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कर्नाटक मॉडल अपनाकर झारखंड के पर्यटन को संवारने की तैयारी, JLR से साझेदारी पर बातचीत

September 3, 2026

Ranchi News: झारखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटन से जुड़ी संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए राज्य सरकार कर्नाटक के मॉडल को समझ रही है. पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के नेतृत्व में झारखंड सरकार के अध्ययन दल ने कर्नाटक में वन और पर्यटन से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की.

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कर्नाटक दौरे के दौरान पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खांड्रे और पर्यटन मंत्री के. जे. जॉर्ज से मुलाकात की. इस दौरान दोनों राज्यों के बीच पर्यटन और वन प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग को लेकर चर्चा हुई. बैठक में कर्नाटक के पर्यटन सचिव, Jungle Lodges & Resorts (JLR) के एमडी और ईडी समेत पर्यटन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

अध्ययन दल ने कर्नाटक की Jungle Lodges & Resorts की कार्यप्रणाली को भी समझा. इसमें जंगल और पर्यटन क्षेत्रों में मौजूद रिसॉर्ट्स और दूसरी पर्यटन संपत्तियों के संचालन, रखरखाव और प्रबंधन की व्यवस्था का अध्ययन किया गया. साथ ही कर्मचारियों के प्रबंधन, सामान की खरीद, रोजाना के संचालन और अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल की जानकारी ली गई.

बैठक में झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मौजूद रिसॉर्ट्स और पर्यटन परिसंपत्तियों के बेहतर संचालन के लिए JLR को Knowledge Partner के तौर पर जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई. इसके लिए दोनों राज्यों के बीच MoU और आगे की कार्ययोजना तैयार करने पर सकारात्मक बातचीत हुई.

बैठक में झारखंड की एक बड़ी समस्या मानव-हाथी संघर्ष पर भी चर्चा हुई. मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि झारखंड सरकार ने पहले कर्नाटक से 6 प्रशिक्षित कुमकी हाथियों की मांग की थी. इस मामले में कर्नाटक सरकार की ओर से सैद्धांतिक सहमति मिल गई है. अब दोनों राज्यों के अधिकारी आपसी समन्वय से आगे की प्रक्रिया तय करेंगे.

मंत्री ने कहा कि कर्नाटक के सफल मॉडल को समझने का उद्देश्य उसे झारखंड की जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार लागू करना है. सरकार का प्रयास है कि राज्य की प्राकृतिक संपदा को बचाते हुए पर्यटन स्थलों का बेहतर प्रबंधन किया जाए. इससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और झारखंड में टिकाऊ और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

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