Jharkhand News: झारखंड में कैंसर मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए छह जगहों पर रेडिएशन सेंटर और डे-केयर सुविधा शुरू होगी. ये केंद्र पीपीपी मॉडल पर संचालित किए जाएंगे.
Jharkhand News: झारखंड में कैंसर मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए छह जगहों पर रेडिएशन सेंटर और डे-केयर सुविधा शुरू होगी. ये केंद्र पीपीपी मॉडल पर संचालित किए जाएंगे.
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रांची सदर अस्पताल, झारखंड Photograph: (X)
Jharkhand News:झारखंड में कैंसर मरीजों के इलाज को बेहतर बनाने के लिए राज्य के छह शहरों में रेडिएशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे. इसके साथ ही कैंसर मरीजों के लिए डे-केयर की सुविधा भी दोबारा शुरू की जाएगी. ये सुविधाएं रांची सदर अस्पताल के अलावा धनबाद, जमशेदपुर, पलामू, हजारीबाग और दुमका के मेडिकल कॉलेजों में पीपीपी मॉडल के तहत शुरू करने की योजना है.
छह मेडिकल कॉलेजों में मिलेगी सुविधा
इस योजना को लेकर शुक्रवार (11 सितंबर) को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में जिला स्तर पर कैंसर मरीजों को कीमोथेरेपी की सुविधा देने की व्यवस्था की समीक्षा की गई. अधिकारियों को जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध मशीनों, संसाधनों, कर्मचारियों और खर्च का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया. बैठक में कैंसर के रेडिएशन इलाज के लिए आधुनिक लीनैक मशीन की जरूरत पर भी चर्चा हुई. अधिकारियों ने बताया कि मशीन के साथ रेडिएशन विशेषज्ञ, टेक्नीशियन और रेडियो फिजिसिस्ट जैसे प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत होगी. राज्य में रेडियो फिजिसिस्ट की कमी को बड़ी चुनौती बताया गया.
डे-केयर और रेडिएशन सेंटर अलग होंगे
बैठक में यह तय किया गया कि डे-केयर सेंटर और रेडिएशन सेंटर की सेवाएं अलग-अलग होंगी. डे-केयर सेंटर का संचालन प्रशिक्षित चिकित्सा पदाधिकारी के माध्यम से किया जाएगा. वहीं, रेडिएशन सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी. मशीन खराब होने की स्थिति में इलाज प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था और मशीनों के रखरखाव पर भी चर्चा हुई. बिहार में चल रहे डे-केयर मॉडल को भी बैठक में उदाहरण के तौर पर देखा गया. वहां चिकित्सा पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देकर डे-केयर सेवाएं संचालित कराई जा रही हैं.
आयुष्मान और अबुआ योजना से इलाज
रेडिएशन और डे-केयर सेंटरों में आयुष्मान भारत तथा अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के कार्डधारियों को संबंधित योजनाओं के तय पैकेज और दर के अनुसार इलाज मिलेगा. दूसरे मरीजों के लिए सीजीएचएस की निर्धारित दरों को आधार बनाने पर सहमति बनी. योजना की निगरानी के लिए विभागीय स्तर पर एक समिति बनाई जाएगी. झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता वाली समिति प्रस्ताव तैयार करने, संसाधनों के आकलन, टेंडर और संचालन व्यवस्था की निगरानी करेगी. भारत सरकार के बीजीएफ कार्यक्रम के तहत भी स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजने की तैयारी है.
मेडिकल कॉलेजों के दो समूह बनाने का प्रस्ताव
रेडिएशन सेंटरों के संचालन के लिए मेडिकल कॉलेजों को दो समूहों में रखने पर विचार किया गया है. पहले समूह में जमशेदपुर, धनबाद और दुमका, जबकि दूसरे समूह में रांची, हजारीबाग और पलामू को शामिल करने का प्रस्ताव है.
रिम्स से होगी डे-केयर सेंटरों की निगरानी
कैंसर डे-केयर सेंटरों की केंद्रीकृत निगरानी के लिए रिम्स, रांची में कंट्रोल और कमांड सेंटर बनाने की संभावना पर भी चर्चा हुई. इसके अलावा रांची, जमशेदपुर और धनबाद में पैट स्कैन की सुविधा बढ़ाने और इसे पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की संभावनाओं की भी समीक्षा की गई.
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