
BCA से ऐसे बनाएं मजबूत करियर
JEE Main में मन मुताबिक स्कोर या रैंक नहीं आने पर कई स्टूडेंट इंजीनियरिंग के अलावा दूसरे विकल्पों को लेकर परेशान हो जाते हैं. उन्हें लगता है कि बीटेक नहीं कर पाने से करियर के अच्छे अवसर भी खत्म हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है. आज के समय में टेक्नोलॉजी सेक्टर में डिग्री के साथ-साथ प्रोग्रामिंग, प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और समस्या हल करने की क्षमता भी काफी जरूरी है. BCA करने वाले स्टूडेंट भी सही दिशा में मेहनत करके IT और सॉफ्टवेयर क्षेत्र में अच्छी नौकरी हासिल कर सकते हैं. एंटरप्रेन्योर और एजुकेटर अंकुर वारिकू भी छात्रों को डिग्री की तुलना करने के बजाय अपनी स्किल्स मजबूत करने की सलाह देते हैं.
BCA को मजबूरी समझने की जरूरत नहीं
कई छात्र JEE Main में सफल नहीं होने के बाद BCA को दूसरा विकल्प मानते हैं और शुरुआत से ही खुद को BTech छात्रों से कम समझने लगते हैं. वारिकू के मुताबिक, ऐसी सोच करियर में बाधा बन सकती है. BCA करने वाले छात्रों को अपनी प्रोग्रामिंग स्किल्स, प्रोजेक्ट्स और सीखने की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए.
BCA और BTech में क्या अंतर है?
BCA आमतौर पर तीन साल का ग्रेजुएशन कोर्स है. हालांकि कुछ संस्थानों में चार वर्षीय BCA प्रोग्राम भी उपलब्ध हैं. वहीं BTech सामान्य तौर पर चार साल का कोर्स होता है. दोनों में करियर के अवसर अलग हो सकते हैं, लेकिन नौकरी मिलने में केवल डिग्री ही निर्णायक नहीं होती.
स्किल्स से बदल सकता है करियर
शुरुआत में BCA फ्रेशर्स की सैलरी BTech CS/IT ग्रेजुएट्स से कम हो सकती है, लेकिन अच्छे प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप और मजबूत टेक्निकल नॉलेज के दम पर BCA ग्रेजुएट भी बेहतर पैकेज वाली नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं. खासतौर पर प्रोग्रामिंग, वेब डेवलपमेंट, ऐप डेवलपमेंट, डेटा और AI जैसी स्किल्स उपयोगी हो सकती हैं.
परीक्षा की रैंक पूरी जिंदगी तय नहीं करती
अंकुर वारिकू ने अपने एक्सपीरियंस का उदाहरण देते हुए बताया है कि वह IIT-JEE और बाद में GATE में भी सफल नहीं हो पाए थे. इसके बावजूद उन्होंने अपने करियर में सफलता हासिल की. इससे यह समझा जा सकता है कि किसी एक परीक्षा का रिजल्ट व्यक्ति की पूरी क्षमता तय नहीं करता. लंबे समय में सीखने की आदत, मेहनत, एक्सपीरियंस और स्किल्स करियर को ज्यादा मजबूत बनाती हैं.

सपना यादव
दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता को लक्ष्य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.
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