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Independence Day 2026: तिरंगे के रंग में जगमगाई 112 फीट के आदियोगी की प्रतिमा, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिखा अद्भुत नजारा

August 14, 2026

अध्यात्म

  • Authored by: गुलशन कुमार
  • Updated Aug 14, 2026, 08:29 PM IST

Independence Day 2026: कोयंबटूर स्थित सद्गुरु जग्गी वासुदेव के ईशा योग केंद्र में 112 फीट ऊंची आदियोगी प्रतिमा स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर तिरंगे के रंगों में जगमगा उठी। तिरंगे के रंग में रंगी इस प्रतिमा में देशभक्ति, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के खूबसूरत संगम की झलक दिखाती नजर आई।

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तिरंगे में आदियोगी का भव्य रूप‍‍!

Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशभक्ति का रंग उस समय और गहरा हो गया, जब कोयंबटूर स्थित सद्गुरु जग्गी वासुदेव के ईशा योग केंद्र में स्थापित 112 फीट ऊंची आदियोगी प्रतिमा (Adiyogi Statue) तिरंगे के रंगों से जगमगा उठी। केसरिया, सफेद और हरे रंग की रोशनी में नहाई भगवान शिव की यह विशाल प्रतिमा श्रद्धा, योग और राष्ट्रप्रेम का खूबसूरत संगम नजर आई।

तिरंगे के रंगों में दिखा आदियोगी का भव्य स्वरूप

ईशा योग केंद्र परिसर में स्थापित आदियोगी प्रतिमा अपनी विशालता और विशिष्ट स्वरूप के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जब इस प्रतिमा को तिरंगे के तीन रंगों से रोशन किया गया, तो पूरा दृश्य बेहद आकर्षक बन गया। केसरिया, सफेद और हरे प्रकाश से सजी आदियोगी की प्रतिमा के सामने देशभक्ति और आध्यात्मिकता एक साथ दिखाई दी। रात के अंधेरे में रोशनी से चमकती यह प्रतिमा भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की भी याद दिलाती नजर आई।

सद्गुरु के आश्रम की पहचान बन चुकी है प्रतिमा

कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र में स्थापित आदियोगी प्रतिमा सद्गुरु जग्गी वासुदेव के आध्यात्मिक परिसर का प्रमुख आकर्षण है। साल 2017 में इस प्रतिमा का अनावरण किया गया था। 112 फीट ऊंची यह प्रतिमा योग के प्रथम गुरु यानी आदियोगी शिव को समर्पित है। ईशा फाउंडेशन के अनुसार, आदियोगी का संदेश मानव शरीर और मन की सीमाओं से आगे बढ़कर आंतरिक संभावनाओं को तलाशने से जुड़ा है। प्रतिमा के सामने होने वाले योग और ध्यान से जुड़े आयोजन भी इस स्थान को विशेष आध्यात्मिक पहचान देते हैं।

देशभक्ति और अध्यात्म का अनोखा संगम

भारत में भगवान शिव को केवल आराध्य देव के रूप में ही नहीं, बल्कि योग और ध्यान की परंपरा के आदि स्रोत के रूप में भी देखा जाता है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर आदियोगी को तिरंगे के रंगों में रोशन करना भारतीय संस्कृति और राष्ट्रप्रेम के बीच एक खूबसूरत प्रतीकात्मक जुड़ाव प्रस्तुत करता है।

स्वतंत्रता दिवस भारत के गौरव, संघर्ष और एकता का पर्व है। वहीं आदियोगी भारतीय योग परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक हैं। तिरंगे की रोशनी में जगमगाती 112 फीट ऊंची यह प्रतिमा इसी भाव को एक भव्य दृश्य के रूप में सामने लाती है- जहां देशभक्ति, संस्कृति और अध्यात्म एक ही रोशनी में नजर आते हैं।

gulshan kumar

गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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