झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में छात्र आंदोलन चल रहा है. बीजेपी ने आंदोलन कर रहे छात्रों को समर्थन करने का ऐलान किया है और छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ 11 अगस्त को “झारखंद बंद” बुलाया है. बीजेपी ने मंगलवार की सुबह 8 बजे से देर रात तक झारखंड बंद का आह्वान किया गया है. झारखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने संयुक्त रूप से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह ऐलान किया.
JPSC-JSSC द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में हुई अनिमियत्ता के बाद से पिछले लगभग 17 दिनों से रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्रों का अनिश्चितकालीन सत्याग्रह चल रहा है. इसी क्रम में सोमवार को छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव किया. इस दौरान पुलिस के द्वारा स्थिति को नियत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का भी उपयोग किया गया है.
आंदोलनरत छात्र JPSC-JSSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं में धांधली की सीबीआई जांच, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने, 14वी JPSC पीटी परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं.
भाजपा के झारखंड बंद पर घमासान
भाजपा नेता ने कहा कि यह बंद झारखंड के युवाओं के हक, अधिकार और न्याय की लड़ाई है।.सरकार याद रखे की लाठियों से आवाज दबाई जा सकती है, युवाओं का आक्रोश नहीं! उन्होंने छात्रों पर अत्याचार बंद करने और युवाओं को न्याय देने की मांग की. उन्होंने सरकार से JPSC-JSSC की अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की
दूसरी ओर, झारखंड में विधानसभा घेराव करने पहुंचे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की घटना और भाजपा के 11 अगस्त को “झारखंड बंद” के ऐलान पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
राकेश सिन्हा ने कहा कि छात्रों के साथ हुई घटना गंभीर है और यदि पुलिस द्वारा अनावश्यक बल प्रयोग किया गया है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन भाजपा का अचानक बंद का ऐलान छात्रों के दर्द के प्रति संवेदना कम और राजनीतिक अवसरवाद ज्यादा दिखाई देता है.
उन्होंने कहा कि भाजपा को छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीति चमकाने के बजाय यह बताना चाहिए कि केंद्र सरकार के अधीन भर्ती परीक्षाओं में लगातार उठ रहे सवालों पर वह क्या कर रही है. छात्र किसी पार्टी की राजनीतिक संपत्ति नहीं हैं. वे अपने भविष्य, रोजगार और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
कांग्रेस ने बंद पर उठाया सवाल
उन्होंने कहा कि कांग्रेस स्पष्ट रूप से छात्रों के साथ खड़ी है. लाठी किसी भी सरकार की भाषा नहीं हो सकती. छात्रों की मांगों का समाधान बातचीत और निष्पक्ष जांच से होना चाहिए, दमन से नहीं. उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि यदि वह वास्तव में छात्रों के हित में गंभीर है तो सिर्फ बंद की घोषणा क्यों? भाजपा केंद्र सरकार पर दबाव बनाए, निष्पक्ष जांच की मांग करे और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने के लिए ठोस कदम उठाए.
राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा को यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि बंद बुलाकर वह छात्रों के आंदोलन की ठेकेदार बन जाएगी. छात्रों का आंदोलन छात्रों का है और उनके भविष्य की लड़ाई को किसी दल की राजनीतिक दुकान नहीं बनने दिया जाएगा.
राकेश सिन्हा ने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है, लेकिन उसी मुद्दे पर भाजपा का राजनीतिक बंद भी समाधान नहीं है. छात्रों को न्याय चाहिए, नाटक नहीं. सरकार जवाब दे, निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों पर कार्रवाई करे—कांग्रेस छात्रों के न्याय की इस लड़ाई में मजबूती से उनके साथ खड़ी है.
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अशोक कुमार
अशोक कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 वर्षों से अधिक का अनुभव है. राजनीति, क्राइम और ऑफबीट खबरों में दिलचस्पी रखने के कारण इन क्षेत्रों की खबरों पर बेहतरीन पकड़ है. नई जगहों को एक्सप्लोर करने के साथ पढ़ने-लिखने का शौक रखते हैं. झारखंड की स्थानीय न्यूज़ चैनल में विभिन्न पदों पर काम करने के साथ-साथ, इन्होंने एपीएन न्यूज़ में बतौर ब्यूरो चीफ के रूप में भी काम किया है. अशोक कुमार ने झारखंड में पिछले 7 वर्षों के दौरान हुई छोटी-बड़ी राजनीतिक हलचलों को रिपोर्ट किया है. वर्तमान में वो टीवी9 डिजिटल से जुड़े हैं.
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