IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 13.7% बढ़कर ₹483 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹425 करोड़ के आसपास था। हालांकि, विदेशी मुद्रा (Forex) में नुकसान की वजह से तिमाही आधार पर मुनाफे में करीब 8.7% की हल्की गिरावट दर्ज की गई। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
कंपनी का रेवेन्यू 29.1% बढ़कर ₹4,303.23 करोड़
कंपनी की ऑपरेशंस से आय (Revenue) भी मजबूत रही। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 29.1% बढ़कर ₹4,303.23 करोड़ हो गया। वहीं, पिछली तिमाही की तुलना में भी इसमें 6.1% की बढ़ोतरी देखने को मिली। लगातार बढ़ती कमाई से साफ है कि कंपनी की आईटी सर्विस की डिमांड मजबूत बनी हुई है।
इस तिमाही की सबसे बड़ी उपलब्धि कंपनी के लिए रिकॉर्ड ऑर्डर बुक रही। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने 1.15 अरब डॉलर (1.15 Billion Dollar) का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) हासिल किया। वहीं, 536.8 मिलियन डॉलर का वार्षिक कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (ACV) भी दर्ज किया गया। कंपनी के मुताबिक, यह बड़े ग्राहकों से मिले लंबे समय के नए सौदों का नतीजा है।
हालांकि, कंपनी का EBIT मार्जिन पिछली तिमाही के मुकाबले 30 बेसिस प्वाइंट घटकर 16% पर आ गया। इसके बावजूद कंपनी ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। जून तिमाही में 1,138 नए कर्मचारियों की भर्ती की गई, जिसके बाद कुल कर्मचारियों की संख्या 28,640 हो गई। अच्छी बात यह रही कि एट्रिशन रेट (कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर) भी घटकर 12.3% रह गई, जो पिछली तिमाही में 13% थी।
कंपनी ने इस दौरान एक बड़ा रणनीतिक कदम भी उठाया। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने जर्मनी की डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी नगरो (Nagarro) के साथ बिजनेस कॉम्बिनेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। मैनेजमेंट का कहना है कि इससे कंपनी की तकनीकी क्षमता बढ़ेगी, नए बाजारों में पहुंच मजबूत होगी और वैश्विक स्तर पर कारोबार का विस्तार होगा।
कंपनी के CEO और एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर संदीप कालरा ने कहा कि यह कंपनी की लगातार 25वीं तिमाही है, जिसमें राजस्व में वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि एक प्रमुख वैश्विक टेक कंपनी के साथ 6.5 साल का रणनीतिक सर्विस एग्रीमेंट, जिसकी कुल वैल्यू 650 मिलियन डॉलर से अधिक है, कंपनी की भविष्य की ग्रोथ को मजबूत आधार देगा।
संदीप कालरा का मानना है कि आने वाले समय में सिर्फ AI मॉडल बनाना ही काफी नहीं होगा। असली सफलता उन कंपनियों को मिलेगी, जो डेटा, बिजनेस लॉजिक और एंटरप्राइज अनुभव को जोड़कर ग्राहकों के लिए बेहतर AI समाधान तैयार कर सकें। इसी रणनीति के साथ पर्सिस्टेंट सिस्टम्स आगे भी तेजी से विकास पर फोकस कर रही है।