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IPO पर बदला जेप्टो का मिजाज, दांव लगाने के लिए करना होगा इंतजार

July 30, 2026

Jul 30, 2026 07:53 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • जेप्टो ने अपने आईपीओ प्लान को फिलहाल रोक दिया है
  • कंपनी के को-फाउंडर आदित पलिचा और कैवल्य वोहरा जैसे प्रमोटर कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ में अपनी कोई भी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे
Zepto IPO

Zepto ने अपने IPO पर फिलहाल रोक लगा दी है

Zepto IPO News: अगर क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो के आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं तो ये खबर आपको निराश कर सकती है। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जेप्टो ने अपने आईपीओ प्लान को फिलहाल रोक दिया है। इसके बजाय कंपनी ने प्री-IPO प्लेसमेंट के जरिए 1,000 करोड़ रुपये ($105 मिलियन) से ज़्यादा जुटाने पर काम शुरू कर दिया है। यह जानकारी मनीकंट्रोल की एक खबर में सूत्रों के हवाले से दी गई है।

फंड जुटाने का है प्लान

सूत्रों ने बताया कि फंडिंग राउंड में मौजूदा निवेशकों- जैसे Glade ब्रूक, जनरल Catalyst, गुडवाटर कैपिटल और Nexus वेंचर पार्टनर्स के शामिल होने की उम्मीद है। बता दें कि SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) आईपीओ लाने वाली कंपनियों को प्री-IPO प्लेसमेंट के जरिए अपने प्रस्तावित फ्रेश इश्यू का 20 प्रतिशत तक जुटाने की इजाजत देता है। हालांकि, इस रास्ते से जुटाई गई किसी भी पूंजी को आईपीओ के फ्रेश इश्यू वाले हिस्से से घटाना होता है। इसका मतलब है कि जेप्टो आईपीओ के जरिए सिर्फ बाकी बची रकम ही जुटा सकती है।

सूत्रों के मुताबिक जेप्टो को उम्मीद है कि वह आने वाले महीनों में बेहतर मुनाफे के साथ पब्लिक मार्केट में वापसी करेगी और अपनी ज्यादा वैल्यूएशन तय कर पाएगी। कंपनी का तिमाही कैश बर्न अब लगभग 700 करोड़ रुपये है, जिसका मतलब है कि उसके पास दो और तिमाहियों के लिए कैश रिजर्व मौजूद है।

को-फाउंडर नहीं बेचेंगे हिस्सेदारी

बीते जून महीने में जेप्टो ने आईपीओ के लिए सेबी को अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया था। कंपनी के को-फाउंडर आदित पलिचा और कैवल्य वोहरा जैसे प्रमोटर कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ में अपनी कोई भी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे। ड्राफ्ट पेपर के मुताबिक, प्रवर्तक समूह के पास मौजूद 18.47 प्रतिशत हिस्सेदारी में से कोई भी हिस्सा बिक्री के लिए नहीं रखा जाएगा। सबसे बड़ा हिस्सा नैक्सस वेंचर्स बेचने जा रहा है, जो 8.77 करोड़ से अधिक शेयर बेचेगा।

कैसे रहे नतीजे?

कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में जेप्टो का राजस्व 22,623.58 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के दोगुने से अधिक है। हालांकि इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध घाटा बढ़कर 5,905.19 करोड़ रुपये हो गया। जनवरी-मार्च तिमाही में जेप्टो का राजस्व 75 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 7,497.64 करोड़ रुपये हो गया, जबकि घाटा कम होकर 1,538.67 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 64 करोड़ ऑर्डर पूरे किए, जबकि दैनिक औसत 17 लाख से अधिक ऑर्डर का रहा। मार्च 2026 तक कंपनी के की संख्या 4.79 करोड़ हो गई जबकि इसके स्टोर बढ़कर 1,139 हो गए।