इज्जत नगर स्थित IVRI कैंपस में मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर हाथों में पोस्टर थामे धरने पर बैठे Gen-Z छात्र-छात्राएं।
बरेली के इज्जतनगर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) में 150 से ज्यादा अंडरग्रेजुएट छात्र-छात्राएं पिछले तीन दिनों से धरने पर बैठे हैं। छात्र अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। हाथों में तख
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छात्रों का कहना है कि उनकी 12 महीने की अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप होती है। इसके बावजूद उन्हें केवल 6 महीने के लिए 3 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाता है। छात्र पूरे 12 महीने के लिए 25 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय की मांग कर रहे हैं।

'मेहनत हमारी, मांग हमारी' लिखे नारों के साथ तीसरे दिन भी शांतिपूर्ण अनशन पर डटे भावी वेटरनरी डॉक्टर्स।
12 महीने के लिए ₹25,000 की मांग छात्रों का कहना है कि देश के कई राज्यों और संस्थानों में इंटर्नशिप के दौरान 23 से 24 हजार रुपए तक मानदेय दिया जा रहा है। ऐसे में देश के प्रतिष्ठित संस्थान IVRI में केवल 3 हजार रुपए स्टाइपेंड मिलना उनके साथ भेदभाव है।
हरियाणा से आए एक छात्र ने बताया कि LUVAS में इंटर्नशिप अलाउंस के तौर पर 24,310 रुपए मिलते हैं। उन्होंने बेहतर संस्थान समझकर IVRI में दाखिला लिया था, लेकिन यहां उन्हें अपेक्षाकृत कम मानदेय मिल रहा है।
छात्र ने VCI के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि 12 महीने की इंटर्नशिप के साथ टीए, डीए और आवास से जुड़ी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि IVRI में रहने का खर्च खुद उठाने के बावजूद केवल 6 महीने का स्टाइपेंड दिया जा रहा है।

12 महीने की इंटर्नशिप के लिए ₹25,000 प्रति माह स्टाइपेंड की मांग करते युवा अभ्यर्थी।
नोटिस के बावजूद पीछे हटने को तैयार नहीं Gen-Z प्रदर्शन में लद्दाख, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के छात्र शामिल हैं। छात्रों का आरोप है कि प्रदर्शन खत्म करने के लिए हॉस्टल खाली कराने और अभिभावकों को नोटिस भेजने का दबाव बनाया जा रहा है।
छात्रों का कहना है कि वे किसी तरह का टकराव नहीं चाहते। उनका यह भी कहना है कि आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवाओं को बाधित नहीं किया जा रहा है। वे केवल अपनी मांगों के समाधान की मांग कर रहे हैं।
धरने पर बैठी एक छात्रा ने बताया कि छात्र सोमवार सुबह से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई छोड़कर धरने पर बैठना उनकी मजबूरी है। छात्रों की मांग है कि 6 महीने की जगह पूरे 12 महीने के लिए 25 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाए।

लद्दाख से गोरखपुर तक छात्रों का विरोध
गोरखपुर की छात्रा श्वेता सिंह और राजस्थान की छात्राओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अन्य वेटरनरी यूनिवर्सिटीज में करीब 23 हजार रुपए तक मानदेय दिया जा रहा है। ऐसे में IVRI जैसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थान में केवल 3 हजार रुपए स्टाइपेंड मिलना समझ से परे है।
छात्रों ने कहा कि जब तक उच्चाधिकारी उनकी मांगों पर लिखित और समयबद्ध फैसला नहीं लेते, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।