कानपुर13 घंटे पहले
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80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कानपुर के IPS अधिकारी सत्यजीत गुप्ता को गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। वर्ष 2021 में आगरा में तैनाती के दौरान उन्होंने अपहृत डॉक्टर उमाकांत गुप्ता को 48 घंटे के भीतर चंबल के बीहड़ों से सकुशल मुक्त कराया था।
करीब नौ दिन बाद पुलिस को बदमाशों के राजस्थान के धौलपुर स्थित बीहड़ों में छिपे होने की जानकारी मिली। तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी, IPS सत्यजीत गुप्ता समेत पुलिस टीम ने जंगल की घेराबंदी की तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग में दोनों अधिकारियों के सीने में गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने के कारण उनकी जान बच गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश बदन सिंह को तीन और अक्षय को चार गोलियां लगीं। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

जंगल में मुठभेड़ के दौरान बदमाशों से मोर्चा लेते IPS सत्यजीत गुप्ता।
48 घंटे में डॉक्टर को कराया था मुक्त
13 जुलाई 2021 शाम को ट्रांसयमुना कॉलोनी निवासी डॉ उमाकांत गुप्ता (60) की शाम साढ़े सात बजे घर से निकले थे। रात 11 बजे तक घर नहीं पहुंचने के लिए परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी। जांच में जुटी पुलिस को उनकी लोकेशन सैंया के तेहरा में मिली थी।
डॉक्टर के घर के बाहर 5 करोड़ की फिरौती का पत्र मिला था। पुलिस ने एक बदमाश पवन और युवती मंगला पाटीदार उर्फ संध्या उर्फ अंजलि को अरेस्ट कर पूछताछ की। 48 घंटे के भीतर पुलिस ने चंबल से डॉक्टर को सकुशल बरामद कर लिया था।
डॉक्टर के अपहरण कांड में डकैत केशव गुर्जर के गुर्गे बदन सिंह का नाम सामने आया था। 22 जुलाई 2021 को राजस्थान, धौलपुर, कछपुरा के जंगलों में उसके छिपे होने की जानकारी पर तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी, आईपीएस सत्यजीत गुप्ता और उनकी टीम ने बदन सिंह व अक्षय को मुठभेड़ में मार गिराया था।

आगरा में तैनाती के दौरान बैच लगाते हुए तत्कालीन पुलिस कमिश्नर प्रतिंदर सिंह।
हनीट्रैप में फंसाकर किया था अपहरण
डीसीपी ईस्ट ने बताया कि डॉ गुप्ता को युवती मंगला पाटीदार उर्फ संध्या ने हनीट्रैप में फंसाकर अपने घर बुलाया था। घटनाकांड के एक माह पहले मंगला डॉ. गुप्ता से मिली थी, उसने एक युवक को भाई बताकर पथरी का ऑपरेशन कराया था, उसके बाद दवा व नौकरी के बहाने वह डॉक्टर को कॉल करती थी। घटना के दिन मंगला ने डॉक्टर को अपने घर बुलाया, जहां से बदमाश उन्हें अगवाकर चंबल के बीहड़ में ले गए थे।
अब जानिए IPS सत्यजीत गुप्ता के बारे में
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले सत्यजीत गुप्ता यूपी कैडर 2017 बैच के IPS अधिकारी हैं। इन्होंने इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बी.टेक (B.Tech) किया है। इसके साथ ही साइबर लॉ और साइबर फॉरेंसिक में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी किया है। सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी से ट्रेनिंग के बाद इनकी फील्ड ट्रेनिंग बिजनौर में हुई।
इसके बाद रामपुर में अपनी पोस्टिंग के दौरान इन्होंने खनन माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। सत्यजीत गुप्ता संत कबीर नगर के पुलिस अधीक्षक (SP) रह चुके हैं। वर्ष 2021 में वह आगरा जनपद में एसपी पश्चिम देहात के पद पर तैनात थे। मई 2025 से ये कानपुर नगर कमिश्नरेट में पुलिस उपायुक्त (DCP) के पद पर तैनात हैं।
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