Updated: Saturday, September 19, 2026, 10:42 [IST]
IIT Bombay Student Death: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे में दूसरे वर्ष के एक छात्र की मौत के बाद कैंपस में हंगामा मच गया। परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन से ChatGPT पर सवालों के जवाब तलाशने की बात सामने आई है। संस्थान और छात्रों के दावों में अंतर है। आखिर उस दिन क्या हुआ था और छात्र की मौत के बाद कौन-कौन से सवाल उठ रहे हैं?
IIT बॉम्बे में 18 सितंबर की शाम एक छात्र की मौत हो गई। छात्र ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में दूसरे वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। संस्थान के मुताबिक, परीक्षा के दौरान वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। उसने प्रश्नपत्र की तस्वीर या सामग्री ChatGPT पर अपलोड करके जवाब तलाशने की कोशिश की गई थी।
परीक्षा के बाद छात्र को उसके प्रशिक्षक और विभागाध्यक्ष से बातचीत के लिए बुलाया गया। आईआईटी बॉम्बे का कहना है कि दोनों ने उससे बात की और उसे समझाया। छात्र को यह भी भरोसा दिलाया गया कि इस घटना का उसके शैक्षणिक भविष्य पर बुरा असर नहीं पड़ेगा।
संस्थान के मुताबिक उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। बातचीत के बाद छात्र अपने छात्रावास के कमरे में लौट गया। शाम को वह अपने कमरे में मृत मिला। संस्थान ने छात्र की मौत पर गहरा दुख जताया है। साथ ही, उसके दोस्तों, सहपाठियों, शिक्षकों और इस घटना से प्रभावित लोगों को मदद देने की बात कही है।
छात्रों ने उठाए सवाल
छात्र की मौत की खबर फैलने के बाद आईआईटी बॉम्बे के मुख्य द्वार के बाहर छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने घटना की परिस्थितियों को लेकर प्रशासन से जवाब मांगा। उन्होंने संस्थान के निदेशक से मुलाकात की मांग भी रखी। विरोध देर रात तक जारी रहा और पुलिस को कैंपस में बुलाया गया।
कुछ छात्रों ने घटना का अलग विवरण सामने रखा। उनका दावा था कि परीक्षा के दौरान छात्र को दूसरे विद्यार्थी की उत्तर पुस्तिका देखते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद उसे परीक्षा कक्ष से बाहर जाने को कहा गया। छात्रों के मुताबिक, उसे अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन तक की आशंका बताई गई थी।
हालांकि आईआईटी बॉम्बे ने अपने बयान में इस दावे को खारिज किया। संस्थान ने कहा कि छात्र मोबाइल फोन पर प्रश्नपत्र के जरिए ChatGPT से उत्तर हासिल करने की कोशिश करते पकड़ा गया था। संस्थान ने यह भी दोहराया कि उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं हुई थी।
IIT Bombay Statement: संस्थान ने क्या कहा?
आईआईटी बॉम्बे ने कहा, "छात्र से प्रशिक्षक और विभागाध्यक्ष ने बातचीत की थी। उसे समझाया गया और भरोसा दिया गया कि इस घटना का उसके शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद वह छात्रावास लौट गया, जहां शाम को उसकी मौत की जानकारी मिली।"
संस्थान ने आगे कहा,
"आईआईटी बॉम्बे एक छात्र को खोने से बेहद दुखी है। हम उसके दोस्तों, सहपाठियों, शिक्षकों और इस दुखद घटना से प्रभावित अन्य लोगों को हर संभव सहयोग दे रहे हैं।"
आईआईटी बॉम्बे ने यह भी बताया कि छात्र की मौत से जुड़े हालात की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं। फिलहाल, छात्र की मौत के पीछे की वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
IIT दिल्ली में भी हुई थी छात्र की मौत
आईआईटी बॉम्बे की घटना से पहले आईआईटी दिल्ली में भी एक छात्र की मौत का मामला सामने आया था। 22 अगस्त को 31 वर्षीय एमएससी भौतिकी के दूसरे वर्ष के विद्यार्थी की लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी।
पुलिस के मुताबिक, छात्र सुबह करीब 8 बजे आईआईटी दिल्ली के मुख्य द्वार से कैंपस में दाखिल हुआ था। इसके बाद वह लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स पहुंचा और लिफ्ट से छठी मंजिल पर गया। वहां से गिरने के बाद उसे कैंपस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने बताया कि छात्र बिहार का रहने वाला था। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था। मौत की वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही थी। आईआईटी बॉम्बे में हुई घटना ने एक बार फिर उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक दबाव, परीक्षा व्यवस्था और संस्थागत सहायता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इस मामले में छात्र की मौत का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
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