HDFC Bank: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के नए मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO अनूप बागची को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. बैंक अपने नए प्रमुख को सालाना करीब 35.90 करोड़ रुपये तक का भारी-भरकम पैकेज देने की तैयारी में है. अगर इस प्रस्ताव पर मुहर लग जाती है, तो बागची भारत के बैंकिंग इतिहास में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले CEO बन जाएंगे.
इसके अलावा बैंक ने उनको एक बार मिलने वाला 7.35 करोड़ रुपये का जॉइनिंग बोनस देने का भी फैसला किया है. अगर इस जॉइनिंग बोनस को सालाना पैकेज के साथ जोड़ दिया जाए, तो उनकी कुल कमाई का आंकड़ा 43.24 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है. हालांकि यह पूरी रकम उनको तभी मिलेगी जब उनका प्रदर्शन तय मानकों पर खरा उतरेगा और शेयरों से जुड़ी शर्तें पूरी होंगी.
शेयरधारकों से मांगी गई औपचारिक मंजूरी
अनूप बागची की नियुक्ति और उनकी सैलरी से जुड़े इस पूरे पैकेज को अंतिम रूप देने के लिए HDFC Bank ने अपने शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है. देश के केंद्रीय बैंक यानी भारतीय रिजर्व बैंक ने उनकी नियुक्ति पर पहले ही अपनी सहमति की मुहर लगा दी है. अब बैंक के नियमों के तहत शेयरधारकों से वोटिंग के जरिए इस प्रस्ताव को पास कराया जा रहा है.
यह पूरी प्रक्रिया पोस्टल बैलेट और ई-वोटिंग के जरिए पूरी की जा रही है, जो 8 अक्टूबर से शुरू होकर 6 नवंबर तक चलेगी. वोटिंग पूरी होने के बाद ही इस पैकेज को अंतिम रूप से लागू माना जाएगा. बैंक प्रबंधन को पूरी उम्मीद है कि शेयरधारक इस प्रस्ताव का पूरा समर्थन करेंगे.
सालाना पैकेज का पूरा गणित
बैंक द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार, बागची के 35.90 करोड़ रुपये के सालाना पैकेज को दो बड़े हिस्सों में बांटा गया है. इसमें पहला हिस्सा 8.97 करोड़ रुपये की फिक्स्ड सैलरी का है, जो उनको हर हाल में तय समय पर मिलेगा. दूसरा हिस्सा प्रदर्शन पर आधारित वैरिएबल सैलरी का है, जो अधिकतम 26.92 करोड़ रुपये तक हो सकता है.
खास बात यह है कि उनकी वैरिएबल सैलरी उनकी फिक्स्ड सैलरी से लगभग तीन गुना ज्यादा रखी गई है. फिक्स्ड सैलरी के भीतर 3.32 करोड़ रुपये बेसिक सैलरी के रूप में मिलेंगे. इसके अलावा 1.66 करोड़ रुपये घर की सुविधाओं के लिए, 54 लाख रुपये कार भत्ते के तौर पर और बाकी रकम अन्य भत्तों व रिटायरमेंट लाभों के लिए तय की गई है.
वैरिएबल पे और शेयर विकल्पों की शर्तें
वैरिएबल पे के रूप में मिलने वाले 26.92 करोड़ रुपये में से 8.88 करोड़ रुपये सीधे नकद यानी कैश के रूप में दिए जाएंगे. वहीं बाकी बचे 18.04 करोड़ रुपये कर्मचारी शेयर विकल्पों यानी ESOPs के रूप में मिलेंगे. इन शेयर विकल्पों की कीमत 253.42 रुपये प्रति विकल्प आंकी गई है. बैंक ने इन भुगतानों को लेकर कुछ जरूरी शर्तें भी तय की हैं, ताकि नए प्रमुख का ध्यान बैंक के लंबे समय के मुनाफे और स्थिरता पर बना रहे. शेयर विकल्प उनको एक साथ नहीं मिलेंगे, बल्कि चार साल की अवधि में धीरे-धीरे दिए जाएंगे. इसी तरह नकद मिलने वाले इंसेंटिव का आधा हिस्सा भी तीन साल के लिए रोककर रखा जाएगा और तय समय बाद ही खाते में आएगा.
जॉइनिंग बोनस और पिछली कंपनी से बड़ी बढ़त
सालाना पैकेज के अलावा बैंक ने अनूप बागची को अपने साथ जोड़ने के लिए 7.35 करोड़ रुपये का एकमुश्त जॉइनिंग बोनस देने की घोषणा भी की है. इस बोनस में 3.19 करोड़ रुपये के रेस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स और 4.16 करोड़ रुपये के शेयर विकल्प शामिल किए गए हैं. इन दोनों का लाभ भी उनको अगले चार सालों के दौरान किस्तों में मिलेगा.
बागची का यह नया पैकेज उनकी पिछली कंपनी ICICI Prudential Life Insurance की तुलना में बहुत बड़ा उछाल दिखाता है. वहां वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उनका पैकेज करीब 18.9 करोड़ रुपये था. अब HDFC Bank में यह बढ़कर करीब 35.9 करोड़ रुपये सालाना हो जाएगा, जो सीधे तौर पर लगभग 90 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी है.
देश के अन्य दिग्गज बैंक प्रमुखों से तुलना
अगर देश के अन्य बड़े बैंक प्रमुखों के वेतन से तुलना करें, तो बागची का पैकेज सबसे ऊपर नजर आता है. HDFC Bank के मौजूदा प्रमुख शशिधर जगदीशन को वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 28.65 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें ग्रॉस सैलरी और स्टॉक ऑप्शन शामिल थे. इसी तरह HDFC Bank के डिप्टी एमडी कैजाद भरूचा को 26.32 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था.
दूसरे प्राइवेट बैंकों की बात करें तो Kotak Mahindra Bank के प्रमुख अशोक वासवानी को 17.24 करोड़ रुपये और ICICI Bank के प्रमुख संदीप बख्शी को लगभग 10.64 करोड़ रुपये का कुल पैकेज मिला था. इस लिहाज से बागची बाकी सभी दिग्गजों को काफी पीछे छोड़ देंगे.
27 अक्टूबर से संभालेंगे बैंक की बागडोर
56 साल के अनूप बागची आने वाली 27 अक्टूबर को HDFC Bank के नए MD और CEO के रूप में अपनी कुर्सी संभालेंगे. उनका यह कार्यकाल तीन साल के लिए तय किया गया है. वह शशिधर जगदीशन की जगह लेंगे, जिन्होंने बैंक को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाया है. हालांकि नए पद के साथ बागची के कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारियां भी आने वाली हैं. उन्हें बैंक के रिटेल लोन के कारोबार को नई रफ्तार देनी होगी, बैंक के घटते मार्जिन को फिर से मजबूत बनाना होगा और विलय के बाद शेयर बाजार के निवेशकों का भरोसा पूरी मजबूती के साथ वापस जीतना होगा. पूरी इंडस्ट्री की नजरें अब उनकी नई पारी पर टिकी हुई हैं.
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