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फिजी में HIV एड्स के 9100 मरीज, नेशनल इमरजेंसी लागू और मदद की गुहार, जानें भारत में क्या है संक्रमण की स्थिति?

September 18, 2026

दक्षिण प्रशांत महासागर के मेलानेशिया में बसे देश फिजी में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित हो गया है, क्योंकि देश में HIV एड्स के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिस वजह से मृत्यु दर भी तेजी से बढ़ रही है. हालातों को देखते हुए फिजी ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषण करके दुनियाभर के देशों से संकट में मदद की गुहार लगाई है. फिजी के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एंटोनियो लालाबालावु ने मीडिया ब्रीफिंग करके राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की और बताया कि देश की आबादी करीब 9 लाख है और इसमें से 9100 लोग एड्स से पीड़ित हैं. वहीं संक्रमण सबसे ज्यादा बच्चों और नवजात शिशुओं में फैल रहा है, इसलिए मृत्यु दर भी उच्च स्तर पर पहुंच गई है.

#Fiji declared a national #HIV crisis after 2,016 diagnoses in 2025 around 16× the 2019 level. @UNAIDS estimates only 39% knew their HIV status and just 22% were accessing antiretroviral treatment. Transmission linked to both sexual exposure & drug use. https://t.co/zuqy3xcYdj pic.twitter.com/thgPKiviku

— Dr Melvin Sanicas (@Vaccinologist) September 17, 2026

साल 2025 में एड्स संक्रमित 117 लोगों की मौत

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एंटोनियो लालाबालावु ने बताया कि फिजी में वर्तमान में हर 60 में से 1 वयस्क HIV एड्स पीड़ित है, जबकि 5 साल पहले यह दर 167 में से 1 थी. वहीं साल 2025 में HIV एड्स से 117 लोगों की मौत हुई, जबकि साल 2021 में 25 लोगों की मौत हुई थी. देश में HIV एड्स फैलने का मुख्य कारण असुरक्षित यौन संबंध और सुई को बदले बिना इंजेक्शन से नशीली दवाओं का सेवन करना है. इस वजह से एक से दूसरे में HIV एड्स फैल रहा है. केंद्र सरकार ने युद्धस्तर पर फ्री टेस्टिंग शुरू कर दी है. वहीं नशा करने वालों के लिए सुई और सिरिंज एक्सचेंज प्रोग्राम लागू करने के साथ प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (PrEP) दवा को लोगों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है.

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महामारी को फैलने से रोकने को लगाई इमरजेंसी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि HIV एड्स देश में महामारी बनती जा रही है और इसकी गंभीरता को देखते हुए इमरजेंसी लागू करने का फैसला लिया गया है, क्योंकि महामारी को फैलने से रोकने के लिए इमरजेंसी लागू करने की सख्त जरूरत है. हालांकि भारत, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, द ग्लोबल फंड और संयुक्त राष्ट्र संघ महामारी से निपटने में मदद कर रहे हैं, लेकिन यूनाइटेड नेशन्स (UN) से जुड़ी एड्स मरीजों की संस्था के अनुसार, फिजी में HIV एड्स संक्रमितों की संख्या में दुनियाभर में बहुत तेजी से बढ़ोतरी हुई है और अब यह महामारी बनकर देश में फैलती जा रही है. फिजी के लिए ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड नशीली दवाओं के लिए सबसे बड़े सप्लायर और ट्रांजिट हब हैं.

🎨Science Visuals | #HIV (Human Immunodeficiency Virus): From Infection to Immune System Damage

HIV targets CD4+ T cells, gradually weakening the immune system. Without effective treatment, advanced HIV infection can progress to AIDS. Antiretroviral therapy (ART) can suppress… pic.twitter.com/wTuf10G12Q

— MedChemExpress (@MedChemExpress) September 18, 2026

भारत समेत 7 देशों में फैसला HIV एड्स संक्रमण

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने के अनुसार, कोरोना काल खत्म होने के बाद फिजी में मेथमफेटामाइन और कोकीन ड्रग्स की सप्लाई तेजी से बढ़ी और अब यह मार्केट में बिकने लगी है. HIV एड्स का संक्रमण फिजी से पहले इस्वातिनी, दक्षिण अफ्रीका, लोसेटो, बोत्सवाना, मोजांबिक, जिम्बावे में फैला है. बीते दिन भारत ने बोत्सवाना को HIV एड्स पीड़ितों के इलाज के लिए 10 टन एंटीरेट्रोवायरल दवाएं भेजीं हैं. इसलिए भारत से भी मदद की अपील की गई है. भारत में करीब 26 लाख लोग एड्स से पीड़ित हैं और व्यस्कों में इस बीमारी का प्रसार सिर्फ 0.2 प्रतिशत है. 2010 से 2026 तक भारत में HIV मरीजों की संख्या में 44 प्रतिशत और एड्स पीड़ितों की मौत में 81 प्रतिशत की गिरावट आई है.

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भारत में मिजोरम में संक्रमण फैलने की दर सर्वाधिक

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर गर्भवती महिला का HIV टेस्ट किया जाता है और हर साल करीब 3 करोड़ फ्री टेस्ट होते हैं. हालांकि भारत में राष्ट्रीय स्तर पर HIV एड्स के मरीजों की संख्या कम है, लेकिन मिजोरम में संक्रमण फैलने की दर सबसे ज्यादा 2.32% है. इसके बाद सूची में 1.45% दर के साथ नागालैंड और 1.18% दर के साथ मणिपुर है. वहीं 26 लाख मरीजों में सबसे ज्यादा मरीज महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, और कर्नाटक में हैं. 73% मरीजों को एड्स असुरक्षित यौन संबंध बनाने से हुआ. 11.5% लोगों को एड्स सूई बदले बिना एक इंजेक्शन से ड्रग लेने, 5.4% लोगों समलैंगिक संबंधों से और 3.5% बच्चों को मां से संक्रमण मिला.

India sent 10 tons of Anti-Retroviral medicines to Botswana. Medicines that will be used for HIV/AIDS treatment. pic.twitter.com/QgGKBpCmoY

— Sidhant Sibal (@sidhant) September 16, 2026

खतरनाक और जानलेवा बीमारी HIV एड्स संक्रमण

बता दें कि HIV एड्स बेहद खतरनाक और जानलेवा बीमारी है, क्योंकि दुनिया में इसकी कोई दवाई या वैक्सीन नहीं बनी है, लेकिन एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) नामक दवाई से इसे फैलने से रोका जा सकता है. इसलिए भारत सरकार देशभर में सेंटरों के जरिए मरीजों को मुफ्त एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) दवा उपलब्ध करती है. एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान 18 लाख से ज्यादा लोग दवाई यूज कर रहे हैं. देशभर में HIV टेस्ट फ्री किए जाते हैं और उसकी रिपोर्ट के साथ टेस्ट कराने वाले का नाम गोपनीय रखा जाता है. ART दवाई से भारत ने केवल बीमारी को फैलने से रोक रहा है, बल्कि दुनियाभर के देशों को दवाई सप्लाई करके मदद भी कर रहा है.

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