
परिजनों ने की जांच की मांग
Jabalpur News: मध्य प्रदेश में जबलपुर के रहने वाले और वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार गहराता चला जा रहा है. शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 वृंदावन के वाराहघाट इलाके में स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की चार मंजिला इमारत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई. शुरुआती तौर पर इसे गिरने या आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा है. लेकिन परिजन इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं. परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की है.
दरअसल, 27 वर्षीय शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी पटेल मूल रूप से जबलपुर संस्कारधानी के नर्मदा बस्ती परसवाड़ा गांव के रहने वाले थे. उनका सपना भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करना था. उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन किया था और सेना की भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट भी दिया था. हालांकि दौड़ में अनफिट होने के बाद सरकारी सेवा में जाने का उनका सपना पूरा नहीं हो सका. परिवार के मुताबिक कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही उनकी धार्मिक रुचि बढ़ने लगी थी क्योंकि उनका मन पढ़ाई में कम और प्रभु की भक्ति में ज्यादा रहता था. धीरे-धीरे उनका मन सांसारिक जीवन से हटकर भक्ति और अध्यात्म की ओर जाने लगा.
परिजनों ने क्या बताया?
दीपक के परिजनों के मुताबिक उन्होंने जबलपुर में दादा गुरु के सान्निध्य में मां नर्मदा की करीब तीन हजार किलोमीटर पैदल चलकर नर्मदा परिक्रमा की थी. इसके बाद उनका झुकाव आध्यात्म और भक्ति की ओर बढ़ता चला गया. साल 2024 में उन्होंने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली और इसके बाद अपना नाम बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया दीक्षा लेने के बाद से ही वे वृंदावन में रह रहे थे. परिवार का कहना है कि भक्ति और पूजा में व्यवधान न हो, इसलिए रसिक दुलारी शरण ने फोन का इस्तेमाल भी बंद कर दिया था.
परिजन कई बार वृंदावन पहुंचे, लेकिन उनकी मुलाकात दीपक से नहीं हो सकी. अब उनकी मौत की खबर ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है. परिवार के मुताबिक एक बार वृंदावन आने के बाद दीपक एक बार वापस जबलपुर भी लौटे थे. लेकिन करीब दो साल पहले जब वे दोबारा वृंदावन आए तो फिर घर वापस नहीं लौटे और धीरे-धीरे परिवार से उनका संपर्क भी कम होता गया. परिजनों के अनुसार दीपक बिजली का काम जानते थे इसी वजह से आश्रम में उन्हें बिजली से जुड़ी सेवा का काम दिया गया था और तीन महीने पहले उन्हें गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल पर एक कमरा रहने के लिए दिया गया था.
चार मंजिल से गिरकर हुई मौत
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे आश्रम की चार मंजिला इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल से दीपक के गिरने की जानकारी सामने आई. गंभीर हालत में उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आश्रम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे से ऊपरी मंजिल से नीचे गिरने की घटना दिखाई दे रही है. हालांकि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है.
मामले को इसलिए भी संदिग्ध माना जा रहा है क्योंकि पुलिस को दीपक के कमरे से खून से सना एक ग्राइंडर मिला है. साथ ही उनके शरीर के निजी अंग पर गंभीर चोट की बात सामने आई है. पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि चोट खुद लगी थी या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी. पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन और डायरी सहित अन्य सामान कब्जे में लिया है ग्राइंडर को भी जांच के लिए सुरक्षित किया गया है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही चोटों और मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति ज्यादा साफ हो सकेगी.
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
दीपक की मौत की सूचना उनके परिवार को फोन पर दी गई. परिजनों का कहना है कि उन्हें शुरुआत में सिर्फ इतना बताया गया कि दीपक की तबीयत खराब है और वे वृंदावन आ जाएं. बेटे की सलामती की उम्मीद में परिवार जबलपुर से वृंदावन के लिए रवाना हो गया. वहीं दीपक के छोटे भाई मनीष पटेल ने बताया कि परिवार में माता लौंग बाई, पिता चेतन पटेल, एक बड़ी बहन और दो भाई हैं. मनीष के मुताबिक, दीपक पढ़ाई में अच्छे थे और कॉलेज तक पढ़े थे. बचपन से ही उनकी धार्मिक रुचि थी इसी रुचि के चलते उन्होंने नर्मदा परिक्रमा की और बाद में वृंदावन की ओर चले गए.
मनीष का कहना है कि एक बार दीपक वृंदावन से जबलपुर वापस आए थे लेकिन करीब दो साल पहले दोबारा वृंदावन जाने के बाद वह घर नहीं लौटे परिवार से बातचीत भी धीरे-धीरे कम होती गई. दीपक की मां लौंग बाई ने बताया कि पिछले साल वह अपने बेटे से मिलने वृंदावन आई थी. वह आश्रम में न रहकर दूसरी जगह रुकी थीं तब करीब पांच दिन तक वृंदावन में रहने के दौरान दीपक ने उन्हें मथुरा-वृंदावन घुमाया था.
आश्रम में मुलाकात के लिए करना पढ़ता था इंतजार
परिवार का आरोप है कि दीक्षा लेने के बाद दीपक से सीधे संपर्क करना मुश्किल हो गया था. परिजन जब भी वृंदावन उनसे मिलने आते, उन्हें इंतजार करने के लिए कहा जाता. परिवार का दावा है कि कई बार घंटों और कई बार कई दिनों तक इंतजार करने के बावजूद उन्हें दीपक से मुलाकात नहीं हो पाती थी. परिजनों का कहना है कि पिछले करीब दो साल में दीपक से उनकी बातचीत बेहद सीमित हो गई थी. परिवार इसी बात को लेकर सवाल उठा रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि घर से प्रभु भक्ति के लिए निकला उनका बेटा परिवार से इतना दूर हो गया.
दीपक के बहनोई सोनू पटेल ने आश्रम प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग वृंदावन पहुंचे. शाम करीब पांच बजे आश्रम पहुंचने के बाद उन्हें काफी देर तक बैठाकर रखा गया. सोनू पटेल के मुताबिक परिवार को शुरुआत में बताया गया कि दीपक गिर गए हैं और अस्पताल में उनका ऑपरेशन चल रहा है. परिजनों का आरोप है कि रात करीब नौ बजे तक उन्हें दीपक से मिलने नहीं दिया गया. बाद में पोस्टमार्टम हाउस में शव देखने के बाद मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
ग्राइंडर मिलने पर उठे सवाल
परिवार का यह भी आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बाद आश्रम की ओर से कोई प्रतिनिधि अस्पताल या पोस्टमार्टम हाउस तक उनकी मदद के लिए नहीं पहुंचा. परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि चार मंजिला इमारत से उनका गिरना आत्महत्या थी, दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और वजह थी.
वहीं पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में उनके ऊपरी मंजिल से गिरने की बात सामने आ रही है लेकिन घटना से पहले उनके साथ क्या हुआ. कमरे में खून से सना ग्राइंडर कैसे पहुंचा और शरीर पर गंभीर चोट कैसे आई. इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच में सामने आने बाकी हैं. पुलिस ने मोबाइल, डायरी, ग्राइंडर और सीसीटीवी फुटेज को जांच का हिस्सा बनाया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत की असल वजह सामने आने की उम्मीद है. वृंदावन पुलिस आश्रम की इमारत और आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. कोतवाली प्रभारी अश्विनी कुमार के मुताबिक मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है.
सीबीआई जांच की मांग
परिजनों का कहना है कि रसिक दुलारी शरण आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाएंगे. यह उनकी समझ से बाहर है. परिवार ने किसी अप्रिय घटना की आशंका जताई है. मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं और इन्हीं सवालों के जवाब के लिए परिजन CBI जांच की मांग कर रहे हैं. मौत की खबर मिलने के बाद परिवार के सदस्य जबलपुर से वृंदावन पहुंचे हैं. पिता चेतराम पटेल, नाना प्रेमलाल लोधी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. परिजनों का कहना है कि जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि आखिर रसिक दुलारी शरण की मौत किन परिस्थितियों में हुई.
एक तरफ जबलपुर का वह परिवार है जिसका बेटा करीब दो साल पहले घर-परिवार छोड़कर प्रभु भक्ति की तलाश में 700 किलोमीटर दूर वृंदावन पहुंचा था और दीक्षा लेकर रसिक दुलारी शरण बन गया. दूसरी तरफ अब उसी शिष्य की मौत कई सवाल छोड़ गई है. परिवार अपने बेटे की मौत की सच्चाई जानना चाहता है और पुलिस की जांच यह तय करेगी कि यह मामला आखिर किस मोड़ पर जाकर ठहरता है. फिलहाल परिवार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है.

शिव चौबे
शिव चौबे को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक दशक का अनुभव है. शिव ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से संस्कृत विषय में शिक्षा प्राप्त की, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक अखबार से की. इसके बाद वर्ष 2019 में वे ETV भारत से बतौर संवाददाता जुड़े, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और शिक्षा से जुड़ी उनकी कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी. वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की और व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर किया. उनकी रिपोर्ट्स के बाद जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़े. वर्ष 2021 में शिव चौबे ने TV9 भारतवर्ष में जिला रिपोर्टर के रूप में नई भूमिका की शुरुआत की. इसके बाद वर्ष 2023 में वे PTI (Press Trust of India) से जुड़े. यहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण खोजी रिपोर्टें कीं, जिनमें सिवनी जिले का चर्चित सर्पदंश घोटाला, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय से जुड़ा गोबर घोटाला तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई घोटाले शामिल है. इसके अलावा उन्होंने CAA के दौरान लगे कर्फ्यू, बरगी क्रूज हादसे और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की जमीनी रिपोर्टिंग कर अपनी अलग पहचान बनाई. निष्पक्ष, जनसरोकारों से जुड़ी और खोजी पत्रकारिता के लिए शिव चौबे को विशेष रूप से जाना जाता है.
Read More