
हथियार, गोला-बारूद और IED बरामदImage Credit source: TV9
मणिपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए चल रहे अभियान में सुरक्षा बलों और मणिपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. दो अलग-अलग जिलों में चलाए गए तलाशी अभियानों के दौरान भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, संचार उपकरण और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई.
पुलिस के अनुसार, रविवार को थौबल पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले अरोंग नदी के पास एकोक पाट इलाके में तलाशी अभियान चलाया. ऑपरेशन के दौरान छिपे हुए हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया. बरामद सामान में दो INSAS राइफल, एक MP-5 सब-मशीन गन, एक SLR राइफल, दो .303 राइफल, आठ मैगजीन, एक स्मोक बम और अलग-अलग कैलिबर के 379 जिंदा कारतूस शामिल थे.
तेंगनौपाल जिले के जंगल से हथियार बरामद
इसके अलावा, 1 अगस्त यानी शनिवार को सुरक्षा बलों ने तेंगनौपाल जिले के मोरेह पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में भारत-म्यांमार सीमा के पास बॉर्डर पिलर 72 और 73 के बीच के जंगली इलाके में एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया. इस ऑपरेशन के दौरान एक 9mm पिस्तौल, एक डबल-बैरल बंदूक, छह रेडियो संचार सेट, दो हैंड ग्रेनेड और छह IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद किए गए.
सभी छह IED को किया नष्ट
सुरक्षा बलों ने बताया कि बरामद किए गए सभी छह IED को सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार मौके पर ही (इन-सिटू) निष्क्रिय और नष्ट कर दिया गया, जिससे किसी भी संभावित खतरे को टाल दिया गया.
तलाशी और निगरानी अभियान जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आसपास के संवेदनशील इलाकों में तलाशी और निगरानी अभियान जारी हैं. वहीं, सुरक्षा एजेंसियां बरामद हथियारों और विस्फोटकों के स्रोत के साथ-साथ उनसे जुड़े लोगों की पहचान करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं.
9 उग्रवादियों को किया गिरफ्तार
इससे पहले मणिपुर में सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर पिछले 24 घंटों में अलग-अलग ऑपरेशन चलाकर प्रतिबंधित विद्रोही समूहों से जुड़े नौ उग्रवादियों को गिरफ्तार किया. तलाशी के दौरान उनसे हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी.
इन इलाकों में चला ऑपरेशन
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मणिपुर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान थोउबल, तामेंगलोंग, काकचिंग, चंदेल, इंफाल वेस्ट और इंफाल ईस्ट जिलों से इन नौ उग्रवादियों को पकड़ा गया.

मोहम्मद जुनेद अख्तर
मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं. करियर की शुरुआत साल 2013 में 'अमर उजाला' गाजियाबाद से की थी. यहां इन्होंने करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया. फरवरी 2014 में नवोदय टाइम्स अखबार से जुड़ गए और गाजियाबाद में ही रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर की. करीब एक साल बाद 2015 में गाजियाबाद से दिल्ली ट्रांसफर हो गया. दिल्ली में अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए. अगस्त 2016 में दिल्ली से नोएडा ट्रांसफर हो गया. नोएडा में क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम किया. इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला. 2024 में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. इस दौरान 'उत्तर प्रदेश टाइम्स' की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया. जनवरी 2025 में न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. यहां जुनेद अख्तर ने बतौर सब एडिटर काम किया और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर काम किया. सितम्बर 2025 से TV9 भारतवर्ष की वेबसाइट में सीनियर सब एडिटर के तौर पर जुड़े.
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