

Kaalchakra: शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं और क्या नहीं? पंडित सुरेश पांडेय से जानिए सावन में शिव पूजा के नियम

July 31, 2026

Kaalchakra Today 31 July 2026: आज 31 जुलाई 2026, शुक्रवार के दिन सावन माह की द्वितीया तिथि है. सावन कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि का समापन रात को 10 बजकर 31 मिनट पर होगा. इसके बाद तृतीया तिथि आरंभ होगी. धनिष्ठा नक्षत्र रात को 7 बजकर 26 मिनट तक है. इसके बाद शतभिषा नक्षत्र आरंभ होगा. सौभाग्य योग रात को 11 बजकर 54 मिनट तक रहेगा. इसके बाद शोभन योग आरंभ होगा.

आज के कुछ अशुभ मुहूर्त रहने वाले हैं. आज राहुकाल सुबह 10 बजकर 46 मिनट से लेकर दोपहर को 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके बाद यमगण्ड का समय शाम को 3 बजकर 50 मिनट से लेकर शाम को 5 बजकर 31 मिनट तक रहेगा. आज के कालचक्र में सावन महीने में शिव जी की उपासना और शिवलिंग पूजन के नियमों के बारे में जान सकते हैं. आइये पंडित सुरेश पांडेय से इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें – Numerology: सावन का महीना इन 4 मूलांक के लोगों के लिए रहेगा शुभ, बनेंगे सफलता और तरक्की के योग

शिवलिंग पूजा के नियम

शिवलिंग पर चढ़ी हुई चीजों को कभी भी पीपल और तुलसी की जड़ में नहीं डालना चाहिए. शिवलिंग पर नारियल चढ़ाएं लेकिन नारियल का पानी चढ़ाने से बचें. शिवलिंग पर जलीय पदार्थ को अर्पित करने के दौरान इसकी धारा बनाकर चढ़ाएं. आपको शिवलिंग पर चढ़ाए गए फूलों, चंदन और इत्र आदि को सूघंना नहीं चाहिए. शिवलिंग पर दूध, जल और काले तिल चढ़ाने के बाद ही बेलपत्र चढ़ाना चाहिए.

---विज्ञापन---

शिवलिंग पर कुमकुम और हल्दी कभी नहीं चढ़ानी चाहिए. हल्दी को उर्वर धरती का प्रतीक माना जाता है. कुमकुम भी हल्दी से बनती है. कुमकुम और हल्दी को शिव पूजा में वर्जित माना जाता है. शिवलिंग का ठंडे जल, दूध, गन्ने के रस, दही, शहद और पंचामृत से अभिषेक कराना चाहिए. शिव जी की पूजा में इन सभी नियमों का ध्यान रखना चाहिए. शिव पूजन से जुड़े नियमों के बारे में विस्तार से जानने के लिए आज का कालचक्र देखें.

सावन महीने में शिव जी को प्रसन्न करने और उनकी पूजा से जुड़े नियमों के बारे में जानने के लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें – Hariyali Teej 2026: 14 या 15 अगस्त, कब है हरियाली तीज? सुखी वैवाहिक जीवन के लिए जरूर करें ये व्रत

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

---विज्ञापन---